जीवन
थिओक्रितोस सिसिली के यूनानी नगर सिराक्यूज़ से थे, जहाँ हास्य और माइम की समृद्ध परंपरा थी। वे ईसा-पूर्व तीसरी शताब्दी के पहले भाग में सक्रिय थे; जन्म और मृत्यु की निश्चित तिथियाँ ज्ञात नहीं हैं। उनकी कविता हेलेनिस्टिक संसार की है, जहाँ यूनानी साहित्य सिसिली, एजियन द्वीपों और मिस्र को जोड़ता था। प्राचीन जीवनी-परंपराएँ और कविताएँ उन्हें कोस और अलेक्ज़ान्द्रिया से जोड़ती हैं, हालाँकि किसी कविता का स्थान लेखक के वहाँ रहने का प्रमाण नहीं है। टॉलेमी द्वितीय की प्रशंसा और सिराक्यूज़ के हिएरोन को संबोधित कविता दिखाती हैं कि कवि शासकों से सम्मान और सहयोग कैसे माँगते थे।
बची हुई रचनाएँ गढ़े हुए स्वर प्रस्तुत करती हैं, लगातार आत्मकथा नहीं। Θαλύσια (फसल का उत्सव) में कथावाचक सिमिखिदास कोस के भू-दृश्य से गुजरते हुए बकरीपालक लिकिदास से मिलता है। ग्रामीण उत्सव से पहले दोनों गीतों का आदान-प्रदान करते हैं। विद्वान कथावाचक और कवि का संबंध तलाशते हैं, लेकिन यह प्रसंग वास्तविक डायरी नहीं बन जाता। संग्रह में चरवाहे, पौराणिक पात्र और नगरवासी आते हैं। उनके नाम से मिले कुछ काव्य आधुनिक शोध में अप्रामाणिक माने जाते हैं। इस मिश्रित परंपरा को समझना ऐतिहासिक कवि को उनके आसपास विकसित व्यापक गोपकाव्य-परंपरा से अलग करता है।
कृतियाँ

इडिल अलग-अलग परिवेशों और स्वरों वाली छोटी कविताएँ हैं। Θύρσις ἢ Ὠιδή (थिर्सिस अथवा गीत), इडिल 1, ग्रामीण गायकों के मिलन के केंद्र में दाफ्निस का गीत रखता है। Θαλύσια (फसल का उत्सव), इडिल 7, गीतों के आदान-प्रदान को यात्रा और देवी देमेतर के उत्सव से जोड़ता है। Συρακόσιαι ἢ Ἀδωνιάζουσαι (सिराक्यूज़ की स्त्रियाँ अथवा अदोनिस के उत्सव की स्त्रियाँ), इडिल 15, दो स्त्रियों को अलेक्ज़ान्द्रिया से राजकीय उत्सव तक ले जाता है। ये नगरीय स्वर बताते हैं कि संग्रह केवल शांत देहाती दृश्य नहीं है।
थिओक्रितोस सधे हुए छंद लिखते हैं, प्रायः साहित्यिक डोरिक और महाकाव्य के षट्पदी छंद में। रोज़मर्रा के हावभाव और बातचीत के साथ मिथक और विद्वत्तापूर्ण संकेत आते हैं। उनके चरवाहे कलात्मक पात्र हैं, ग्रामीण भाषा की दस्तावेज़ी रिकॉर्डिंग नहीं। सातवें इडिल के अंत में कीट और पक्षी बोलते हैं, हवा में पके ग्रीष्म की गंध है और पास सेब-नाशपाती प्रचुर हैं। उद्धरण पंक्ति 143 है। अगली पंक्तियाँ अलग आधुनिक अभ्यास सुझाती हैं: ένα μήλο / δύο μήλα (एक सेब / दो सेब), ένα αχλάδι / δύο αχλάδια (एक नाशपाती / दो नाशपातियाँ)। ये आधुनिक रूप हैं; प्राचीन शब्द और बोली A2 यूनानी नहीं हैं।
आज के यूनान में विरासत
यूनानी भाषा केंद्र अपने प्राचीन साहित्य-संकलन और हेलेनिस्टिक साहित्य-मार्गदर्शक में थिओक्रितोस के ग्रामीण और नगरीय इडिलों का अंतर दिखाता है। छोटे अभ्यास के लिए Θαλύσια, इडिल 7, की पंक्तियाँ 135–147 अनुवाद के साथ खोजें। 144–145 में सेब और नाशपाती देखें। फिर असली फल या चित्र लें: एक सेब पर ένα μήλο, दो पर δύο μήλα लिखें; एक और दो नाशपातियों के लिए ένα αχλάδι / δύο αχλάδια लिखें। साथी से पूछें Πόσα μήλα έχεις; (तुम्हारे पास कितने सेब हैं?)। कविता की प्रचुरता आधुनिक यूनानी की उपयोगी गिनती बनती है; प्राचीन डोरिक अलग, सहायतापूर्ण पठन है।
क्या आप जानते हैं?
- इडिलों में चरवाहों के साथ नगरीय दृश्य भी हैं।
- सातवाँ इडिल अनाज और फसल की देवी देमेतर का उत्सव मनाता है।
- उनके नाम से मिली कुछ कविताएँ अप्रामाणिक मानी जाती हैं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Θύρσις ἢ Ὠιδή (Εἰδύλλιον 1) | थिर्सिस अथवा गीत (इडिल 1) | Early 3rd century BCE |
| Θαλύσια (Εἰδύλλιον 7) | फसल का उत्सव (इडिल 7) | Early 3rd century BCE |
| Κύκλωψ (Εἰδύλλιον 11) | साइक्लोप्स (इडिल 11) | Early 3rd century BCE |
| Συρακόσιαι ἢ Ἀδωνιάζουσαι (Εἰδύλλιον 15) | सिराक्यूज़ की स्त्रियाँ अथवा अदोनिस के उत्सव की स्त्रियाँ (इडिल 15) | Early 3rd century BCE |
याद रखने लायक एक पंक्ति
πάντʼ ὦσδεν θέρεος μάλα πίονος, ὦσδε δʼ ὀπώρας.
आज की यूनानी मेंΌλα μύριζαν πλούσιο καλοκαίρι, μύριζαν την εποχή των ώριμων καρπών.
pánt’ ôsden théreos mála píonos, ôsde d’ opṓras.
हर ओर भरपूर गर्मियों की गंध थी, पके फलों के मौसम की गंध थी।

























































































