जीवन
ज़ाप्पास का जन्म 1800 में एपिरस के यूनानी गाँव लाबोवो में हुआ, जो अर्गिरोकास्त्रो के पास आज के दक्षिणी अल्बानिया में है। लगभग तेरह वर्ष की उम्र में वे इयोआनिना के अली पाशा की सेना में भर्ती हुए, और जब 1821 में क्रांति भड़की तो वे यूनानियों की ओर से लड़े; मार्कोस बोत्सारिस के घनिष्ठ मित्र रहे ज़ाप्पास ने 1823 में बोत्सारिस की मृत्यु के बाद कित्सोस त्ज़ावेलास जैसे अन्य सरदारों के अधीन सेवा की और मेजर के पद तक पहुँचे। युद्ध के बाद वे नए यूनानी राज्य में नहीं रुके। 1831 में वे वलाकिया में, आज के रोमानिया में, बस गए, जहाँ बहुत से यूनानी रहते और व्यापार करते थे। वहाँ उन्होंने ज़मीन ख़रीदी और पट्टे पर ली, बड़े पैमाने पर खेती की और देश के सबसे धनी लोगों में से एक बन गए।
1850 के दशक में, धनी और निःसंतान होने के कारण, उनका ध्यान यूनान की ओर गया। 1856 में उन्होंने राजा ओटो को पत्र लिखकर प्राचीन ओलंपिक खेलों के पुनरुद्धार का ख़र्च उठाने की पेशकश की, और 1859 में उनके पैसे से एथेंस में पहले «Ολύμπια» आयोजित हुए। 19 जून 1865 को रोमानिया के ब्रोश्तेनी में उनका निधन हुआ। उनकी वसीयत ने उनकी संपत्ति का अधिकांश भाग ओलंपिक परियोजना और उसके लिए एक भवन के लिए यूनानी राज्य को सौंपा; संपत्ति का प्रबंधन करने वाले उनके चचेरे भाई कोंस्तांतिनोस ज़ाप्पास ने काम की देखरेख की। उनकी इच्छा के अनुसार उनका शरीर बाद में उनके जन्मस्थान लाबोवो में फिर से दफ़नाया गया, जबकि उनका सिर एथेंस लाया गया और 1888 में भवन के उद्घाटन के दिन ज़ाप्पियोन के सामने उनकी प्रतिमा के नीचे रखा गया।
कृतियाँ

ज़ाप्पास की उपलब्धि यह थी कि उन्होंने पियेर द कूबर्तें से एक पीढ़ी पहले आधुनिक ओलंपिक के विचार को ठोस रूप दिया। विचार स्वयं हवा में था: कवि पानायोतिस सूत्सोस ने 1830 के दशक में खेलों के पुनरुद्धार की माँग की थी। ज़ाप्पास ने पैसा और दृढ़ता दी। पहले ज़ाप्पास ओलंपिक नवंबर 1859 में एथेंस के केंद्र के एक चौक में हुए; यह एक साधारण आयोजन था, जिसमें खेल-कूद प्रतियोगिताओं के साथ कृषि और उद्योग के पुरस्कार भी थे, क्योंकि खेलों का उद्देश्य युवा राष्ट्र की प्रगति दिखाना था।
उनकी मृत्यु के बाद उनकी वसीयत ने और भी काम करवाए। 1870 के खेलों के लिए प्राचीन पानाथेनाइक स्टेडियम की आंशिक खुदाई और सफ़ाई की गई, और प्रतियोगिताएँ वहाँ बड़ी भीड़ के सामने हुईं; प्राचीन काल के बाद यह पहली बार था कि स्टेडियम खेलों के लिए इस्तेमाल हुआ। सफ़ेद संगमरमर में उसका पूरा पुनर्निर्माण बाद में हुआ, जिसका ख़र्च एक अन्य परोपकारी, गेओर्गियोस आवेरोफ़, ने 1896 के खेलों के लिए उठाया। स्वयं ज़ाप्पियोन, जिसे डेनिश वास्तुकार थियोफ़िल हैनसेन ने डिज़ाइन किया, 1874 में शुरू हुआ और 1888 में उद्घाटित हुआ: कोरिंथियन स्तंभ-द्वार और गोल भीतरी आँगन वाली एक नवशास्त्रीय इमारत, जिसे अक्सर ओलंपिक विचार के लिए बनाई गई दुनिया की पहली इमारत कहा जाता है। जब 1896 में आधुनिक खेलों का जन्म हुआ, तो यहाँ तलवारबाज़ी की प्रतियोगिताएँ हुईं।
आज के यूनान में विरासत
ज़ाप्पियोन आज भी संसद और पानाथेनाइक स्टेडियम के बीच राष्ट्रीय उद्यान में खड़ा है, और सम्मेलनों, प्रदर्शनियों और आधिकारिक समारोहों के लिए इस्तेमाल होता है। यहीं 28 मई 1979 को यूनान ने यूरोपीय समुदाय में शामिल होने की संधि पर हस्ताक्षर किए। इसके चारों ओर के बाग़ एथेंस की सबसे पसंदीदा सैरगाहों में हैं, और इसके बगल का कैफ़े मिलने की एक क्लासिक जगह है। ज़ाप्पास की प्रतिमा प्रवेश द्वार पर खड़ी है, और यूनानी स्कूलों में जब भी ओलंपिक का इतिहास पढ़ाया जाता है, उनका नाम याद किया जाता है। एक अच्छा सुझाव: सिंतागमा से राष्ट्रीय उद्यान होते हुए ज़ाप्पियोन तक पैदल चलिए, उनकी प्रतिमा के पास रुकिए, फिर दस मिनट की दूरी पर 1896 के संगमरमर स्टेडियम, Καλλιμάρμαρο, तक जाइए।
क्या आप जानते हैं?
- 1859 के ज़ाप्पास ओलंपिक 1896 के पहले अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक खेलों से सैंतीस वर्ष पहले हुए।
- उनका सिर ज़ाप्पियोन पर उनकी प्रतिमा के नीचे है, जबकि उनका शरीर आज के अल्बानिया में उनके जन्म-गाँव लाबोवो में दफ़न है।
- संगमरमर का पानाथेनाइक स्टेडियम ज़ाप्पास ने नहीं, गेओर्गियोस आवेरोफ़ ने बनवाया; ज़ाप्पास के पैसे से 1870 के खेलों के लिए प्राचीन स्थल साफ़ किया गया था।
- यूरोपीय समुदाय में यूनान के प्रवेश की संधि पर 1979 में ज़ाप्पियोन में हस्ताक्षर हुए।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Αγωνιστής του 1821 | स्वतंत्रता संग्राम के योद्धा | 1821 |
| Επιστολή στον βασιλιά Όθωνα για την αναβίωση των Ολυμπιακών Αγώνων | ओलंपिक पुनरुद्धार का प्रस्ताव देते हुए राजा ओटो को पत्र | 1856 |
| Τα πρώτα Ζάππεια Ολύμπια | पहले ज़ाप्पास ओलंपिक, एथेंस | 1859 |
| Τα Ολύμπια στο Παναθηναϊκό Στάδιο | पानाथेनाइक स्टेडियम में 1870 के खेल (उनकी वसीयत से) | 1870 |
| Ζάππειο Μέγαρο | ज़ाप्पियोन भवन (उनकी वसीयत से) | 1874–1888 |
कृतियों से




विकिमीडिया कॉमन्स से सार्वजनिक डोमेन की तस्वीरें।
याद रखने लायक एक पंक्ति
Ζάππεια Ολύμπια
Zappeia Olympia
ज़ाप्पास ओलंपिक
























