जीवन
एम्मानुइल क्रियारास, जिनका नाम Emmanouil या Emmanouel भी लिखा जाता है, 1906 में पिरेउस में जन्मे। बचपन के कुछ वर्ष मिलोस में बिताने और खानिया में बड़े होने के बाद उन्होंने 1924 से 1929 तक एथेंस विश्वविद्यालय में भाषाशास्त्र पढ़ा। फिर एथेंस अकादमी के मध्ययुगीन अभिलेखागार में पहले शोधकर्ता और बाद में निदेशक रहे। 1938 में पूर्ण हुए उनके शोधप्रबंध ने एरोतोक्रितोस के स्रोतों का अध्ययन किया।
1950 में वे थेसालोनिकी विश्वविद्यालय में मध्ययुगीन यूनानी भाषाशास्त्र के प्रोफेसर बने। अध्यापन, साहित्यिक शोध और ऐतिहासिक कोश की तैयारी साथ विकसित हुए। सैनिक तानाशाही ने 1968 में उन्हें विश्वविद्यालय से हटा दिया। उन्होंने प्रशिक्षित दल के साथ शोध जारी रखा; कोश का पहला खंड उसी वर्ष निकला। 1997 तक उनके निर्देशन में कुल चौदह खंड प्रकाशित हुए, जिसके बाद परियोजना यूनानी भाषा केंद्र को सौंपी गई।
क्रियारास ने शिक्षा और जनभाषा यूनानी के प्रयोग की सार्वजनिक बहस में भी भाग लिया। वे शिक्षण में जीवित भाषा और एकल उच्चारण-चिह्न प्रणाली के पक्षधर थे। एथेंस अकादमी ने 1980 में उन्हें पत्राचार सदस्य चुना। अध्ययन, कोश और संस्मरणों के साथ उनका लंबा कार्यजीवन 22 अगस्त 2014 को थेसालोनिकी में मृत्यु तक चला।
कृतियाँ

Λεξικό της μεσαιωνικής ελληνικής δημώδους γραμματείας, अर्थात मध्ययुगीन यूनानी लोकभाषा साहित्य का कोश, 1100–1669 के ग्रंथों से शब्द संकलित करता है। पहला खंड 1968 में निकला। हर प्रविष्टि में रूपांतर, अर्थ और नामित ग्रंथों के उदाहरण मिलते हैं। पाठक पूछ सकता है कि कोई प्रयोग कहाँ मिलता है और उसकी व्याख्या के समर्थन में कौन से प्रमाण हैं। यह सामूहिक संपादन से बना प्रमाणित प्रयोगों का इतिहास है।
क्रियारास ने साहित्यिक कृतियों के संस्करण भी तैयार किए, जिनमें जॉर्जियोस खोरतात्सिस की Πανώρια का 1975 का आलोचनात्मक संस्करण शामिल है। भूमिका, पाठभेद, टिप्पणियाँ और शब्दावली बाद के पाठकों को दूसरे लेखक के संप्रेषित ग्रंथ तक पहुँचाते हैं। उनका Νέο ελληνικό λεξικό της σύγχρονης δημοτικής γλώσσας, आधुनिक जनभाषा यूनानी का नया कोश, 1995 में लिखित और बोली जाने वाली आधुनिक भाषा के लिए आया। Μακράς ζωής αγωνίσματα, लंबे जीवन के संघर्ष, 2009 की आत्मकथा है।
पहले चौदह खंडों के बाद मध्ययुगीन कोश का काम यूनानी भाषा केंद्र में चला। ऑनलाइन संक्षिप्त संस्करण में प्रविष्टियाँ, संक्षेप और स्रोत साथ दिखाई देते हैं। क्रियारास का काम भाषा का इतिहास व्यावहारिक बनाता है: परिचित दिखने वाले शब्द का अर्थ समझने से पहले भी काल, रूप और संदर्भ देखना होता है।
आज के यूनान में विरासत
ऑनलाइन संक्षिप्त कोश में λέγω प्रविष्टि खोलें और λέγω तथा λέω रूप खोजें। αόρ. खोजकर उसका पूरा रूप αόριστος लिखें, फिर एक उदाहरण की स्रोत-संज्ञा नोट करें। इस ऐतिहासिक प्रमाण के साथ अलग आधुनिक यूनानी अभ्यास करें: एक वाक्य σήμερα λέω से और दूसरा χθες είπα से शुरू करें। अपना संदेश जोड़ें और दोनों बोलकर पढ़ें। इससे रूप पहचानना, व्याकरणिक संक्षेप पढ़ना और काल बदलना सीखेंगे, बिना हर मध्ययुगीन रूप को आज की बोली मानने के। B1 पाठ इन कदमों में मदद करता है। लंबे ऐतिहासिक उद्धरण के लिए स्रोत-सूचना और उस काल के अनुरूप व्याख्या या अनुवाद लें।
क्या आप जानते हैं?
- उनका ऐतिहासिक कोश 1100 से 1669 के ग्रंथों को समेटता है।
- पहले चौदह खंड 1968 और 1997 के बीच प्रकाशित हुए।
- एथेंस अकादमी ने 1980 में उन्हें पत्राचार सदस्य चुना।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Λεξικό της μεσαιωνικής ελληνικής δημώδους γραμματείας, τόμος Α΄ | मध्ययुगीन यूनानी लोकभाषा साहित्य का कोश, खंड एक | 1968 |
| Γεωργίου Χορτάτση Πανώρια — κριτική έκδοση | जॉर्जियोस खोरतात्सिस की पानोरिया — आलोचनात्मक संस्करण | 1975 |
| Νέο ελληνικό λεξικό της σύγχρονης δημοτικής γλώσσας | आधुनिक जनभाषा यूनानी का नया कोश | 1995 |
| Μακράς ζωής αγωνίσματα | लंबे जीवन के संघर्ष | 2009 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Η γνώση της γλώσσας δεν έχει όρια.
I gnosi tis glossas den echei oria.
भाषा का ज्ञान असीम है।
















































































































