जीवन
दिमोस अव्देलियोदिस, जिनका नाम Dimos या Demos Avdeliodis भी लिखा जाता है, 1952 में खिओस में जन्मे। उन्होंने एथेंस विश्वविद्यालय के दर्शन संकाय में पढ़ाई की और योर्गोस थेओदोसियादिस के नाट्य विद्यालय में प्रशिक्षण लिया। उनका काम निर्देशन, लेखन, अभिनय और निर्माण तक फैला; द्वीप के दृश्य और सामुदायिक जीवन सिनेमा के बार-बार लौटने वाले स्रोत बने।
Το δέντρο που πληγώναμε (जिस पेड़ को हम घायल करते थे, 1986) ने बचपन की स्मृति और खिओस में टिकाऊ संबंध बनाया। Νίκη της Σαμοθράκης (सामोथ्राकी की विजयदेवी, 1990) और Η εαρινή σύναξις των αγροφυλάκων (ग्रामीण रक्षकों की वसंत सभा, 1999) ने फ़िल्मों को हास्य और सामाजिक रूपक की ओर बढ़ाया। 1990 के दशक में उन्होंने पांतेइओन विश्वविद्यालय में सिनेमा भी पढ़ाया। वे उत्तरी एजियन नगरपालिका क्षेत्रीय रंगमंच के कलात्मक निदेशक रहे।
नाट्यकार्य में योर्गियोस विज़िइनोस के रूपांतरण और उत्तरी यूनान के राष्ट्रीय रंगमंच की प्रस्तुतियाँ शामिल हैं। Βαβυλωνία (बाबिलोनिया) 2009 में वहाँ खुली; Πλάτωνα, Απολογία Σωκράτη (प्लेटो की ‘सुकरात की सफ़ाई’) 2015 में आई। दोनों भाषा को केंद्र में रखती हैं—बोलियों की ग़लतफ़हमी या प्राचीन पाठ की अभिव्यक्ति से। दूसरी प्रस्तुति की निर्देशन-टिप्पणी ध्वनि, भावात्मक समझ और स्पष्ट अर्थ के संबंध पर उनका ध्यान बताती है। यही दृष्टि अभिनेता-प्रशिक्षण और साहित्यिक कथन को जोड़ती है।
कृतियाँ

Το δέντρο που πληγώναμε (जिस पेड़ को हम घायल करते थे, 1986) दो लड़कों की दोस्ती दिखाती है जो खिओस की गर्मियों में टूटकर फिर जुड़ती है। शीर्षक उनके अनुभव को राल पाने के लिए मैस्टिक वृक्षों पर चीरा लगाने से जोड़ता है। दृश्य, मौसमी काम और खेल ठोस द्वीपीय वातावरण बनाते हैं। Νίκη της Σαμοθράκης (सामोथ्राकी की विजयदेवी, 1990) प्रतिद्वंद्विता को शहर लाती है, जबकि Η εαρινή σύναξις των αγροφυλάκων (ग्रामीण रक्षकों की वसंत सभा, 1999) 1960 के खिओस में लौटती है, जहाँ क्रमशः आने वाले रक्षक गाँव की नियुक्ति में विफल होते हैं।
दिमित्रियोस विज़ांतियोस की Βαβυλωνία (बाबिलोनिया) की 2009 की प्रस्तुति में विभिन्न क्षेत्रों के लोग सराय में मिलते हैं और एक-दूसरे की बोलियाँ ग़लत समझते हैं। संवाद कार्रवाई बन जाता है। निर्देशन आवाज़, लय और उससे उपजी प्रतिक्रिया के संबंध पर ध्यान खींचता है।
Πλάτωνα, Απολογία Σωκράτη (प्लेटो की ‘सुकरात की सफ़ाई’, 2015) में प्राचीन यूनानी संवाद थे, साथ में आधुनिक यूनानी और अंग्रेज़ी उपशीर्षक। वासिलिस काराबुलास सुकरात और थानासिस दिस्लिस मेलेतोस बने। अव्देलियोदिस ने निर्देशन और कलाकारों की तैयारी की; लेखक प्लेटो हैं। प्रस्तुति मौखिक सफ़ाई की शक्ति खोजती है और अनुवाद तर्क समझने का रास्ता देता है। ऐतिहासिक प्रस्तुति की भाषा इस पृष्ठ की अनुकूलित आधुनिक यूनानी से अलग है।
आज के यूनान में विरासत
नीचे अव्देलियोदिस का छोटा आधुनिक यूनानी कथन पढ़ें, जो उत्तरी यूनान के राष्ट्रीय रंगमंच की Πλάτωνα, Απολογία Σωκράτη (प्लेटो की ‘सुकरात की सफ़ाई’) की निर्देशन-टिप्पणी से है। λέξεις और νόημα पहचानें: शब्द और अर्थ। फिर हमारा रोज़मर्रा वाक्य Εσύ το είπες पहले कथन, फिर प्रश्न की तरह बोलें।
शब्द वही रखें, स्वर बदलें। फिर εσύ पर बल दें, मानो तय करना हो कि किसने कुछ कहा। दोनों रूप रिकॉर्ड करें और आसान यूनानी वाक्य में अंतर बताएँ। यह अभ्यास परिचित आधुनिक यूनानी में निर्देशक की वाचिक रुचि अपनाता है। प्राचीन पाठ को अनुवाद और मदद चाहिए; B1 अनुकूलित पाठ और इस बोलने की गतिविधि का स्तर है।
क्या आप जानते हैं?
- जिस पेड़ को हम घायल करते थे 1986 में बनी और 1987 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई गई।
- 2009 की बाबिलोनिया में बोलियों की ग़लतफ़हमियाँ नाटकीय कार्रवाई का हिस्सा बनीं।
- 2015 की अपोलोजिया प्राचीन यूनानी में थी, आधुनिक यूनानी और अंग्रेज़ी उपशीर्षकों के साथ।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Το δέντρο που πληγώναμε | जिस पेड़ को हम घायल करते थे | 1986 |
| Νίκη της Σαμοθράκης | सामोथ्राकी की विजयदेवी | 1990 |
| Η εαρινή σύναξις των αγροφυλάκων | ग्रामीण रक्षकों की वसंत सभा | 1999 |
| Βαβυλωνία | बाबिलोनिया (उत्तरी यूनान का राष्ट्रीय रंगमंच) | 2009 |
| Πλάτωνα, Απολογία Σωκράτη | प्लेटो की ‘सुकरात की सफ़ाई’ (प्रस्तुति) | 2015 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Ο τρόπος που θα ειπωθούν οι λέξεις, καθορίζει την ευκρίνεια του νοήματος.
O trópos pou tha eipothoún oi léxeis, kathorízei tin efkríneia tou noímatos.
शब्द जिस तरह बोले जाते हैं, वही अर्थ की स्पष्टता तय करता है।
















































































































