जीवन
अलिंदा दिमित्रीउ, जिनका श्रेय Alida Dimitriou भी लिखा जाता है, 1933 में एथेंस में जन्मीं और स्तावराकोस फ़िल्म स्कूल में निर्देशन पढ़ा। 1970 के दशक की शुरुआत में प्रदर्शन आयोजित किए, लघु फ़िल्म संगोष्ठियाँ लीं और सिनेमा पत्रिकाओं में लिखा या अनुवाद किया। फ़िल्म से उनका संबंध निर्देशन के साथ प्रदर्शन, चर्चा और दस्तावेज़ीकरण भी था। 1992 में लघु फ़िल्म कोश प्रकाशित किया।
उनके वृत्तचित्र श्रमजीवन और सामाजिक संबंध देखते थे। Οι καρβουνιάρηδες (कोयला बनाने वाले, 1977) एवीया में लकड़ी के कोयले का उत्पादन और उस पर निर्भर परिवार दिखाता है। अन्य काम स्थानीय उत्सव, कब्ज़े के समय रंगमंच, मानवाधिकार और स्त्रीजीवन खोजते थे। औद्योगिक वृत्तचित्र भी बनाए और डिजिटल संपादन सीखा, व्यावहारिक फ़िल्मकला को स्पष्ट राजनीतिक प्रतिबद्धता से जोड़ा।
कार्यजीवन के अंतिम भाग में प्रतिरोध, उत्पीड़न और जीवनरक्षा पर महिलाओं की कथाएँ दर्ज कीं। Πουλιά στο βάλτο (दलदल के पक्षी, 2008) ने थेसालोनिकी वृत्तचित्र समारोह का दर्शक पुरस्कार पाया। Η ζωή στους βράχους (चट्टानों के बीच, 2009) और Τα κορίτσια της βροχής (वर्षा की लड़कियाँ, 2011) ने त्रयी पूरी की। 2013 में उनका निधन हुआ। फ़िल्म समारोहों के पुनरावलोकन इन गवाहियों और पहले की श्रम फ़िल्मों को फिर सामने लाते रहे हैं।
कृतियाँ

Οι καρβουνιάρηδες (कोयला बनाने वाले, 1977) उत्पादन के चरणों को उत्पादकों और व्यापारियों की अनिश्चितता से जोड़ता है। श्वेत-श्याम चित्र एवीया के वनों में काम देखते हैं, बातचीत पूरे परिवारों का जीवन खोलती है। Σπάτα, το στιφάδο του Αγίου Πέτρου (स्पाता: संत पीटर का शोरबा, 1978) स्थानीय पर्व देखता है। Το θέατρο στο βουνό (पहाड़ का रंगमंच, 1985) कब्ज़े के समय आयोजित रंगमंच की ओर लौटता है।
बाद की त्रयी स्त्रियों की मौखिक कथाएँ केंद्र में रखती है। Πουλιά στο βάλτο (दलदल के पक्षी, 2008) 1941–1944 के कब्ज़े के प्रतिरोध में महिलाओं की भागीदारी और परिणाम दिखाता है। Η ζωή στους βράχους (चट्टानों के बीच, 2009) 1945 के बाद उत्पीड़न, गृहयुद्ध और निर्वासन देखता है। Τα κορίτσια της βροχής (वर्षा की लड़कियाँ, 2011) सैन्य तानाशाही का विरोध करने वाली महिलाएँ दर्ज करता है।
ये दशकों बाद कही स्मृतियाँ हैं, जिन्हें स्पष्ट राजनीतिक दृष्टि वाली निर्देशक ने फ़िल्म बनाया। वामपंथ की स्त्रियाँ व्यक्तिगत स्वर, लय और मौन से बोलती हैं। सुनते समय कौन, किस क्षण को याद करती है और कथाएँ कैसे जुड़ती हैं, देखना होता है। मौखिक इतिहास फ़्रेम, क्रम और संपादन से जुड़ता है; शक्ति वक्ता और श्रोता की भेंट में है।
आज के यूनान में विरासत
इसी पृष्ठ का अनुकूलित यूनानी पाठ सुनकर लिखित पाठ देखें। τότε और μετά खोजें, फिर पढ़ने का विराम सुनें। अपनी छोटी स्मृति पर घटनाक्रम में दो मौलिक वाक्य लिखें। बोलकर पढ़ें, फिर θυμάμαι ότι से दोहराएँ। साथी के शब्द η φίλη μου θυμάται ότι से कह सकते हैं। याद करने वाले और फिर सुनाने वाले को अलग रखें। यह दिमित्रीउ के वक्ता पर ध्यान से प्रेरित आपका भाषाभ्यास है; अनुकूलित पाठ शिक्षण सामग्री है। बाद में Πουλιά στο βάλτο देखें तो गवाही पर वही ध्यान और आवश्यक व्याख्या लें। पूरे वृत्तचित्र को अधिक शब्दावली तथा इतिहास-संदर्भ चाहिए।
क्या आप जानते हैं?
- कोयला बनाने वाले में एवीया के वनों में काम करते परिवार श्वेत-श्याम दिखते हैं।
- दलदल के पक्षी ने 2008 में थेसालोनिकी का वृत्तचित्र दर्शक पुरस्कार पाया।
- वर्षा की लड़कियाँ ने 2011 में त्रयी पूरी की।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Οι καρβουνιάρηδες | कोयला बनाने वाले | 1977 |
| Σπάτα, το στιφάδο του Αγίου Πέτρου | स्पाता: संत पीटर का शोरबा | 1978 |
| Το θέατρο στο βουνό | पहाड़ का रंगमंच | 1985 |
| Πουλιά στο βάλτο | दलदल के पक्षी | 2008 |
| Η ζωή στους βράχους | चट्टानों के बीच | 2009 |
| Τα κορίτσια της βροχής | वर्षा की लड़कियाँ | 2011 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Το ντοκιμαντέρ πιστεύω ότι πρέπει να είναι πολιτισμική αντανάκλαση της κοινωνίας.
To ntokimanter pistevo oti prepei na einai politismiki antanaklasi tis koinonias.
मेरा विश्वास है कि वृत्तचित्र समाज का सांस्कृतिक प्रतिबिंब होना चाहिए।
















































































































