जीवन
मांत्ज़ारोस का जन्म अक्टूबर 1795 में कोर्फ़ू में एक कुलीन परिवार के इकलौते बेटे के रूप में हुआ; उनके पिता इयाकोवोस विधिवेत्ता थे। उनकी माँ रेजिना तुरिनी, जिनका परिवार दालमेशिया के ज़ादार से आया था, ने उन्हें संगीत-सिद्धांत और पियानो के पहले पाठ दिए। पिता चाहते थे कि वे चिकित्सा पढ़ें, पर लड़के ने द्वीप के सबसे अच्छे शिक्षकों से सीखना जारी रखा। अपने परिवार की तरह उन्होंने संगीत को कभी पेशा नहीं माना: जीवन के अंत तक वे स्वयं को κτηματίας (ज़मींदार) बताते रहे और बिना शुल्क लिए पढ़ाते रहे।
उनकी पहली रचनाएँ, तीन कॉन्सर्ट आरिया और एक अंक की हास्य कृति Don Crepuscolo, 1815 में कोर्फ़ू में प्रस्तुत की गईं। 1819 से उन्होंने इटली में, विशेषकर नेपल्स में, लंबा समय बिताया, जहाँ उनकी भेंट अनुभवी संगीतकार निकोलो त्ज़िंगारेली से हुई। 1826 में वे फिर कोर्फ़ू में बस गए और बाद में नेपल्स के एक संगीत विद्यालय का निदेशक बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया। जब 1828 में दियोनिसियोस सोलोमोस कोर्फ़ू आए, तो दोनों घनिष्ठ मित्र बन गए। अप्रैल 1841 में मांत्ज़ारोस 1840 में स्थापित कोर्फ़ू फ़िलहार्मोनिक सोसाइटी के आजीवन कलात्मक निदेशक बने, जो एक निःशुल्क संगीत विद्यालय को संगीत समारोहों से जोड़ती थी। 1815 से ब्रिटिश संरक्षण में रहे आयोनियन द्वीप 1864 में यूनान में शामिल हुए। 1872 में कोर्फ़ू में उनका निधन हुआ।
कृतियाँ
1815 से 1827 के बीच लिखी गई मांत्ज़ारोस की आरंभिक रचनाओं ने इतालवी ऑपेरा शैली को आत्मसात किया; उनके पाठ इतालवी में थे। 1820 के दशक के अंत से उन्होंने यूनानी कविता को संगीतबद्ध करना शुरू किया, जिसमें बहुत कुछ सोलोमोस का था। Ύμνος εις την Ελευθερίαν की उनकी पहली संगीत-रचना, लगभग 1828–1830 में चार स्वरों वाले पुरुष कोरस के लिए लिखी गई, वही है जिसका आरंभ राष्ट्रगान बना। वे कई बार इस कविता पर लौटे। 1844 में उन्होंने राजा ओटो को एक नया, अधिक विस्तृत संस्करण इस आशा में भेंट किया कि वह राष्ट्रगान बने; उसे अपनाया नहीं गया, पर उन्हें ‘उद्धारक के आदेश’ का रजत क्रॉस मिला। 1861 में सैन्य मामलों के मंत्री के अनुरोध पर उन्होंने मार्च शैली में एक और संस्करण बनाया।
शब्दों और संगीत के रचनाकार अलग हैं: सोलोमोस ने कविता 1823 में लिखी और मांत्ज़ारोस ने संगीत बाद में रचा। 1864 के विलय के बाद राजा जॉर्ज प्रथम ने कोर्फ़ू में यह स्तोत्र सुना और 1865 में इसके पहले दो छंद आधिकारिक राष्ट्रगान बने। मांत्ज़ारोस ने धार्मिक संगीत, पियानो के लिए sinfonie और बैंड के लिए रचनाएँ भी लिखीं। 1840 के दशक से वे अधिकाधिक काउंटरप्वाइंट की ओर मुड़े और अपने विद्यार्थियों के लिए Studio pratico dell’Armonia जैसी हार्मनी की पुस्तिकाएँ लिखीं। आयोनियन विश्वविद्यालय के 2023 के एक शोध-प्रबंध के अनुसार वे पश्चिमी संगीत-सिद्धांत को व्यवस्थित रूप से पढ़ाने वाले पहले यूनानी थे।
आज के यूनान में विरासत
यूनान के स्कूली समारोहों, पदक समारोहों और राष्ट्रीय पर्वों पर मांत्ज़ारोस की धुन बजती है, प्रायः उनका नाम लिए बिना। कोर्फ़ू में उनकी विरासत विशेष रूप से दिखाई देती है: कोर्फ़ू फ़िलहार्मोनिक सोसाइटी आज भी संगीत सिखाती है और सार्वजनिक शोभायात्राओं में बजाती है, एक और बैंड का नाम ‘मांत्ज़ारोस’ है, और 2022 में द्वीप के फ़िलहार्मोनिक बैंड यूनान की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की राष्ट्रीय सूची में दर्ज किए गए। 2025 में एथेंस अकादमी ने उन पर एक प्रदर्शनी लगाई। आज़माएँ: राष्ट्रगान का एक कोरस-गायन सुनें, जो सोलोमोस की यूनानी में गाया जाता है, और साथ में पहला छंद पढ़ें, जो Σε γνωρίζω από την κόψη (मैं तुम्हें तलवार की धार से पहचानता हूँ) से शुरू होता है। फिर ο ένας… ο άλλος… से दो वाक्य लिखें, जैसे Ο ένας έγραψε τους στίχους, ο άλλος τη μουσική (एक ने शब्द लिखे, दूसरे ने संगीत)।
क्या आप जानते हैं?
- एक ही धुन यूनान (1865 से) और साइप्रस (1966 से) दोनों का राष्ट्रगान है।
- मांत्ज़ारोस स्वयं को पेशेवर संगीतकार नहीं, ज़मींदार कहते थे और बिना शुल्क पढ़ाते थे।
- 1815 की उनकी एक अंक की हास्य कृति Don Crepuscolo का लिब्रेटो इतालवी में है।
- पियानो के लिए उनकी हस्तलिखित sinfonia कोर्फ़ू फ़िलहार्मोनिक सोसाइटी के संगीत संग्रहालय में प्रदर्शित है।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Don Crepuscolo | Don Crepuscolo — एक अंक की हास्य कृति (इतालवी लिब्रेटो) | 1815 |
| Τρεις άριες του 1815 | स्वर और ऑर्केस्ट्रा के लिए तीन कॉन्सर्ट आरिया | 1815 |
| Ύμνος εις την Ελευθερίαν (α΄ μελοποίηση) | स्वतंत्रता का स्तोत्र — पहली रचना, पुरुष कोरस के लिए | c. 1830 |
| Ύμνος εις την Ελευθερίαν (μελοποίηση για τον Όθωνα) | स्वतंत्रता का स्तोत्र — राजा ओटो को भेंट संस्करण | 1844 |
| Ύμνος εις την Ελευθερίαν (εκδοχή εμβατηρίου) | स्वतंत्रता का स्तोत्र — मार्च शैली का संस्करण | 1861 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
…ολοένα αναδεικνύεται σε μέχρι προσφάτως λανθάνοντα συνδετικό κρίκο μεταξύ επτανησιακών μορφών…
…oloéna anadeiknýetai se méchri prosfátos lanthánonta syndetikó kríko metaxý eptanisiakón morfón…
…वे अधिकाधिक आयोनियन द्वीपों की हस्तियों के बीच एक ऐसी कड़ी के रूप में उभर रहे हैं जो हाल तक छिपी हुई थी…





























































