जीवन
निकोस कुंदूरोस, जिनका नाम Nikos Koundouros या Níkos Koúndouros भी लिखा जाता है, क्रीट से पारिवारिक संबंध रखने वाले यूनानी फ़िल्मकार थे। उनका जन्म 1926 में हुआ। उन्होंने एथेंस के ललित कला विद्यालय में चित्रकला और मूर्तिकला पढ़ी और 1948 में स्नातक हुए। चेहरों, शरीरों, रोशनी और फ़्रेम में आकृतियों की व्यवस्था पर उनका ध्यान इसी प्रशिक्षण को दर्शाता रहा।
कब्ज़े के दौरान वे वामपंथी प्रतिरोध में शामिल हुए और बाद में राजनीतिक निर्वासन में माक्रोनिसोस भेजे गए। वहाँ थानासिस वेंगोस जैसे कलाकारों से मिले, जिन्होंने आगे उनकी फ़िल्मों में अभिनय किया। रिहाई के बाद वे सिनेमा की ओर मुड़े। पहला पूर्ण लंबाई का चलचित्र Μαγική πόλη (जादुई शहर) 1954 में आया, जिसकी पटकथा मार्गरीटा लिम्बेराकी ने लिखी। दो वर्ष बाद Ο Δράκος (एथेंस का दैत्य) आई, जिसके लेखक इआकोवोस काम्बानेलिस और प्रमुख अभिनेता दिनोस इलियोपुलोस थे।
1967–1974 की सैनिक तानाशाही में कुंदूरोस विदेश में रहे, जिनमें पेरिस, रोम और लंदन शामिल थे। लोकतंत्र लौटने पर उन्होंने यूनान में राजनीतिक संगीत-समारोह और सार्वजनिक सभाएँ फ़िल्माईं। बाद की फ़िल्मों ने आघातपूर्ण इतिहास को फिर देखा, जबकि नाट्य-निर्देशन ने यूनानी नाटक और संगीत परंपराओं में उनकी रुचि बढ़ाई। 22 फ़रवरी 2017 को उनका निधन हुआ। ERT का 2005 में बना दो भागों वाला Μονόγραμμα (मोनोग्राम) उनकी कलात्मक और राजनीतिक यात्रा का अपना बयान सुरक्षित रखता है।
कृतियाँ

Μαγική πόλη (जादुई शहर, 1954) एथेंस की ग़रीब बस्ती के लोगों के अस्थिर जीवन को देखती है। रोज़मर्रा की कठिनाइयों में इतालवी नवयथार्थवाद का असर दिखता है। Ο Δράκος (एथेंस का दैत्य, 1956) में एक मामूली लिपिक की शक्ल वांछित अपराधी जैसी है और इसी भ्रम से उसे कुछ समय के लिए अपनाया जाता है। श्वेत-श्याम चित्र, नाटकीय छायाएँ तथा असुरक्षा और अधिकार का विरोध कहानी को बेचैन करने वाली शक्ति देते हैं।
फ़िल्म सहयोग को भी स्पष्ट करती है: कुंदूरोस ने निर्देशन किया, इआकोवोस काम्बानेलिस ने पटकथा लिखी, मानोस हाजिदाकिस ने संगीत रचा और दिनोस इलियोपुलोस ने थोमास का अभिनय किया। ये अलग रचनात्मक ज़िम्मेदारियाँ हैं। यूनानी निर्माण-श्रेय पढ़कर पता चलता है कि फ़िल्म केवल एक व्यक्ति के विचारों के बजाय लेखन, अभिनय, दृश्य-संयोजन और ध्वनि को कैसे मिलाती है।
Μικρές Αφροδίτες (युवा अफ़्रोदितियाँ, 1963) कल्पित प्राचीन संसार में परिदृश्य, शरीर और इच्छा की ओर जाती है; उसे बर्लिन में FIPRESCI पुरस्कार मिला। इलियास वेनेज़िस की Το νούμερο 31328 (संख्या 31328) पर आधारित 1922 (1978) में कुंदूरोस ने एशिया माइनर की तबाही का सामना किया। Μπάυρον: Μπαλάντα για ένα δαίμονα (बायरन: एक दानव के लिए गाथा, 1992) मेसोलोंगी में कवि के अंतिम दिन दिखाती है। इन अलग विषयों में इतिहास वीरतापूर्ण निश्चितताओं की परेड के बजाय डर, बहिष्कार और संघर्ष का अनुभव है।
आज के यूनान में विरासत
थेसालोनिकी फ़िल्म समारोह की Ο Δράκος (एथेंस का दैत्य) की यूनानी प्रविष्टि उपयोगी शुरुआत है। Σενάριο और Μουσική खोजकर उन्हें इआकोवोस काम्बानेलिस और मानोस हाजिदाकिस से मिलाएँ; कुंदूरोस निर्देशक हैं। Ποιος σκηνοθέτησε; Ποιος έγραψε; और Ποιος συνέθεσε; से तीन प्रश्न-उत्तर बनाएँ। नामों का प्रयोग करके पूरे वाक्यों में उत्तर दें।
फिर गतिविधि वाली σκηνοθεσία की तुलना व्यक्ति वाले σκηνοθέτης से करें। ये शब्द दूसरे यूनानी समारोह-कार्यक्रमों में भी काम आते हैं। नीचे का अनुकूलित पाठ अभ्यास में सहायक है; पूरी फ़िल्म के संवादों के लिए सुनने में अतिरिक्त मदद चाहिए। ERT के Μονόγραμμα (मोनोग्राम) में कुंदूरोस यूनानी में अपनी कला और अनुभवों के संबंध पर बोलते हैं।
क्या आप जानते हैं?
- पहली पूर्ण लंबाई की फ़िल्म बनाने से पहले वे 1948 में चित्रकला और मूर्तिकला में स्नातक हुए।
- Μαγική πόλη (जादुई शहर) की पटकथा मार्गरीटा लिम्बेराकी ने लिखी।
- 1963 की Μικρές Αφροδίτες (युवा अफ़्रोदितियाँ) को बर्लिन में FIPRESCI समीक्षक पुरस्कार मिला।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Μαγική πόλη | जादुई शहर | 1954 |
| Ο Δράκος | एथेंस का दैत्य | 1956 |
| Μικρές Αφροδίτες | युवा अफ़्रोदितियाँ | 1963 |
| 1922 | 1922 | 1978 |
| Μπάυρον: Μπαλάντα για ένα δαίμονα | बायरन: एक दानव के लिए गाथा | 1992 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Πρέπει να ομολογήσω ότι ήταν εύκολο να είμαι ασυμβίβαστος.
Prépei na omologíso óti ítan éfkolo na eímai asymvívastos.
मुझे मानना होगा कि मेरे लिए समझौता न करना आसान था।
















































































































