जीवन
वाकालो का जन्मनाम एलेनी स्तावरिनू था और वह एथेंस में पलीं। एथेंस विश्वविद्यालय में पुरातत्त्व पढ़ा और पेरिस की सोरबोन में कला इतिहास की कक्षाएँ लीं। कविता और दृश्य कलाएँ उनके पेशेवर जीवन में साथ विकसित हुईं। साहित्यिक प्रेस में कविताओं के बाद पहली पुस्तक Θέμα και παραλλαγές (विषय और रूपांतर) 1945 में आई।
उन्होंने ता नेआ और ज़िगोस के लिए प्रदर्शनी तथा चित्रकला और मूर्तिकला की बदलती भाषा पर लिखा। नवंबर 1958 में चित्रकार और मंच-निर्माता योर्गोस वाकालो, चित्रकार पनायोतिस तेत्सिस और प्रकाशक फ्रांत्ज़िस फ्रांत्ज़िस्काकिस के साथ वाकालो विद्यालय बनाया। कला इतिहास और दृश्य अनुभूति पढ़ाते हुए उन्होंने विश्लेषण को देखने के अनुभव से जोड़ा। जीवन के अंत तक विद्यालय के संचालन में जुड़ी रहीं।
1991 के राज्य कविता पुरस्कार ने Γεγονότα και ιστορίες της κυρα-Ροδαλίνας (श्रीमती रोदालीना की घटनाएँ और कहानियाँ) को सम्मानित किया। प्रिंसटन का अभिलेखागार कविता-पांडुलिपियाँ, व्याख्यान, निबंध, पत्र और नोटबुक सँभालता है। 2001 में एथेंस में उनका निधन हुआ। पुस्तकें, शिक्षण और मसौदे शब्दों, चित्रों तथा अन्य लोगों के प्रति सजग जीवनयात्रा दिखाते हैं।
कृतियाँ

Το Δάσος (वन), 1954 और Περιγραφή του Σώματος (शरीर का वर्णन), 1959, दृश्य और शारीरिक अनुभव को प्रयोगधर्मी काव्यभाषा में रखते हैं। परिचित संज्ञाएँ केवल स्थिर वस्तुएँ नहीं बतातीं; पाठ आगे बढ़ने पर उनके संबंध बदल सकते हैं। लंबी रचनाएँ लय, स्वर और बदलते दृष्टिकोण का अनुसरण चाहती हैं।
Του κόσμου (संसार का), 1978, में “एक व्यक्ति बुरा कैसे बना” है, जिसे यूनानी साहित्य की पाठ्यपुस्तक में लिया गया है। सरल दिखती कथा दया का डर, आत्म-औचित्य और हिंसा में भागीदारी में बदलना दिखाती है। लोककथा जैसा स्वर ज़िम्मेदारी के प्रश्न को तीखा करता है। छोटा उद्धरण इसी कहानी का हिस्सा है, आत्मकथात्मक स्वीकारोक्ति नहीं।
उनकी समीक्षा भी कला से मिलने के ढंग की जाँच करती है। Η φυσιογνωμία της μεταπολεμικής τέχνης στην Ελλάδα (यूनान में युद्धोत्तर कला का स्वरूप), 1981–1984 के चार खंड, बदलते कला-जगत का अध्ययन करते हैं। 1990 की रोदालीना पुस्तक और Το άλλο του πράγματος (वस्तु का दूसरा पक्ष), 1954–1994 की कविता का 1995 में प्रकाशित संग्रह, साहित्यिक कार्य की निरंतरता दिखाते हैं। कविता और समीक्षा दोनों पूछते हैं कि ध्यान समझ को कैसे आकार देता है।
आज के यूनान में विरासत
वाकालो की उपस्थिति पुस्तकों, सहस्थापित विद्यालय और यूनानी माध्यमिक शिक्षा में पढ़ी जाने वाली कविता से बनी है। अभिलेखागार प्रकाशित पाठों के पीछे लेखन और शिक्षण को समझने देता है। दिया अंश भावनाओं को चुनावों की शृंखला में पढ़ने का अभ्यास है।
«Λυπήθηκα επειδή ήταν μόνος. Γι’ αυτό κάθισα δίπλα του» लिखें। Επειδή के बाद कारण और γι’ αυτό के बाद परिणाम रेखांकित करें। दूसरे नमूने से मदद की अलग प्रतिक्रिया लिखें। दोनों ज़ोर से पढ़कर परिणामों की तुलना करें। ये हमारे अपने अभ्यास-वाक्य हैं; कविता का बेचैन करने वाला अंत अलग साहित्यिक चुनाव है। B1 अनुकूलित आधुनिक यूनानी पाठ और सहायक अभ्यास का स्तर बताता है।
क्या आप जानते हैं?
- उन्होंने कविता, कला समीक्षा और शिक्षा में काम किया।
- विद्यालय अपने इतिहास में स्थापना नवंबर 1958 बताता है।
- प्रिंसटन उनकी कविता-पांडुलिपियाँ और व्याख्यान सँभालता है।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Το Δάσος | वन | 1954 |
| Περιγραφή του Σώματος | शरीर का वर्णन | 1959 |
| Του κόσμου | संसार का | 1978 |
| Η φυσιογνωμία της μεταπολεμικής τέχνης στην Ελλάδα | यूनान में युद्धोत्तर कला का स्वरूप | 1981–1984 |
| Γεγονότα και ιστορίες της κυρα-Ροδαλίνας | श्रीमती रोदालीना की घटनाएँ और कहानियाँ | 1990 |
| Το άλλο του πράγματος: Ποίηση 1954–1994 | वस्तु का दूसरा पक्ष: कविता 1954–1994 | 1995 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Τόσο πολύ λυπήθηκε που ύστερα φοβήθηκε
Tóso polý lypíthike pou ýstera fovíthike
उसे इतना दुख हुआ कि बाद में वह डर गया।
















































































































