जीवन
त्रिकूपिस का जन्म 11 जुलाई 1832 को नाफ़्प्लियो में हुआ, जो तब यूनान की राजधानी थी। उनके पिता, स्पिरिदोन त्रिकूपिस, राजनेता, राजनयिक और यूनानी क्रांति के पहले महान इतिहासकार थे; उनकी माँ माव्रोकोर्दातोस परिवार से थीं। उन्होंने पेरिस में क़ानून पढ़ा और फिर लंदन में यूनानी दूतावास में शामिल हुए, जहाँ उनके पिता राजदूत थे। उन्होंने कई वर्ष इंग्लैंड में बिताए, वहाँ की संसदीय व्यवस्था की प्रशंसा की और 1864 में उन वार्ताओं में भाग लिया जिनके द्वारा ब्रिटेन ने आयोनियन द्वीप यूनान को सौंपे।
एथेंस लौटकर वे 1860 के दशक में संसद में पहुँचे। उनका क्षण 29 जून 1874 को आया, जब अख़बार Οι Καιροί (केरी) ने उनका लेख «Τις πταίει;» (दोष किसका?) प्रकाशित किया। इसमें उन्होंने देश की राजनीतिक अराजकता के लिए स्वयं राजा जॉर्ज प्रथम को दोषी ठहराया, क्योंकि वे बार-बार बिना बहुमत वाली सरकारें नियुक्त करते थे। त्रिकूपिस को थोड़े समय के लिए गिरफ़्तार किया गया, पर 1875 में राजा ने «δεδηλωμένη» — संसद के घोषित विश्वास — का सिद्धांत स्वीकार किया और उन्हें प्रधानमंत्री नियुक्त किया।
उन्होंने सात बार सरकार का नेतृत्व किया, सबसे लंबे कार्यकाल 1882–1885 और 1886–1890 में रहे, और अपने प्रतिद्वंद्वी थेओदोरोस दिलियान्निस से लंबा द्वंद्व लड़ा। 1893 के राजकीय दिवालियापन और 1895 के चुनावों में भारी हार के बाद, जिसमें वे अपनी सीट तक हार गए, उन्होंने यूनान छोड़ दिया। 1896 में दक्षिणी फ़्रांस के कान में उनका निधन हुआ। उन्होंने कभी विवाह नहीं किया; उनकी बहन सोफ़िया जीवन भर उनकी साथी और सहारा रहीं।
कृतियाँ

त्रिकूपिस चाहते थे कि यूनान एक आधुनिक यूरोपीय राज्य बने, और उनका मानना था कि इसके लिए दो चीज़ें ज़रूरी हैं: ईमानदार संसदीय शासन और बुनियादी ढाँचा। पहली चीज़ उन्होंने «Τις πταίει;» और δεδηλωμένη के ज़रिए हासिल की, जो आज भी यूनानी संविधान का सिद्धांत है: सरकार को संसद के बहुमत का विश्वास प्राप्त होना चाहिए।
दूसरी चीज़ थी सार्वजनिक निर्माण का उनका बड़ा कार्यक्रम। जब वे सत्ता में आए, यूनान में लगभग कोई रेलवे नहीं थी और ढंग की सड़कें भी कम थीं। उनकी सरकारों के दौरान एटिका, पेलोपोनीज़ और थेस्सली में रेल लाइनों का जाल बिछाया गया, कई नई सड़कें खोली गईं, बंदरगाह सुधारे गए, और 1882 में कोरिंथ नहर का काम शुरू हुआ, जो अंततः 1893 में खुली। उन्होंने सिविल सेवा और सेना का पुनर्गठन किया और नौसेना के लिए आधुनिक युद्धपोत मँगवाए।
इस सबका भुगतान भारी करों और बड़े विदेशी ऋणों से हुआ। दिलियान्निस के नेतृत्व में उनके विरोधियों ने उन पर जनता को करों से कुचलने का आरोप लगाया, और जब अंतरराष्ट्रीय आर्थिक संकट ने यूनानी निर्यात, सबसे बढ़कर किशमिश, पर चोट की, तो राज्य अपने ऋण नहीं चुका सका। दिसंबर 1893 में यूनान ने दिवालियापन घोषित किया, और कहा जाता है कि त्रिकूपिस ने संसद में इसकी घोषणा इन शब्दों से की: «Δυστυχώς επτωχεύσαμεν» (दुर्भाग्य से, हम दिवालिया हो गए हैं)। इतिहासकारों को संदेह है कि उन्होंने ठीक यही शब्द कहे थे, पर यह वाक्य भाषा में बना रहा और 2010 के ऋण संकट के दौरान हर अख़बार के पहले पन्ने पर लौट आया।
आज के यूनान में विरासत
त्रिकूपिस को गंभीर, सुधारवादी राजनेता के आदर्श के रूप में याद किया जाता है, और हर दल के यूनानी राजनेता आज भी उनका हवाला देते हैं। उनका नाम Γέφυρα Χαρίλαος Τρικούπης पर है — कोरिंथ की खाड़ी पर बना रियो–आंतिरियो पुल, जो 2004 में खुला और पेलोपोनीज़ को उनके परिवार के नगर मेसोलोंगी के पास पश्चिमी मध्य यूनान से जोड़ता है। Χαριλάου Τρικούπη नाम की सड़कें एथेंस और लगभग हर यूनानी शहर से गुज़रती हैं, और एथेंस में पुरानी संसद भवन के पास उनकी प्रतिमा खड़ी है। स्कूली इतिहास की किताबों में «Τις πταίει;» और δεδηλωμένη मानक विषय हैं, और «Δυστυχώς επτωχεύσαμεν» ऐसा वाक्य है जिसे हर यूनानी जानता है और जब भी पैसा ख़त्म होता है, कड़वे हास्य के साथ बोलता है।
क्या आप जानते हैं?
- उनके पिता, स्पिरिदोन त्रिकूपिस, भी प्रधानमंत्री रहे और उन्होंने यूनानी क्रांति का पहला महान इतिहास लिखा।
- जिस लेख ने उन्हें प्रसिद्ध किया, «Τις πταίει;», वह 1874 में प्रकाशित हुआ और उसके कारण उन्हें थोड़े समय के लिए गिरफ़्तार किया गया।
- कोरिंथ नहर का काम उनकी सरकार के दौरान 1882 में शुरू हुआ और वह 1893 में खुली — उसी वर्ष जब दिवालियापन हुआ।
- 1895 के चुनावों में उन्होंने न केवल सत्ता बल्कि संसद में अपनी सीट भी खो दी।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| «Τις πταίει;» (άρθρο στην εφημερίδα «Καιροί») | दोष किसका? (अख़बारी लेख) | 1874 |
| Η αρχή της δεδηλωμένης | संसद के घोषित विश्वास का सिद्धांत | 1875 |
| Έναρξη των έργων της Διώρυγας της Κορίνθου | कोरिंथ नहर के काम की शुरुआत | 1882 |
| Το σιδηροδρομικό δίκτυο | यूनानी रेल नेटवर्क | 1880s |
| Η πτώχευση του 1893 | राजकीय दिवालियापन | 1893 |
कृतियों से




विकिमीडिया कॉमन्स से सार्वजनिक डोमेन की तस्वीरें।
याद रखने लायक एक पंक्ति
Δυστυχώς επτωχεύσαμεν.
Dystychos eptocheusamen.
दुर्भाग्य से, हम दिवालिया हो गए हैं।
























