जीवन
तातियाना ग्रित्सी का जन्म अक्टूबर 1920 में एथेंस में हुआ; राष्ट्रीय पुस्तक केंद्र (EKEBI) का यूनानी लेखक अभिलेखागार उनका जन्मस्थान थिसियो मोहल्ला बताता है। उन्होंने घर पर पढ़ाई करके माध्यमिक शिक्षा पूरी की और कुछ समय नृत्य सीखा। 1942 में उन्होंने एथेंस विश्वविद्यालय में दाख़िला लिया, पर जल्द ही उसे छोड़कर एथेंस के फ़्रांसीसी संस्थान में फ़्रांसीसी और यूनानी संगीत विद्यालय में गायन सीखने लगीं। संस्थान में उनकी मुलाक़ात फ़्रांसीसी विद्वान और यूनान-प्रेमी रोज़े मिलिएक्स से हुई, जिनसे उन्होंने विवाह किया; उनके दो बच्चे हुए। जर्मन कब्ज़े के दौरान वे राष्ट्रीय मुक्ति मोर्चा (EAM) में शामिल हुईं और यूनानी रेड क्रॉस में स्वयंसेविका रहीं।
1945 से 1975 तक वे ज़्यादातर विदेश में रहीं, बीच-बीच में यूनान लौटती रहीं। पेरिस में (1945–1946) उन्होंने लूव्र में कला-इतिहास की कक्षाएँ लीं और एक अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन में प्रतिरोध में यूनानी महिलाओं के बारे में बोलीं। 1947 से 1959 तक एथेंस लौटकर उन्होंने लघु एशिया अध्ययन केंद्र में काम किया, चित्र-प्रदर्शनियों में भाग लिया और लगातार लिखती रहीं। इसके बाद दंपती साइप्रस में रहे (1959–1971), जहाँ उन्होंने द्वीप के सांस्कृतिक जीवन को सहारा दिया, और फिर जेनोआ चले गए। पापादोपुलोस की तानाशाही ने उनकी यूनानी नागरिकता छीन ली। 1974 के बाद उन्होंने यूनानी सार्वजनिक रेडियो और ERT2 के लिए काम किया, अव्गी और किरियाकातिकी एलेफ़्थेरोतिपिया जैसे अख़बारों में आलोचना लिखी और 1981–1986 में स्तेगी कालोन तेख़्नोन के ग्रामातोन की अध्यक्ष रहीं। फ़रवरी 2005 में एथेंस में उनका निधन हुआ।
कृतियाँ
उनकी पहली साहित्यिक उपस्थिति 1945 में पत्रिका Ελεύθερα Γράμματα (स्वतंत्र साहित्य) में कहानियों के साथ हुई। कब्ज़े के दौरान ही उन्होंने वेरकोर की कृति Le Silence de la mer का यूनानी अनुवाद गुप्त रूप से फैलाया था, जो 1945 में Η σιωπή της θάλασσας (समुद्र की ख़ामोशी) नाम से आधिकारिक रूप से छपा। Πλατεία Θησείου (1947) से किताबों का एक लगातार सिलसिला शुरू हुआ, जिनमें Ημερολόγιο (डायरी, 1952), Σε πρώτο πρόσωπο (उत्तम पुरुष में, 1958) और …Και ιδού ίππος χλωρός… (1963) शामिल हैं, जिसका शीर्षक प्रकाशितवाक्य से उद्धृत है। कथिमेरिनी के 2005 के श्रद्धांजलि-लेख के अनुसार उनकी शुरुआती किताबें बचपन की यादों और निकट लोगों के अनुभवों से बुनी गई थीं।
