जीवन
मानू ने कुला प्रात्सिका से प्रशिक्षण और पोलिक्सेनी मातेय से पियानो सीखा। पेरिस और म्यूनिख के अध्ययन ने नृत्य, लय तथा संगीत की शिक्षा विस्तृत की। न्यूयॉर्क में मार्था ग्राहम की शिक्षा से परिचय हुआ, जो विकास का दूसरा महत्वपूर्ण संदर्भ बनी। ग्रीस लौटकर पढ़ाया और अपना विद्यालय खोला। शिक्षा, कोरियोग्राफी और प्रदर्शन के बीच पूर्वाभ्यास अलग कलात्मक विचारों के मिलने की जगह था।
यूनानी नृत्य-नाटक जनवरी 1951 में संस्था के रूप में स्थापित हुआ। यह पहले से चल रहे सहयोगों, जैसे 1950 के मार्सियास, से विकसित हुआ और यूनानी संस्कृति की सामग्री से विशिष्ट मंचीय नृत्य बनाना चाहता था। मानू ने मानोस हाजिदाकिस, मिकिस थियोदोराकिस और यानिस त्सारुहिस, यानिस मोरालिस, निकोस हाजिकीरीआकोस-घीकास जैसे कलाकारों के साथ काम किया। योगदानों ने ध्वनि, स्थान, रंग और गति को मिलकर आकार दिया। 1988 में मृत्यु तक मंडली चलाई और ग्रीस तथा विदेश में प्रस्तुतियाँ कीं। स्थायी संगठन ने नर्तकों को समूह अनुभव और संगीतकारों तथा डिज़ाइनरों को साझा मंचीय संदर्भ दिया। इतिहास में अलग कृतियाँ और सहयोगी मंडली चलाने का निरंतर श्रम दोनों हैं।
कृतियाँ

1950 का मार्सियास, मानोस हाजिदाकिस के संगीत के साथ, मंडली की तैयारी बना। 1951 में शापित साँप और छह लोकचित्र आए। पहला कारायोज़िस के छाया-रंगमंच से प्रेरित था; दूसरा हाजिदाकिस की लोकधुनों की व्यवस्था को नृत्यरचना में लाता था। नई मंचीय व्याख्याओं ने परिचित सांस्कृतिक सामग्री के आसपास अलग कलाएँ जोड़ीं। कोरियोग्राफी, संगीत और दृश्य डिज़ाइन सभी का योगदान था।
1954 का यूनानी कार्निवल मिकिस थियोदोराकिस से सहयोग का विकास था। लोकपरंपरा से संगीत का संबंध मानू की कोरियोग्राफी और स्पिरोस वासिलिउ के डिज़ाइन में आया। 1958 की मेदेआ प्राचीन नाटकीय विषयों से निरंतर जुड़ाव दिखाती है। बाद के सहयोगों ने प्रदर्शनों का भंडार बढ़ाया: निकोस किपुरगोस एथेंस की छवियों और स्मृतियों पर Εν Αθήναις के लिए उनका कार्यक्रम-लेख सुरक्षित रखते हैं। भाषा अनुभव और कल्पना के बीच चलती है। एथेंस विश्वविद्यालय के अभिलेख-सूची में कार्यक्रम, नृत्यरचना सामग्री, फ़ोटो, वेशभूषा और मंच डिज़ाइन हैं। वे सामूहिक निर्माण बताते हैं और नर्तकों के मंच छोड़ने के बाद भी इतिहास का अध्ययन संभव बनाते हैं।
आज के यूनान में विरासत
योगदान ऐसी मंडली चलाना था जहाँ नृत्य, संगीत और दृश्य कला मिलकर प्रस्तुति बनाते थे। कार्यक्रम और अभिलेख इन संबंधों को बचाते हैं। छोटा उद्धरण एथेंस की यादों पर लिखित कार्यक्रम-लेख से है, जिसे सहयोगी संगीतकार निकोस किपुरगोस ने पुनर्प्रकाशित किया।
सरल पाठ और इस पृष्ठ का यूनानी कार्निवल वाला अनुच्छेद पढ़ें। मानू की कोरियोग्राफी, थियोदोराकिस का संगीत और वासिलिउ का दृश्य डिज़ाइन पहचानें। तीन ग्रीक वाक्यों में योगदान समझाएँ और συνεργάζομαι तथा συνδυάζω से भूमिकाएँ जोड़ें। फिर गति, रंग या ध्वनि पर काल्पनिक पूर्वाभ्यास निर्णय बताएँ। डिजिटल कार्यक्रमों के नाम वैकल्पिक अतिरिक्त पठन हैं। प्रस्तुति नृत्य से संवाद करती है; B1 इस सहायक आधुनिक ग्रीक गतिविधि का स्तर है।
क्या आप जानते हैं?
- संस्था जनवरी 1951 में स्थापित हुई।
- संगीतकारों और दृश्य कलाकारों से सहयोग किया।
- अभिलेख में कार्यक्रम, डिज़ाइन और नृत्यरचना हैं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Μαρσύας — χορογραφία | मार्सियास — कोरियोग्राफी | 1950 |
| Το καταραμένο φίδι — χορογραφία | शापित साँप — कोरियोग्राफी | 1951 |
| Έξι λαϊκές ζωγραφιές — χορογραφία | छह लोकचित्र — कोरियोग्राफी | 1951 |
| Ελληνική Αποκριά — χορογραφία | यूनानी कार्निवल — कोरियोग्राफी | 1954 |
| Μήδεια — χορογραφία | मेदेआ — कोरियोग्राफी | 1958 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Κάποτε δεν ξέρουμε πού είναι ο μύθος και πού η πραγματικότητα
Kápote den xéroume poú eínai o mýthos kai poú i pragmatikótita
कभी-कभी हम नहीं जानते कि मिथक कहाँ है और वास्तविकता कहाँ।
















































































































