जीवन
कातेरिना आंगेलाकी-रूक का जन्म 1939 में एथेंस में हुआ। उन्होंने यूनान, दक्षिणी फ़्रांस और जिनेवा में पढ़ाई की तथा अनुवादक-दुभाषिया विद्यालय से डिप्लोमा लिया। उनकी भाषाओं में अंग्रेज़ी, फ़्रांसीसी और रूसी थीं। इस शिक्षा ने ऐसी यात्रा को सहारा दिया जिसमें यूनानी कविता लिखना और अन्य कवियों को यूनानी में लाना साथ रहे।
निकोस कज़ान्ज़ाकिस के प्रोत्साहन से पहली प्रकाशित कविता Μοναξιά (एकांत) 1956 में Καινούργια Εποχή (नया युग) में आई। साठ के दशक की शुरुआत से संग्रह निकले। आगे के दशकों में शरीर के अनुभव पर केंद्रित स्वर विकसित हुआ: प्रेम, स्मृति और उम्र शरीर से जीए प्रश्न बनते हैं। एथेंस और एगीना महत्वपूर्ण कार्यस्थल थे; पाठ और व्याख्यान विदेश के विश्वविद्यालयों तक ले गए।
उन्होंने डिलन थॉमस, आंद्रेई वोज़नेसेन्स्की, व्लादिमीर मायाकोव्स्की और सीमस हीनी का अनुवाद किया। अपनी कविताएँ भी अनूदित पुस्तकों और अंतरराष्ट्रीय संकलनों में पहुँचीं। Οι μνηστήρες (प्रणय-प्रार्थी, 1984) को 1985 में द्वितीय राजकीय कविता पुरस्कार मिला। अन्य सम्मानों में 2000 का एथेंस अकादमी उरानिस पुरस्कार और समग्र योगदान का 2014 साहित्य महापुरस्कार थे। 21 जनवरी 2020 को निधन हुआ। ERT के साक्षात्कार और पाठ उन्हें यूनानी में कविता पर बोलते सुनने देते हैं।
कृतियाँ

आंगेलाकी-रूक प्रायः दूरस्थ अमूर्त विचार के बजाय शरीर के अनुभव से शुरू करती हैं। आधिकारिक विद्यालयी संकलन का Ο τζίτζικας (सिकाडा) कीट को बोलने का स्वर देता है। गान, गर्मी और ठंडी हवा का आराम रचना को जीवित रहने की ज़रूरत से जोड़ते हैं। वक्ता स्वयं को कैसे सुनता और दूसरे उसे कैसे सुनते हैं, यह अंतर कलात्मक अभिव्यक्ति का सूक्ष्म प्रश्न बनाता है।
Τα σκόρπια χαρτιά της Πηνελόπης (पेनेलोप के बिखरे कागज़, 1977) मिथकीय स्त्री को समकालीन काव्य-वाणी में लाता है। उसका दृष्टिकोण प्रतीक्षा और अनुपस्थिति को अपनी आवाज़ देता है। Οι μνηστήρες (प्रणय-प्रार्थी, 1984) इच्छा, अनुभव और विरासत की कथाओं का संवाद आगे बढ़ाता है। ये आधुनिक यूनानी कविताएँ परिचित मिथकीय नामों को नए संदर्भ और प्रश्न देती हैं।
Η ύλη μόνη (केवल पदार्थ, 2001) और Η ανορεξία της ύπαρξης (अस्तित्व की क्षुधाहीनता, 2011) भौतिक जीवन और अस्तित्व शीर्षक में रखते हैं। Της μοναξιάς διπρόσωποι μονόλογοι (एकांत के दोमुखी एकालाप, 2016) प्रत्यक्ष अकेलेपन में संवाद विकसित करता है। 2018 में उन्होंने प्रेरणा को ऐसे कमरे में प्रवेश कहा जहाँ कुर्सी, दीवार या ताला शुरुआत बन सकता है। लेखन परिचित चीज़ों पर नया ध्यान लाता है।
आज के यूनान में विरासत
विद्यालयी संकलन, अनुवाद और ERT वार्ताएँ आंगेलाकी-रूक तक पहुँच देते हैं। रूपांतरित पाठ से शुरू कर कप या गिलास चुनें। βλέπω से रंग बताएँ, सतह छूकर कहें चिकनी है या खुरदरी, और आवाज़ पर ध्यान दें। अलग इंद्रियों पर आधारित तीन मौलिक आधुनिक यूनानी वाक्य लिखें। ठंडा पानी डालने से पहले और बाद वस्तु तुलना करें: ठंडक का वर्णन कैसे बदलता है? कार्य कमरे और वस्तु से प्रेरणा की उनकी बात को सिकाडा के शारीरिक ध्यान से जोड़ता है। B1 पाठ वर्णन में सहायक है; पूरी कविता के बिंब और वक्ता-दृष्टिकोण के लिए और मदद चाहिए।
क्या आप जानते हैं?
- पहली प्रकाशित कविता एकांत 1956 में आई।
- अंग्रेज़ी, फ़्रांसीसी और रूसी में अनुवाद तथा दुभाषिया प्रशिक्षण लिया।
- प्रणय-प्रार्थी 1984 में आया और 1985 का द्वितीय राजकीय कविता पुरस्कार मिला।
- ERT ने 2003 में उनके साथ यूनानी में टेलीविज़न वार्ता रिकॉर्ड की।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Τα σκόρπια χαρτιά της Πηνελόπης | पेनेलोप के बिखरे कागज़ | 1977 |
| Οι μνηστήρες | प्रणय-प्रार्थी | 1984 |
| Η ύλη μόνη | केवल पदार्थ | 2001 |
| Η ανορεξία της ύπαρξης | अस्तित्व की क्षुधाहीनता | 2011 |
| Της μοναξιάς διπρόσωποι μονόλογοι | एकांत के दोमुखी एकालाप | 2016 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Την έμπνευση εγώ την αισθάνομαι σα να μπαίνω σε ένα δωμάτιο.
Tin empnefsi ego tin aisthanomai sa na baino se ena domatio.
प्रेरणा मुझे ऐसे महसूस होती है जैसे कमरे में प्रवेश कर रही हूँ।
















































































































