जीवन
अनाक्सिमान्द्रोस एशिया माइनर के तट पर यूनानी नगर मिलेतुस में रहते थे, जो आज तुर्की में है। उनके प्रचलित जीवनकाल, लगभग 610–546 ईसा पूर्व, का आधार बाद की प्राचीन कालगणना है, समकालीन दस्तावेज नहीं। मिलेतुस आयोनिया के व्यापारिक संसार का हिस्सा था। यात्राओं, समुद्री आवागमन और पड़ोसी संस्कृतियों से संपर्क ने धरती और आकाश पर सवालों को प्रोत्साहित किया। प्राचीन लेखक उन्हें थेलीस और अनाक्सिमेनीस से जोड़ते थे। शिक्षकों और शिष्यों की यह परिचित श्रृंखला उपयोगी है, पर प्रमाणित विद्यालय रजिस्टर नहीं।
उनके दैनिक जीवन के बारे में कम ही निश्चित है। विवरण उन्हें आबाद संसार के मानचित्र और नोमोन के प्रयोग से जोड़ते हैं। यह सीधी खड़ी छड़ अपनी छाया से समय मापने में मदद करती है। इन विवरणों से उन्हें हर संबद्ध यंत्र का आविष्कारक नहीं कहा जा सकता। उनकी गद्य पुस्तक, जिसे परंपरागत रूप से प्रकृति पर कहते हैं, नष्ट हो गई। अरस्तू और थियोफ्रास्तोस ने उनके विचारों पर चर्चा की; अन्य लेखकों ने उसके हिस्से आगे पहुँचाए। ईस्वी छठी शताब्दी में सिम्प्लिकिओस ने न्याय और समय वाला प्रसिद्ध अंश सुरक्षित रखा। पाठकों की यह लंबी श्रृंखला हमारी जानकारी और साधारण दिखते जीवनी दावों में सावधानी, दोनों का कारण बताती है।
कृतियाँ

अनाक्सिमान्द्रोस की उपलब्धि प्रकृति के प्रश्नों को जोड़ने का तरीका है। प्राचीन विवरणों के अनुसार चीजों का स्रोत अपेइरोन था: जल जैसे सामान्य पदार्थ के बजाय कुछ असीम या अनिर्धारित। इसके सटीक अर्थ पर विद्वानों में मतभेद है। इसलिए इसे स्थिर परिभाषा वाले आधुनिक वैज्ञानिक सिद्धांत में नहीं बदलना चाहिए। अंश कहता है कि चीजें समय के क्रम के अनुसार एक-दूसरे को दंड और क्षतिपूर्ति चुकाती हैं। यह कानूनी भाषा व्यवस्थित परिवर्तन का संकेत देती है, लेकिन मूल संदर्भ और उद्धरण की सही सीमाएँ अनिश्चित हैं।
उनका खगोल चिंतन भी साहसी था। कहा जाता है कि पृथ्वी बिना सहारे रहती है, क्योंकि बीच में होने के कारण उसके किसी एक दिशा में जाने का कारण नहीं है। यह आधुनिक गोल पृथ्वी नहीं थी: विवरण बेलनाकार रूप बताते हैं। दिखने वाले खगोलीय पिंडों के पीछे अग्नि के पहिए भी उनकी ब्रह्मांड-कल्पना का हिस्सा थे। उनसे संबद्ध मानचित्र में आबाद भूमि एक ही चित्र में आती थी। ये अनुमान थे और अनेक गलत थे। महत्त्व उस प्रयास का है जिसमें प्राकृतिक संबंधों और कारणों से सुसंगत संसार समझाया गया। तालिका खोई पुस्तक को बाद में बताए गए विचारों और उपलब्धि से अलग रखती है।
आज के यूनान में विरासत
यूनान में अनाक्सिमान्द्रोस को प्रायः मिलेतुस के थेलीस और अनाक्सिमेनीस के साथ पढ़ा जाता है। एशिया माइनर की उनकी यूनानीभाषी नगरी याद दिलाती है कि प्राचीन संस्कृति आज की सीमाओं से आगे थी। उनके शब्द आधुनिक यूनानी सीखने में सहायक हैं: αρχή शुरुआत या सिद्धांत, κόσμος संसार या लोग, और φύση प्रकृति या किसी वस्तु का स्वभाव हो सकता है।
यूनानी पाठ पढ़कर उनकी कल्पना वाली पृथ्वी बनाइए और आधुनिक चित्र से तुलना कीजिए। यूनानी नाम लिखिए और तीनों शब्दों से रोजमर्रा के वाक्य बनाइए। अरस्तू के आरंभिक चिंतकों के वर्णन से भी तुलना कर सकते हैं। इससे साक्ष्य, पुनर्निर्माण और वर्तमान ज्ञान का अंतर स्पष्ट होगा।
क्या आप जानते हैं?
- पुस्तक एक प्रसिद्ध अंश और बाद के विवरणों से जानी जाती है।
- सिम्प्लिकिओस में उद्धरण की सही सीमाएँ विवादित हैं।
- उनकी बिना सहारे वाली पृथ्वी बेलनाकार बताई गई है।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Περὶ φύσεως (συμβατικός τίτλος) | प्रकृति पर: खोया ग्रंथ, प्रचलित शीर्षक | 6th century BC |
| Το ἄπειρον ως αρχή | असीम मूल: बाद में वर्णित सिद्धांत | 6th century BC |
| Η Γη χωρίς στήριγμα | बिना सहारे की पृथ्वी: वर्णित व्याख्या | 6th century BC |
| Χάρτης της οικουμένης (μαρτυρία) | आबाद विश्व का मानचित्र: प्राचीन श्रेय | 6th century BC |
याद रखने लायक एक पंक्ति
διδόναι γὰρ αὐτὰ δίκην καὶ τίσιν ἀλλήλοις τῆς ἀδικίας κατὰ τὴν τοῦ χρόνου τάξιν
आज की यूनानी मेंΓιατί πληρώνουν το ένα στο άλλο ποινή και αποζημίωση για την αδικία, σύμφωνα με την τάξη του χρόνου.
didonai gar auta dikēn kai tisin allēlois tēs adikias kata tēn tou chronou taxin
क्योंकि वे समय के क्रम के अनुसार अन्याय के लिए एक-दूसरे को दंड और क्षतिपूर्ति चुकाती हैं।
















































































































