जीवन
थियोफ्रास्टस का जन्म एरेसोस में लगभग 371 ईसा पूर्व हुआ। बहुत-से विवरण सदियों बाद लिखने वाले डायोजनीज़ लाएर्तियस से आते हैं। वे मूल नाम टिर्टामस बताते हैं और प्रशंसित वाणी से थियोफ्रास्टस का नाम समझाते हैं। यह प्राचीन जीवनचरित परंपरा है, आधुनिक नाम-अभिलेख नहीं। अरस्तू के साथ साझा दार्शनिक वातावरण और सहयोग था, केवल गुरु और आज्ञाकारी शिष्य का संबंध नहीं।
एशिया माइनर और लेसबोस से जुड़े समय के बाद एथेंस में काम किया। अरस्तू323 में गए तो स्कूल सँभाला, लगभग 287 में मृत्यु तक। राजनीतिक बदलाव शिक्षा को खतरा दे सकते थे: प्रतिबंधक कानून से अस्थायी प्रस्थान हुआ, निरस्त होने पर वापसी। डायोजनीज़ द्वारा उद्धृत वसीयत पुस्तकें, बाग और छात्र समुदाय की चिंता करती है। ज्ञान सामूहिक, भौतिक आधार वाली गतिविधि दिखता है। अनेक शीर्षक वनस्पति से व्यापक काम बताते हैं, हालाँकि अधिकांश ग्रंथ पूरे नहीं बचे।
कृतियाँ

पौधों की जाँच अंतर, भाग, वृद्धि और आवास देखती है। पौधों के कारण प्रजनन तथा खेती जैसे सवालों की व्याख्या खोजते हैं। उद्धरण शोध के रास्ते गिनाता है, प्रकृति का नारा नहीं। जड़, पत्ती और फल तुलना में उपयोगी हैं, पर प्राचीन श्रेणियाँ आधुनिक प्रजातियों से सीधे नहीं मिलतीं।
चरित्र एथेंस का दैनिक व्यवहार देखता है। तीस छोटे दृश्य चापलूसी, अनुचित बाधा और बेकार व्यस्तता दिखाते हैं। ये साहित्यिक प्रकार हैं, चिकित्सकीय निदान या पड़ोसियों की सीधी रिकॉर्डिंग नहीं। मूल उद्देश्य विवादित है। पत्थरों पर खनिज और गुण जाँचता है। खंड और बाद की गवाहियाँ तर्कशास्त्र, अनुभूति और दर्शन भी बचाती हैं। चार शीर्षक वास्तविक बची रचनाएँ हैं, पूर्ण सूची नहीं। विवरण जुटाना, मामले मिलाना और व्याख्या पूछना एक ही बौद्धिक अभ्यास के भाग हैं।
आज के यूनान में विरासत
थियोफ्रास्टस लेसबोस और एथेंस को प्रकृति के यूनानी नामों और व्यवहार के वर्णन से जोड़ते हैं। बाग या तस्वीर आज शुरुआत है। प्राचीन पाठ को आधुनिक रूप चाहिए; B1 सहायक आधुनिक यूनानी पर लागू है।
पेड़ की तस्वीर में केवल दिखाई देने वाले ρίζα, φύλλο, άνθος और καρπός लिखें। έχει से दो और βλέπω से एक वाक्य बनाएँ। अवलोकन और व्याख्या अलग रखें। फिर चरित्र का आधुनिक सार पढ़कर काल्पनिक आदत बताएँ, वास्तविक व्यक्ति का निदान नहीं। शब्द और सावधानी उपयोगी भाषा-अभ्यास बनते हैं।
क्या आप जानते हैं?
- अरस्तू के323 में जाने के बाद स्कूल चलाया।
- चरित्र में तीस साहित्यिक चित्र हैं।
- पौधे और व्यवहार दोनों विस्तृत वर्णन पर टिके हैं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Περὶ φυτῶν ἱστορίας | पौधों की जाँच | Late 4th–early 3rd century BC |
| Περὶ φυτῶν αἰτιῶν | पौधों के कारणों पर | Late 4th–early 3rd century BC |
| Χαρακτῆρες | चरित्र | Late 4th–early 3rd century BC |
| Περὶ λίθων | पत्थरों पर | Late 4th–early 3rd century BC |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Τῶν φυτῶν τὰς διαφορὰς καὶ τὴν ἄλλην φύσιν ληπτέον κατά τε τὰ μέρη καὶ τὰ πάθη καὶ τὰς γενέσεις καὶ τοὺς βίους
आज की यूनानी मेंΠρέπει να μελετούμε τις διαφορές και τα υπόλοιπα χαρακτηριστικά των φυτών εξετάζοντας τα μέρη τους, τις μεταβολές τους, τους τρόπους γένεσης και τη ζωή τους.
Tōn phytōn tas diaphoras kai tēn allēn physin lēpteon kata te ta merē kai ta pathē kai tas geneseis kai tous bious
पौधों के अंतर और अन्य विशेषताओं को उनके भाग, बदलाव, उत्पत्ति के तरीके और जीवन के आधार पर जाँचना चाहिए।
















































































































