जीवन
कासियानी नौवीं सदी में बीजान्टिन राजधानी कॉन्स्टैन्टिनोपल में रहती थीं। पांडुलिपियों में नाम Kassia, Kasia, Ikasia आदि मिलता है; आधुनिक यूनानी में Kassiani परिचित है। जन्म की निश्चित तारीख नहीं मिलती। विद्वान उसे सदी की शुरुआत में रखते हैं; अकादमिक व्यक्तिचरित-संग्रह मृत्यु 867 से पहले बताता है। वे नन और मठाध्यक्षा बनीं और नगर के एक मठ से जुड़ी थीं। लेखन बाइबिल की भाषा और ईसाई साहित्य का अध्ययन दिखाता है।
जीवन की कहानियाँ उपलब्ध प्रमाणों से अधिक स्पष्ट हैं। बाद के इतिहास-वृत्त उन्हें शाही वधू-चयन और सम्राट थियोफिलोस को चतुर उत्तर देने से जोड़ते हैं। प्रसिद्ध प्रसंग परंपरा से आया कथानक है, निश्चित प्रमाण वाला संवाद नहीं; वह हर जीवन-निर्णय नहीं समझाता। अधिक ठोस आधार उनके नाम से पांडुलिपियों और कुछ उपासना-पुस्तकों में बची धार्मिक कविता है। महत्व इसी स्थायी पाठ-उपस्थिति में है, प्रेमकथा के पुनर्निर्माण में नहीं। उनका काम बीजान्टिन धार्मिक साहित्य में महिलाओं की भागीदारी भी याद दिलाता है।
कृतियाँ

कासियानी की संस्कृति कविता पढ़ती, याद करती और गाती थी। Κύριε, ἡ ἐν πολλαῖς ἁμαρτίαις περιπεσοῦσα γυνή (प्रभु, अनेक पापों में गिरी स्त्री) में बाइबिल की स्त्री दया माँगती है। प्रथम-पुरुष विलाप नाटकीय पात्र की आवाज़ है, लेखिका का स्वीकार नहीं। आँसू, रात और समुद्र प्रार्थना को रूप देते हैं। उद्धरण आँसू स्वीकार करने की विनती है; δάκρυα का अर्थ आज भी आँसू है।
क्रिसमस गीत Αὐγούστου μοναρχήσαντος (जब ऑगस्टस अकेले शासन करता था) साम्राज्य को ईसाई अवतार-वृत्तांत से जोड़ता है। कर-वसूलने वाले और फ़रीसी के गीत विनम्रता तथा घमंड खोजते हैं। लेखकीय श्रेय महत्वपूर्ण है: उनके नाम से मिले सभी गीत निश्चित रूप से उनके नहीं; लौकिक सूक्तियों पर भी प्रश्न हैं। आधुनिक रिकॉर्डिंग मूल धुन जस की तस नहीं रखती: उन्हीं शब्दों की अलग-अलग संगीत-रचनाएँ हुईं। चार चुने गीत नौवीं सदी के संग्रह में हैं, पर अलग तारीखें और रचना-क्रम अज्ञात हैं।
आज के यूनान में विरासत
यूनान में बहुत लोग कासियानी को पवित्र मंगलवार शाम, बुधवार की सेवा के गीत से जानते हैं। चर्च या रिकॉर्डिंग में सुनते समय छपा यूनानी पाठ देखें। उद्धरण से शुरू करें: δάκρυα पहचानें, फिर पुराने δέξαι की आधुनिक δέξου से तुलना करें। दो धुनों में वही शब्द खोजें और सुनें कि लंबी धुन अक्षर को कैसे खींचती है। पहले आधुनिक रूप पढ़ने से मध्ययुगीन वाक्य-रचना आसान होती है। अभ्यास परिचित शब्दों को पुराने भाषा-रूप से जोड़ता है, साथ ही कविता, पात्र और बाद के संगीत को अलग पहचानता है।
क्या आप जानते हैं?
- पांडुलिपियों में नाम की कई वर्तनियाँ मिलती हैं।
- प्रसिद्ध पवित्र-सप्ताह गीत में बाइबिल की स्त्री बोलती है।
- चुने हुए गीतों की अलग रचना-तारीखें अज्ञात हैं।
- बाद की संगीत-रचनाएँ एक ही मध्ययुगीन धुन नहीं दोहरातीं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Αὐγούστου μοναρχήσαντος | जब ऑगस्टस अकेले शासन करता था | 9th c. (undated) |
| Παντοκράτορ Κύριε, οἶδα πόσα δύνανται τὰ δάκρυα | सर्वशक्तिमान प्रभु, मैं आँसुओं की शक्ति जानती हूँ | 9th c. (undated) |
| Ταῖς ἐξ ἔργων καυχήσεσι | कर्मों के घमंड से | 9th c. (undated) |
| Κύριε, ἡ ἐν πολλαῖς ἁμαρτίαις περιπεσοῦσα γυνή | प्रभु, अनेक पापों में गिरी स्त्री | 9th c. (undated) |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Δέξαι μου τὰς πηγὰς τῶν δακρύων
आज की यूनानी मेंΔέξου τις πηγές των δακρύων μου.
Dexai mou tas pegas ton dakryon.
मेरे आँसुओं के सोते स्वीकार करो।
















































































































