जीवन
विक्टोरिया थियोडोरू का जन्म क्रीट के खानिया में हुआ। स्थानीय अख़बार Χανιώτικα Νέα उनकी जन्मतिथि 22 दिसंबर 1925 बताता है; कई पुस्तकालय और अभिलेखागार रिकॉर्ड 1926 देते हैं। उनकी माँ क्रीट की थीं और पिता सर्बिया से आए एक आइकन-चित्रकार। स्कूली छात्रा के रूप में उन्होंने 1941 में क्रीट पर जर्मन आक्रमण देखा, और किशोरावस्था में प्रतिरोध के युवा संगठन ΕΠΟΝ में शामिल हुईं।
युद्ध के बाद वे एथेंस चली गईं और एथेंस विश्वविद्यालय के दर्शन संकाय में दाख़िला लिया। गृहयुद्ध के दौरान उन्हें वामपंथी छात्रा के रूप में गिरफ़्तार कर निर्वासित किया गया: पहले खियोस के महिला शिविर में, फिर त्रिकेरी और माक्रोनिसोस में, और अंत में फिर त्रिकेरी में। स्रोत निर्वासन की शुरुआत 1947 या 1948 बताते हैं। उन्होंने δήλωση μετανοίας (पश्चाताप की घोषणा) पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया, वह घोषणा जो शिविर बंदियों से माँगते थे। खानिया के प्रेस के अनुसार 1952 के अंत में उन्हें αδειούχος εξόριστη (छुट्टी पर निर्वासित) के रूप में रिहा किया गया; यह क्रीट के ही हारिदिमोस स्पानूदाकिस के प्रयासों से हुआ, जिनसे उन्होंने 1955 में विवाह किया।
बाद में उन्होंने शास्त्रीय भाषाशास्त्र की पढ़ाई पूरी की और एथेंस में रहीं। उनकी पहली कविताएँ 1955 में पत्रिका Επιθεώρηση Τέχνης (कला समीक्षा) में छपीं। 1998 में उन्होंने अपने काग़ज़ात समकालीन सामाजिक इतिहास अभिलेखागार (ΑΣΚΙ) को सौंप दिए। फ़रवरी 2019 में उनका निधन हुआ और उन्हें एथेंस के ज़ोग्राफ़ू क़ब्रिस्तान में दफ़नाया गया।
कृतियाँ
थियोडोरू का पहला संग्रह Εγκώμιο (प्रशस्ति) 1957 में आया। उसके बाद ग्यारह और आए, जिनमें Βορεινό προάστιο (उत्तरी उपनगर, 1966), Ουρανία (उरानिया, 1978), Άρειος ύπνος (एरीज़ की नींद, 1983), Η νυχτωδία των συνόρων (सीमाओं का रात्रि-गीत, 1986) और Ευνοημένοι (कृपापात्र, 1998) शामिल हैं। आलोचक उन्हें युद्धोत्तर यूनानी कवियों की पहली पीढ़ी में रखते हैं। उनकी कविताएँ जिए हुए अनुभव से उपजती हैं, और पानी, समुद्र और क्रीट का तट बार-बार लौटते हैं। Άρειος ύπνος की प्रेरणा खानिया के पास मालेमे के जर्मन सैनिक क़ब्रिस्तान से मिली, और यह वहाँ आक्रमणकारी सेना के मृत सैनिकों को दिए जाने वाले सम्मान पर सवाल उठाता है।
