जीवन
अलेकोस अलेक्सांद्राकिस का जन्म 27 नवंबर 1928 को एथेंस में हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय रंगमंच के नाट्य विद्यालय में प्रशिक्षण लिया और 1949 में कातेरीना आंद्रेआदी की मंडली से मंच पर आए। आरंभिक फ़िल्मों में Εκείνες που δεν πρέπει να αγαπούν (जिन्हें प्रेम नहीं करना चाहिए, 1951) और Η Αγνή του λιμανιού (बंदरगाह की आग्नी, 1952) शामिल हैं। रंगमंच और सिनेमा पूरे जीवन साथ विकसित हुए।
1954 में वे एपिदावरोस के प्राचीन थिएटर में यूरीपिदेस की त्रासदी के हिप्पोलितोस बने; निर्देशक दिमित्रिस रोंदिरिस थे। फ़िल्मों में प्रेम-नाटक और हास्य दोनों आए, जैसे मिखालिस काकोयानिस की Στέλλα (स्तेला, 1955)। 1961 में Συνοικία το όνειρο (सपनों का मोहल्ला) के निर्देशक-अभिनेता के रूप में उन्होंने एथेंस की ग़रीब बस्ती के लोगों को देखा। फ़िल्म की सेंसरशिप यूनानी सिनेमा-इतिहास में उसके स्थान का हिस्सा बनी।
उन्होंने नाट्य मंडलियाँ भी बनाईं और नोनिका गालिनेआ के साथ वर्षों पेशेवर सहयोग किया। दोनों ने 1986 में इलिसिया रंगमंच खोला। 1970 के दशक और बाद में टेलीविज़न ने दर्शक बढ़ाए। लुईज़ पेज की Σαλόνικα (सालोनिका, 1998) से राष्ट्रीय रंगमंच में लौटे और वासिलिस दूरोस की Το φως που σβήνει (बुझती रोशनी, 2000) में आए। 2001 में उन्हें ऑर्डर ऑफ़ ऑनर का स्वर्ण क्रॉस मिला। 8 नवंबर 2005 को निधन हुआ।
कृतियाँ

1954 की Ιππόλυτος (हिप्पोलितोस) अलेक्सांद्राकिस को यूरीपिदेस प्रस्तुत करते समूह में दिखाती है। उन्होंने शीर्षक-पात्र निभाया और थानोस कोत्सोपुलोस उसके पिता थीसेआस बने। यह राष्ट्रीय रंगमंच की शुरुआती एपिदावरोस प्रस्तुतियों में थी; वार्षिक उत्सव अगले वर्ष संस्था बना। अभिलेख की टिप्पणियाँ अभिनेताओं और उनके नाटकीय पात्रों के नाम अलग रखती हैं।
Στέλλα (स्तेला, 1955) में वे काकोयानिस की फ़िल्म में मेलिना मर्कूरी और योर्गोस फ़ुंदास के साथ आए। Συνοικία το όνειρο (सपनों का मोहल्ला, 1961) ने कैमरे के पीछे की ज़िम्मेदारी भी दी। तासोस लिवादितिस और कोस्तास कोत्ज़ियास की पटकथा ग़रीबी में बेहतर भविष्य का सपना देखते लोगों का अनुसरण करती है। रोज़मर्रा जीवन का नवयथार्थवादी ध्यान अधिकारियों की पसंद की आकर्षक यूनान-छवि को चुनौती देता है।
दिनोस दिमोपुलोस की Δεσποινίς Διευθυντής (कुमारी निदेशक, 1964) में वे जेनी कारेज़ी के साथ तकनीकी कंपनी के आसपास की हास्यकथा में हैं। बाद के नाट्यकाम में यानिस इओर्दानिदिस निर्देशित Σαλόνικα (सालोनिका, 1998) है। Το φως που σβήνει (बुझती रोशनी, 2000) ने दूसरी यूनानी फ़िल्म पीढ़ी तक उनका काम बढ़ाया। ये प्रस्तुतियाँ प्राचीन पात्र, आधुनिक सामाजिक नाटक और लोकप्रिय हास्य को अलग लेखकों, निर्देशकों व सहकलाकारों के सहयोग से जोड़ती हैं।
आज के यूनान में विरासत
पीरेअस नगरपालिका के दिमित्रिस रोंदिरिस अभिलेख की Φωτογραφίες από την παράσταση «Ιππόλυτος» (हिप्पोलितोस की तस्वीरें), 11 जुलाई 1954, खोलें। टिप्पणियों में अलेक्सांद्राकिस को Ιππόλυτος और कोत्सोपुलोस को Θησέας से मिलाएँ। पूछें Ποιος παίζει τον Ιππόλυτο; और अभिनेता के नाम से उत्तर दें।
फिर Ο Κωτσόπουλος παίζει τον Θησέα लिखें। देखें कि παίζει के बाद Ιππόλυτος का τον Ιππόλυτο और Θησέας का τον Θησέα होता है। ये अभ्यास-वाक्य ऐतिहासिक कलाकार-सूची पर हमारे बनाए हैं। A2 पाठ नाट्य अभिलेख पढ़ने में मदद करता है; पूरी त्रासदी और साहित्यिक भाषा को अधिक सहायता चाहिए। अभिनेता-पात्र का यही भेद अन्य यूनानी कार्यक्रमों और फ़िल्म-सूचियों में उपयोगी है।
क्या आप जानते हैं?
- उन्होंने 1954 की राष्ट्रीय रंगमंच की एपिदावरोस प्रस्तुति में हिप्पोलितोस निभाया।
- उन्होंने सपनों का मोहल्ला (1961) का निर्देशन और अभिनय किया।
- नोनिका गालिनेआ के साथ पेशेवर सहयोग से 1986 में इलिसिया रंगमंच खुला।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Ιππόλυτος | हिप्पोलितोस (एपिदावरोस प्रस्तुति) | 1954 |
| Στέλλα | स्तेला | 1955 |
| Συνοικία το όνειρο | सपनों का मोहल्ला | 1961 |
| Δεσποινίς Διευθυντής | कुमारी निदेशक | 1964 |
| Σαλόνικα | सालोनिका (राष्ट्रीय रंगमंच) | 1998 |
| Το φως που σβήνει | बुझती रोशनी | 2000 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Αν γύριζα τον χρόνο πίσω, είμαι βέβαιος ότι πάλι την ίδια δουλειά θα έκανα.
An gýriza ton chróno píso, eímai vévaios óti páli tin ídia douleiá tha ékana.
समय पीछे लौटाता तो मुझे यक़ीन है कि फिर यही काम करता।

























































































