जीवन
एम्पेदोक्लीस सिसिली के दक्षिणी तट के यूनानी नगर अक्रागास, आज के अग्रिजेन्तो, से थे। वे ईसा पूर्व पाँचवीं शताब्दी में रहे; लगभग 490–430 की तिथियाँ अनुमान हैं, प्रमाणित जीवनकाल नहीं। नगर के राजनीतिक परिवर्तन बाद की कहानियों की पृष्ठभूमि हैं, जो उन्हें तानाशाही का विरोधी और जनता का समर्थक बताती हैं। इनमें ऐतिहासिक स्मृतियाँ हो सकती हैं, लेकिन बहुत बाद में लिखे जाने से सभी प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं बनतीं। उनके कथित शिक्षकों की परिचित सूचियाँ भी अनिश्चित हैं।
उन्हें कवि, उपचारक और प्रभावशाली सार्वजनिक व्यक्ति की ख्याति मिली। अपने पद्य ने बाद के जीवनीकारों की असाधारण छवि बनाने में सहायता की। चमत्कारी उपचार की कहानियों को इसलिए बचे शब्दों से सिद्ध बातों से अलग रखना चाहिए। मृत्यु के विवरण परस्पर भिन्न हैं। सबसे प्रसिद्ध कथा में वे एटना में कूदते हैं और काँसे की चप्पल कथित लुप्त होने का रहस्य खोलती है; यह किंवदंती है, विश्वसनीय मृत्यु-विवरण नहीं। उन्हें अधिक भरोसे से कविता के जरिए जानते हैं, जो बाद के उद्धरणों और प्राचीन पपीरस अंशों में सुरक्षित है। असमान साक्ष्य सावधान पठन और जिज्ञासा माँगता है, नाटकीय निश्चितताओं से भरी सरल जीवनी नहीं।
कृतियाँ

एम्पेदोक्लीस ने स्थायी घटकों को चार जड़ें कहा: मिट्टी, पानी, हवा और आग। वे आज की आवर्त सारणी के रासायनिक तत्व नहीं हैं। उनके अनुसार चीजें इसलिए प्रकट और लुप्त होती हैं कि जड़ें मिलती और अलग होती हैं; घटक स्वयं शून्य से नहीं बनते, न शून्य में नष्ट होते हैं। प्रेम और संघर्ष बदलती व्यवस्था की शक्तियों के नाम हैं। काव्यात्मक नामों को निजी भावनाओं या गणितीय परिभाषा वाले आधुनिक वैज्ञानिक बलों तक सीमित नहीं करना चाहिए।
शिक्षा प्रकृति पर और शुद्धीकरण नामों से बची है। विद्वान चर्चा करते हैं कि ये दो कविताएँ थीं या जुड़े प्रकल्प के हिस्से। अंश ब्रह्मांडीय बदलाव, जीवों, अनुभूति और आत्मा की यात्रा पर हैं; साथ ही शुद्धीकरण और पशुहत्या से परहेज सिखाते हैं। भौतिक अध्ययन और धर्म को दो असंबद्ध जीवन-चरण नहीं बना सकते। 1999 में प्रकाशित पपीरस ने संयुक्त पठन को बल दिया। पद्य श्रोताओं को संबोधित करता है और छवियों व लय से अमूर्त विचार यादगार बनाता है। तालिका दो पारंपरिक पाठ-समूह और दो सिद्धांत देती है, चार अलग किताबें नहीं। मूल पंक्ति पहले सुनने का निमंत्रण है।
आज के यूनान में विरासत
एम्पेदोक्लीस प्राचीन सिसिली के यूनानीभाषी संसार से हैं और याद दिलाते हैं कि सांस्कृतिक इतिहास आज की सीमाओं से बड़ा है। विचार अरस्तू और दूसरे प्राचीन पाठकों से बाद की बहसों तक गए। सीखने वाले के लिए सबसे सुलभ विरासत कुछ प्रकृति-शब्द हैं।
प्राचीन ὕδωρ और πῦρ की आधुनिक νερό और φωτιά से तुलना करें, फिर परिचित γη और αέρας देखें। चार नाम वाले खाने बनाएँ और ενώνω तथा χωρίζω से जोड़ना या अलग करना बताएँ। अंत में प्राचीन ἄκουε को आधुनिक άκουσε के साथ पढ़ें। इससे इतिहास उपयोगी आधुनिक यूनानी से जुड़ता है और पुरानी शब्दावली आधुनिक विज्ञान से अलग रहती है।
क्या आप जानते हैं?
- उन्होंने यूनानी षट्पदी छंद में दर्शन लिखा।
- चार जड़ें आधुनिक रासायनिक तत्व नहीं हैं।
- एटना में छलाँग और काँसे की चप्पल किंवदंती हैं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Περὶ φύσεως (συμβατικός τίτλος) | प्रकृति पर: पारंपरिक अंश-समूह | 5th century BC |
| Καθαρμοί (παραδοσιακός τίτλος) | शुद्धीकरण: पारंपरिक अंश-समूह | 5th century BC |
| Τέσσερα ῥιζώματα (διδασκαλία) | चार जड़ें: सिद्धांत | 5th century BC |
| Φιλότης καὶ Νεῖκος (διδασκαλία) | प्रेम और संघर्ष: सिद्धांत | 5th century BC |
याद रखने लायक एक पंक्ति
τέσσαρα γὰρ πάντων ῥιζώματα πρῶτον ἄκουε·
आज की यूनानी मेंΆκουσε πρώτα τις τέσσερις ρίζες όλων των πραγμάτων.
tessara gar pantōn rhizōmata prōton akoue
पहले सभी चीजों की चार जड़ें सुनो।
















































































































