जीवन
काम्बानेलिस का जन्म 2 दिसंबर 1922 को नक्सोस के मुख्य नगर खोरा में एक साधारण आर्थिक स्थिति वाले परिवार में हुआ, जो 1930 के दशक के मध्य में एथेंस आ गया। उन्होंने जल्दी स्कूल छोड़ दिया, काम किया और रात्रि कक्षाओं में तकनीकी ड्राइंग पढ़ी; उन्हें कोई औपचारिक साहित्यिक शिक्षा नहीं मिली। 1942 में, जर्मन कब्ज़े के दौरान, उन्होंने मित्र राष्ट्रों से जुड़ने के लिए विदेश भागने की कोशिश की, 1943 में ऑस्ट्रिया की सीमा पर गिरफ़्तार हुए और माउटहाउज़ेन यातना शिविर भेज दिए गए, जहाँ वे 5 मई 1945 को अमेरिकी सेना द्वारा शिविर की मुक्ति तक रहे।
एथेंस लौटकर उन्होंने एक दर्शक के रूप में रंगमंच को खोजा और ख़ुद ही उसके लिए लिखना सीखा। उनके पहले नाटक लगभग 1950 में मंचित हुए, और राष्ट्रीय रंगमंच ने 1956 में Η έβδομη μέρα της δημιουργίας (सृष्टि का सातवाँ दिन) प्रस्तुत किया। सफलता अगले वर्ष कारोलोस कून के थियात्रो तेख़्निस और Η αυλή των θαυμάτων के साथ आई। तब से आधी सदी तक वे यूनानी नाट्य-लेखन के केंद्रीय व्यक्ति रहे, साथ ही उन्होंने फ़िल्मों की पटकथाएँ लिखीं, स्वयं एक फ़िल्म निर्देशित की और मिकिस थियोदोराकिस, स्तावरोस ख़ारख़ाकोस तथा अन्य संगीतकारों के लिए गीत लिखे।
1967–74 की तानाशाही के दौरान उनका Μεγάλο μας τσίρκο हर रात प्रतिरोध का एक कार्य बन गया। 1999 में वे एथेंस अकादमी के सदस्य चुने गए, अस्सी वर्ष की आयु के बाद भी नाटक लिखते रहे और 29 मार्च 2011 को एथेंस में उनका निधन हुआ। उनकी बेटी कातेरीना काम्बानेली एक प्रसिद्ध गायिका हैं।
कृतियाँ

Η αυλή των θαυμάτων (चमत्कारों का आँगन, 1957) एथेंस के एक पुराने मकान के साझा आँगन में घटित होता है, जहाँ कई ग़रीब परिवार रहते हैं। मकान को एक अपार्टमेंट इमारत के लिए गिराया जाना है, एक युवा दंपती ऑस्ट्रेलिया चला जाता है, और नाटक आँगन के ख़ाली होने के साथ समाप्त होता है। रोज़मर्रा की बोली में, हास्य के साथ और बिना किसी नायक के लिखा गया यह नाटक यूनानी यथार्थवादी रंगमंच का आदर्श बन गया। पेनेलोपी देल्ता के उपन्यास पर आधारित Παραμύθι χωρίς όνομα (बिना नाम की कहानी, 1959) और Οδυσσέα, γύρισε σπίτι (ओडिसियस, घर लौट आओ, 1966) उनका दूसरा, चंचल और राजनीतिक पक्ष दिखाते हैं।
Μαουτχάουζεν (माउटहाउज़ेन, 1963) शिविर का और सबसे बढ़कर मुक्ति के बाद के उन अजीब महीनों का गद्य वृत्तांत है, जब बचे हुए लोग वहीं रुके रहे और उन्हें एक लिथुआनियाई यहूदी लड़की से प्रेम हो गया। मिकिस थियोदोराकिस ने इसकी चार कविताओं को Η Μπαλάντα του Μαουτχάουζεν (माउटहाउज़ेन का गाथागीत, 1966) के रूप में संगीतबद्ध किया, जिसे मारिया फ़ारान्तूरी ने गाया; इसका पहला गीत Άσμα ασμάτων (गीतों का गीत), जिसमें एक क़ैदी शिविर की लड़कियों से पूछता है कि क्या उन्होंने उसकी प्रेमिका को देखा है, यूनानी भाषा के सबसे प्रसिद्ध गीतों में है।