Σπαράγματα (टुकड़े, 1973) में उनके अभिलेखों का वह हिस्सा छपा जो तानाशाही में ज़ब्ती से बच गया था, और Χρονικό ενός εφιάλτη (एक दुःस्वप्न का वृत्तांत, 1986) 1966–1974 के वर्षों पर लौटा। EKEBI अभिलेखागार उनके गद्य को मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाओं पर केंद्रित बताता है, जिसकी संरचना ढीली है, स्वर काव्यात्मक है और कल्पना, स्मृति तथा आंतरिक समय की गहरी उपस्थिति है। उच्च माध्यमिक के अंतिम वर्ष की यूनानी स्कूली संकलन-पुस्तक उनकी आरंभिक रचनाओं को कब्ज़े और प्रतिरोध के साहित्य में रखती है और कहती है कि बाद की किताबें आधुनिक फ़्रांसीसी उपन्यास के प्रभाव में स्थापित रूपों से हट गईं। उन्होंने मुख्यतः फ़्रांसीसी से अनुवाद भी किए, और उनके कुछ नाट्य-अनुवाद यूनानी मंडलियों ने मंचित किए। उनके सम्मानों में कहानी और उपन्यास के राजकीय पुरस्कार, बारह का पुरस्कार और एथेंस अकादमी का एक पुरस्कार शामिल हैं।
आज के यूनान में विरासत
उनका वृत्तांत Μια ιστορία της αντίστασης (प्रतिरोध की एक कहानी), जो पहली बार 1961 में पत्रिका Επιθεώρηση Τέχνης में छपा, उच्च माध्यमिक के अंतिम वर्ष की यूनानी साहित्य पाठ्यपुस्तक में शामिल है, इसलिए बहुत से यूनानी विद्यार्थी उन्हें वहीं जानते हैं। 2000 में ERT की शृंखला Αντ’ αυτού ने उन पर एक कड़ी बनाई, जिसमें इतिहासकार एलेनी ग्लिकात्ज़ी-अरवेलर ने उनके बारे में बात की। शिक्षार्थी के रूप में कथानक के बजाय किसी जगह से शुरू करें: इस पृष्ठ पर थिसियो चौक की तस्वीर देखें और आधुनिक यूनानी में στην πλατεία (चौक में) और από την πλατεία (चौक से) के साथ एक छोटा रास्ता बताएँ, जैसे Από την πλατεία φαίνεται η Ακρόπολη (चौक से एक्रोपोलिस दिखता है)। फिर Μου είπε ότι… (उसने मुझसे कहा कि…) से किसी मित्र का वाक्य दोहराएँ।
क्या आप जानते हैं?
- उनकी पहली किताब Πλατεία Θησείου (1947) का नाम एथेंस के उसी मोहल्ले पर है जहाँ EKEBI उनका जन्म दर्ज करता है।
- 1964 में साइप्रस से लिखे एक पत्र में उन्होंने उपन्यासकार स्त्रातिस त्सिर्कास से कहा कि उन्हें आशा है कि द्वीप पर लड़ाई हमेशा नहीं चलेगी।
- यूनान की सैन्य तानाशाही ने उनकी यूनानी नागरिकता छीन ली; 1974 के बाद वे यूनान लौटीं।
- वे एथेंस की लेखक सभा (Εταιρεία Συγγραφέων) की संस्थापक सदस्य थीं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Πλατεία Θησείου | थिसियो चौक — लघु उपन्यास | 1947 |
| Ημερολόγιο | डायरी — लघु उपन्यास | 1952 |
| Σε πρώτο πρόσωπο | उत्तम पुरुष में — लघु उपन्यास | 1958 |
| …Και ιδού ίππος χλωρός… | और देखो, एक पीला घोड़ा — उपन्यास | 1963 |
| Σπαράγματα | टुकड़े | 1973 |
| Χρονικό ενός εφιάλτη | एक दुःस्वप्न का वृत्तांत | 1986 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Θα προσπαθήσω όχι να γράψω —ούτε να μετουσιώσω σε τέχνη μια στιγμή της Αντίστασης— μα απλώς να καταγράψω ένα γεγονός…
Tha prospathíso óchi na grápso —oúte na metousióso se téchni mia stigmí tis Antístasis— ma aplós na katagrápso éna gegonós…
मैं लिखने की नहीं — न ही प्रतिरोध के किसी क्षण को कला में बदलने की — बल्कि बस एक घटना को दर्ज करने की कोशिश करूँगी…





























