उनका गद्य शिविर के वर्षों से गहराई से जुड़ा है। Στρατόπεδα γυναικών (महिला शिविर, 1975) उनका अपना संस्मरण नहीं है: यह उन नौ कॉपियों का उनका संपादित संस्करण है जिनमें 1947 से 1951 के बीच खियोस, त्रिकेरी और माक्रोनिसोस में बंद महिलाओं ने अपने अनुभव दर्ज किए। बंदियों ने ये कॉपियाँ छिपा रखी थीं; विदुषी रोज़ा इम्व्रियोती ने, जो स्वयं भी निर्वासित थीं, उन्हें सँभाला और बाद में थियोडोरू को सौंप दिया। 1996 में उन्होंने राजनीतिक निर्वासित महिलाओं के संघ के साथ एक फ़ोटो-संकलन भी संपादित किया, Γυναίκες εξόριστες στα στρατόπεδα του εμφυλίου (गृहयुद्ध के शिविरों में निर्वासित महिलाएँ)। उनकी अन्य गद्य पुस्तकों में Ο Τράικο (त्राइको, 1982) है। उन्होंने फ़्रांसीसी और स्लाव भाषाओं से कविता का अनुवाद भी किया, और उनकी अपनी कविताएँ फ़्रांसीसी में Poèmes choisis (2001) नाम से छपीं।
आज के यूनान में विरासत
थियोडोरू के काग़ज़ात, जिनमें निर्वासित महिलाओं की लिखी कॉपियाँ और विरोध-पत्र तथा माक्रोनिसोस और त्रिकेरी में लिखी उनकी कविताएँ हैं, समकालीन सामाजिक इतिहास अभिलेखागार (ΑΣΚΙ) में सुरक्षित हैं। जुलाई 2019 में क्रीटी साहित्य केंद्र और क्रीट की ऑर्थोडॉक्स अकादमी ने खानिया के पास कोलिम्बारी में उनकी स्मृति में एक व्याख्यान-दिवस आयोजित किया। सीखने वालों के लिए उनका काम इस बात का सावधान पाठ है कि किसकी स्मृति बोल रही है। Στρατόπεδα γυναικών का उपशीर्षक पढ़ें, जो बंदी महिलाओं के वृत्तांतों वाली कॉपियों की बात करता है। फिर अपने दो वाक्य लिखें। पहले किसी का कथन बताएँ: Το 2010 η Θεοδώρου είπε ότι η ποίηση ήταν γι’ αυτήν καταφύγιο (2010 में थियोडोरू ने कहा कि कविता उनके लिए एक शरण थी)। फिर अपनी तिथि वाली एक याद: Θυμάμαι ότι το 2015… (मुझे याद है कि 2015 में…)। अपने इस्तेमाल किए क्रियाओं और कालों की तुलना करें।
क्या आप जानते हैं?
- उनके पिता सर्बिया से आए आइकन-चित्रकार थे, और उन्होंने बाद में स्लाव भाषाओं से कविता का अनुवाद किया।
- Στρατόπεδα γυναικών की कॉपियाँ उन तक पहुँचने से पहले बंदियों ने छिपा रखी थीं।
- पूरे निर्वासन में उन्होंने पश्चाताप की घोषणा पर हस्ताक्षर करने से इनकार किया।
- उनके संग्रह Άρειος ύπνος की प्रेरणा उनके गृहनगर के पास एक सैनिक क़ब्रिस्तान से मिली।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Εγκώμιο | प्रशस्ति — पहला कविता-संग्रह | 1957 |
| Βορεινό προάστιο | उत्तरी उपनगर | 1966 |
| Στρατόπεδα γυναικών | महिला शिविर — बंदियों की कॉपियाँ, उनके द्वारा संपादित | 1975 |
| Άρειος ύπνος | एरीज़ की नींद | 1983 |
| Η νυχτωδία των συνόρων | सीमाओं का रात्रि-गीत | 1986 |
| Ευνοημένοι | कृपापात्र | 1998 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Η ποίηση ήταν για εμένα ένα καταφύγιο ενάντια στις δυσκολίες που αντιμετώπισα.
I píisi ítan ya eména éna katafýgio enántia stis dyskolíes pou antimetópisa.
मेरे लिए कविता उन कठिनाइयों के विरुद्ध एक शरण थी जिनका मैंने सामना किया।


























