Το μεγάλο μας τσίρκο (हमारा महान सर्कस, 1973), जिसे जेनी कारेज़ी और कोस्तास काज़ाकोस ने स्तावरोस ख़ारख़ाकोस के संगीत और क्रेटी गायक निकोस ज़िलूरिस की आवाज़ के साथ मंचित किया, 1821 से वर्तमान तक के यूनानी इतिहास को सर्कस के करतबों की एक श्रृंखला के रूप में फिर से सुनाता है; जुंटा के अधीन दर्शक हर संकेत समझते थे और प्रदर्शन प्रदर्शनों में बदल जाते थे। सिनेमा के लिए उन्होंने अपने ही नाटक पर आधारित Στέλλα (स्टेला, 1955) माइकल काकोयानिस और मेलिना मर्कूरी के लिए, और Ο Δράκος (राक्षस, 1956) निकोस कूंदूरोस के लिए लिखी।
आज के यूनान में विरासत
यूनान में हर सीज़न काम्बानेलिस के नाटक मंचित होते हैं: Η αυλή των θαυμάτων या Το μεγάλο μας τσίρκο का पुनर्मंचन एक नियमित घटना है, और उनके नाटक यूनानी नाट्य विद्यालयों में पाठ्य हैं तथा लिसियम की साहित्य पाठ्यपुस्तकों में शामिल हैं। उनसे परिचित होने का सबसे सरल तरीक़ा है फ़ारान्तूरी की रिकॉर्डिंग में Άσμα ασμάτων सुनना, फिर Μαουτχάουζεν की संक्षिप्त, स्पष्ट यूनानी पढ़ना, जो कब्ज़े के वर्षों का एक मार्मिक परिचय भी है। थियोदोराकिस ने 1988 में और फिर 1995 में स्वयं माउटहाउज़ेन स्मारक पर, काम्बानेलिस की उपस्थिति में, इस गाथागीत का संचालन किया, और यह गीत यूनान में होलोकॉस्ट स्मृति दिवसों पर गाया जाता है। नक्सोस पर उनका जन्मस्थान उन्हें सम्मान देता है, और फ़िल्म Στέλλα, जिसमें मर्कूरी «Αγάπη που 'γινες δίκοπο μαχαίρι» गाती हैं, यूनानी टेलीविज़न पर दिखाई जाने वाली एक क्लासिक है।
क्या आप जानते हैं?
- उन्होंने कभी माध्यमिक स्कूल पूरा नहीं किया और माउटहाउज़ेन से लौटने के बाद केवल नाटक देखकर रंगमंच सीखा।
- Άσμα ασμάτων के प्रेमी वास्तविक हैं: यह गीत शिविर की मुक्ति के बाद के महीनों में एक लिथुआनियाई यहूदी उत्तरजीवी के प्रति उनके अपने प्रेम से जन्मा।
- Το μεγάλο μας τσίρκο (1973) कर्नलों की सेंसरशिप के अधीन खेला गया, और निकोस ज़िलूरिस के साथ गाते दर्शकों ने हर रात को एक विरोध बना दिया।
- 1999 में वे एथेंस अकादमी के सदस्य चुने गए, जो किसी नाटककार के लिए दुर्लभ सम्मान है।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Στέλλα | स्टेला (पटकथा, उनके नाटक लाल दस्तानों वाली स्टेला पर आधारित) | 1955 |
| Η αυλή των θαυμάτων | चमत्कारों का आँगन | 1957 |
| Μαουτχάουζεν | माउटहाउज़ेन (संस्मरण) | 1963 |
| Η Μπαλάντα του Μαουτχάουζεν (με τον Μίκη Θεοδωράκη) | माउटहाउज़ेन का गाथागीत (गीत, संगीत थियोदोराकिस) | 1966 |
| Το μεγάλο μας τσίρκο | हमारा महान सर्कस | 1973 |
| Ο εχθρός λαός | शत्रु जनता | 1975 |
कृतियों से

विकिमीडिया कॉमन्स से सार्वजनिक डोमेन की तस्वीरें।
याद रखने लायक एक पंक्ति
Τι ωραία που είν' η αγάπη μου / με το καθημερνό της φόρεμα
Ti oraia pou ein' i agapi mou / me to kathimerno tis forema
कितनी सुंदर है मेरी प्रियतमा / अपनी रोज़मर्रा की पोशाक में














