जीवन
गैलेन का जन्म 129 में रोमन एशिया के यूनानी संस्कृति वाले नगर पेरगामोन में हुआ। वास्तुकार पिता ने चिकित्सा के साथ गणित और दर्शन की व्यापक शिक्षा को प्रोत्साहित किया। उनकी मृत्यु के बाद गैलेन ने स्मिर्ना, कोरिंथ और अलेक्ज़ांड्रिया जैसे केंद्रों में अध्ययन किया। 157 में लौटकर ग्लैडिएटरों के चिकित्सक बने। इस पद ने शरीर की संरचना को व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ा, हालाँकि उनके अपने वृत्तांत अपनी प्रतिष्ठा भी बनाते हैं।
वे 160 के दशक के आरंभ में रोम पहुँचे। सार्वजनिक प्रदर्शन, व्याख्यान और विवादों ने प्रसिद्धि बढ़ाई। एशिया लौटने के बाद फिर रोम आए और मार्कस ऑरेलियस सहित शाही दरबार से जुड़े। मृत्यु का ठीक वर्ष विवादित है, लगभग 200–216 के बीच माना जाता है। 192 की रोमन आग ने बहुमूल्य पुस्तकें और सामग्री नष्ट की। नुकसान पर उनकी बाद की चर्चा चिकित्सक के साथ पाठक, संग्राहक और लेखक को दिखाती है। विवरणों का बड़ा हिस्सा उनके विपुल लेखन से मिलता है; उसकी विवादपूर्ण, कभी आत्मप्रचारक आवाज़ को भी समझकर पढ़ना चाहिए।
कृतियाँ

गैलेन ने अवलोकन, तर्क और ग्रंथों को जोड़ा। अंगों की उपयोगिता पर रचना कार्य के द्वारा संरचना समझाती है; हिप्पोक्रेटीस और प्लेटो के सिद्धांतों पर ग्रंथ चिकित्सा, आत्मा और चिंतन को जोड़ता है। चिकित्सा की कला संक्षिप्त ढाँचा देती है। दुःख से मुक्ति पर 192 की आग में पुस्तकों और संपत्ति की हानि पर विचार है। रुचि औषधियों की सूची से व्यापक थी।
शरीररचना मुख्यतः पशुओं पर निर्भर थी; मानव शरीर पर लागू करने से उपयोगी निष्कर्ष और त्रुटियाँ दोनों निकले। मिश्रण, गुण और शरीर-द्रव प्राचीन व्याख्यात्मक प्रणाली के भाग थे। ये ऐतिहासिक सिद्धांत हैं, आज निदान या उपचार के निर्देश नहीं। अच्छे चिकित्सक को तर्कशास्त्र और नैतिक अनुशासन भी चाहिए था। उद्धरण हिप्पोक्रेटीस से सीखकर खोज जारी रखने की बात करता है, हर प्राचीन कथन के सही होने की नहीं। यूनानी पांडुलिपियों और सीरियाई, अरबी तथा लैटिन अनुवादों में रचनाएँ फैलीं। इस प्रसारण में प्राधिकार का संरक्षण, पुनर्व्याख्या और कभी विरोध भी दिखता है।
आज के यूनान में विरासत
गैलेन यूनानी भाषा को शरीर के वर्णन और ज्ञान के औचित्य के इतिहास से जोड़ते हैं। रोमन जगत में उनका यूनानी लेखन आज की सीमाओं से परे संस्कृति बताता है। आधुनिक भाषा सीखना व्यावहारिक संज्ञाओं से शुरू हो सकता है।
शरीर के चित्र पर σώμα, καρδιά और χέρι लिखकर βρίσκεται से स्थिति बताएँ। ἰατρός तथा γιατρός की तुलना करें और ιατρική में विद्वत् रूप पहचानें। εξέταζε या σημείωνε से शोध का एक वाक्य लिखें। इस तरह उपयोगी भाषा सीखते हुए चिकित्सा इतिहास और वर्तमान स्वास्थ्य सलाह का अंतर बना रहता है।
क्या आप जानते हैं?
- रोमन शासन में उन्होंने चिकित्सा और दर्शन यूनानी में लिखा।
- पशु-अवलोकनों को मानव पर लागू करने की सीमाएँ थीं।
- 192 की आग में नष्ट पुस्तकों पर उन्होंने बाद में लिखा।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Περὶ χρείας μορίων | शरीर के अंगों की उपयोगिता पर | 2nd century AD |
| Περὶ τῶν Ἱπποκράτους καὶ Πλάτωνος δογμάτων | हिप्पोक्रेटीस और प्लेटो के सिद्धांतों पर | 2nd century AD |
| Τέχνη ἰατρική | चिकित्सा की कला | 2nd–early 3rd century AD |
| Περὶ ἀλυπίας | दुःख से मुक्ति पर | After AD 192 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
μανθάνοντας μὲν ὅσα καλῶς ἐκείνῳ γέγραπται, τὰ λείποντα δ' αὐτοὺς ἐξευρίσκοντας.
आज की यूनानी मेंΜαθαίνοντας όσα εκείνος έγραψε σωστά και ανακαλύπτοντας μόνοι μας όσα λείπουν.
manthanontas men hosa kalōs ekeinō gegraptai, ta leiponta d’ autous exheuriskontas.
उन्होंने जो अच्छी तरह लिखा उसे सीखते हुए और जो कमी है उसे स्वयं खोजते हुए।
















































































































