जीवन
मारिया किर्त्ज़ाकी का जन्म 1948 में कावाला में हुआ। उन्होंने थेसालोनिकी के अरस्तू विश्वविद्यालय में मध्ययुगीन और आधुनिक यूनानी भाषा-साहित्य पढ़ा, फिर एथेंस में बस गईं। आरंभिक संग्रह Σιωπηλές κραυγές (ख़ामोश चीखें) 1966 में कावाला में छपा। शहर और उसकी याद की आवाज़ें रचनाओं में लौटती रहीं।
Οι λέξεις (शब्द, 1973) और Ο κύκλος (वृत्त, 1976) ने बाद में संकलित काल की शुरुआत की। अन्य पुस्तकों में Η γυναίκα με το κοπάδι (झुंड वाली स्त्री, 1982), Ημέρια νύχτα (पालतू रात, 1989), Σχιστή οδός (फटी सड़क, 1992), Μαύρη θάλασσα (काला सागर, 2000) और Λιγοστό και να χάνεται (थोड़ा, और खोता हुआ, 2002) हैं। Στη μέση της ασφάλτου (डामर के बीच), 2005, में 1973–2002 की कविताएँ हैं।
उन्होंने यूनानी रेडियो के तीसरे कार्यक्रम और पुस्तकों के भाषिक तथा मुद्रण-संपादन में काम किया। स्टीवन बर्कॉफ़ के Greek का अनुवाद किया, जिसे मोर्फ़ेस मंडली ने एम्ब्रोस थिएटर में प्रस्तुत किया, और उसकी नाट्यशाला में भाषा पढ़ाई। लिखित सूक्ष्मता और बोलकर प्रदर्शन साथ आए। 2016 में उनका निधन हुआ; कविता, रिकॉर्डिंग और आवाज़ क्या वहन कर सकती है, इस प्रश्न में उनकी रुचि बची रही।
कृतियाँ

किर्त्ज़ाकी की कविता में बोलना शायद ही सरल हो। आवाज़ भय, हिंसा, इच्छा या दूसरे तक पहुँचने की कठिनाई से टकराती है। शब्द घायल या अपर्याप्त लगते हैं, फिर भी कविता संपर्क खोजती है। पुनरावृत्ति और सीधा संबोधन कई अंशों को श्रोता के सामने खुलते भाषण का दबाव देते हैं।
पहले संग्रहों में सार्वजनिक इतिहास अंतरंग अनुभव में प्रवेश करता है। तानाशाही उस संसार का भाग है जहाँ आवाज़ें सीमित हैं और विश्वास कठिन है। बाद की कविताएँ मिथक और नाटकीय पात्र अपनाती हैं, पर शारीरिक तीव्रता नहीं खोतीं। बोलती स्त्री सिर्फ़ पुरानी कथा का चित्र नहीं; परिचित कथाएँ सत्ता, आकांक्षा और असुरक्षा परखने की जगह बनती हैं।
शब्द की Ας μιλήσουμε (आओ बात करें) बोलने का निमंत्रण भय और मृत्यु के चित्रों से जोड़ती है। आशावाद की दिखती दिशा में कड़वाहट बनी रहती है। इसलिए स्वर महत्त्वपूर्ण है: एक वाक्य स्वागतपूर्ण, व्यग्र या आहत लग सकता है। उनकी अपनी रिकॉर्ड की गई पाठ-प्रस्तुतियाँ विराम, गति और बल सुनाती हैं। रेडियो और रंगमंच भाषा को लोगों के बीच घटना मानने की इसी खोज का हिस्सा हैं।
आज के यूनान में विरासत
लेखिका का अभिलेखागार कविताएँ, पांडुलिपियाँ और उनके अपने पाठ की रिकॉर्डिंग रखता है। आओ बात करें के शीर्षक और रूपांतरित यूनानी पाठ से शुरू करें। ας के बाद क्रियाएँ रेखांकित करें, फिर दो नए साझा सुझाव बनाएँ: ας ανοίξουμε το παράθυρο और ας καθίσουμε δίπλα। उन्हें गर्मजोशी और फिर अधीरता से पढ़ें; आवाज़ का प्रभाव देखें। चार पंक्तियों का संवाद लिखें: एक व्यक्ति प्रस्ताव दे, दूसरा माने या अलग सुझाव दे। यह दैनिक अभ्यास यूनानी प्रस्ताव और उत्तर सिखाता है। फिर कविता में लौटकर सोचें कि उसका निमंत्रण सामान्य बातचीत से अधिक व्याकुल क्यों है।
क्या आप जानते हैं?
- उन्होंने पुस्तकों के भाषा और मुद्रण-संपादन में काम किया।
- उन्होंने एम्ब्रोस नाट्यशाला में भाषा पढ़ाई।
- 2005 का संकलन 1973–2002 की कविताएँ समेटता है।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Οι λέξεις | शब्द | 1973 |
| Η γυναίκα με το κοπάδι | झुंड वाली स्त्री | 1982 |
| Ημέρια νύχτα | पालतू रात | 1989 |
| Σχιστή οδός | फटी सड़क | 1992 |
| Μαύρη θάλασσα | काला सागर | 2000 |
| Λιγοστό και να χάνεται | थोड़ा, और खोता हुआ | 2002 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Ας μιλήσουμε λοιπόν.
As milísoume lipón.
तो आओ बात करें।
















































































































