जीवन
मेनिस कुमांदारेआस 1931 में एथेंस में जन्मे और शहर से जुड़े रहे। 1981 तक जहाज़रानी व बीमा कार्यालयों में नौकरी के साथ लिखते रहे; 1982 से लेखन पर केंद्रित हुए। 1948 में लंदन और 1970 में DAAD छात्रवृत्ति पर पश्चिम बर्लिन में रहे। कार्यालयों, यात्राओं और शहरी मुलाकातों ने विविध साहित्यिक कार्य के परिवेश दिए।
1961 में Ο Ταχυδρόμος (डाकिया) में हेमिंग्वे, जॉयस और मोराविया के गद्य-अनुवाद छपे। पहली किताब Τα μηχανάκια (पिनबॉल मशीनें) 1962 में आई। सैन्य तानाशाही में Το αρμένισμα (नौकायन, 1967) के लिए चार मुकदमे झेले, 1969 में बरी हुए। 1970 में तानाशाही-विरोधी Δεκαοχτώ κείμενα (अठारह पाठ) में भाग लिया।
चार राष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार और 2008 में एथेंस अकादमी के कोस्तास व एलेनी उरानिस प्रतिष्ठान का पुरस्कार मिला। यूनानी लेखक-संघ के संस्थापक सदस्य होकर रंगमंच और संगीत संस्थाओं में भी काम किया। दिसंबर 2012 में ELIA-MIET को अभिलेख दिए। पांडुलिपियाँ, मसौदे, अनुवाद, पत्र और रिकॉर्डिंग उनके काम के प्रमाण हैं। 2014 में एथेंस में निधन हुआ।
कृतियाँ

कुमांदारेआस का एथेंस काम, आवागमन और आसानी से मेल न खाते जीवनों की मुलाकातों का स्थान है। संग्रह Τα μηχανάκια (पिनबॉल मशीनें, 1962) पारिवारिक और सामाजिक दबाव में युवाओं को देखता है; शीर्षक यांत्रिक खेलों का है। Βιοτεχνία υαλικών (काँच-सामान कार्यशाला, 1975) बेबा और व्लासिस तांदिस, उनके काँच के व्यापार, सपनों और निराशाओं पर है।
Η κυρία Κούλα (श्रीमती कूला, 1978) परिपक्व महिला और युवा छात्र के अनपेक्षित संबंध को उपनगरीय रेलयात्रा में रखता है। अलग उम्र और सामाजिक अपेक्षाएँ एक डिब्बे में मिलती हैं। दैनिक आवागमन आत्मीयता, अनिश्चितता और अलगाव का अवसर बनकर शहर को नाटकीय भूमिका देता है।
Το κουρείο (नाई की दुकान, 1979) दूसरा बारीकी से देखा शहरी परिवेश है। 2010 में संशोधित संस्करण बताते हुए लेखक ने कहा कि संपादक संग जाँचा था कि दर्पण राहगीर को ग्राहक का चेहरा दिखा सकता है या नहीं। छोटा स्थानिक विवरण विश्वसनीयता के लिए ज़रूरी था। Δυο φορές Έλληνας (दो बार यूनानी, 2001) दो परिवारों और 1949–1990 तक फैलता है। फ़ॉकनर और कैरोल जैसे लेखकों के अनुवाद ने यूनानी साहित्यिक संवाद भी बढ़ाया।
आज के यूनान में विरासत
कुमांदारेआस परिचित शहर को दोबारा देखने योग्य बनाते हैं। Το κουρείο का दर्पण साहित्यिक निरीक्षण और आधुनिक यूनानी कौशल जोड़ता है: देखने वाले तथा दिखाई देने वाले में अंतर। अनुकूलित B1 पाठ पढ़कर काल्पनिक शोकेस, दर्पण और कुर्सी बनाएँ। Ο περαστικός βλέπει τον πελάτη. (राहगीर ग्राहक को देखता है।) और Ο πελάτης φαίνεται στον καθρέφτη. (ग्राहक दर्पण में दिखता है।) लिखकर कर्ता अलग रखें। चित्र में कुर्सी हटाकर बदले दृश्य पर दो नए वाक्य लिखें। साथी को बोलकर सुनाएँ। मूल कथा सहायता से आगे पढ़ सकते हैं; शिक्षण-दृश्य स्वतंत्र उदाहरण है।
क्या आप जानते हैं?
- 1931 में एथेंस में जन्म; 2014 में वहीं निधन।
- पहली प्रकाशित किताब Τα μηχανάκια (पिनबॉल मशीनें) 1962 में आई।
- चार राष्ट्रीय साहित्य पुरस्कार और 2008 का उरानिस प्रतिष्ठान पुरस्कार।
- दिसंबर 2012 में अभिलेख ELIA-MIET को दिए।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Τα μηχανάκια | पिनबॉल मशीनें — कहानियाँ | 1962 |
| Το αρμένισμα | नौकायन — कहानियाँ | 1967 |
| Βιοτεχνία υαλικών | काँच-सामान कार्यशाला — उपन्यास | 1975 |
| Η κυρία Κούλα | श्रीमती कूला — लघु उपन्यास | 1978 |
| Το κουρείο | नाई की दुकान — लघु उपन्यास | 1979 |
| Δυο φορές Έλληνας | दो बार यूनानी — उपन्यास | 2001 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Πιστεύω ότι ένα κείμενο ανήκει στην εποχή που έχει γραφτεί.
Pistévo óti éna keímeno aníkei stin epochí pou échei grafteí.
मेरा मानना है कि पाठ उस समय का होता है जिसमें वह लिखा गया।
















































































































