जीवन
एर्सी सोतिरोपूलु, जो अंग्रेज़ी में Ersi Sotiropoulos नाम से प्रकाशित होती हैं, 1953 में पात्रा में जन्मीं। उन्होंने फ़्लोरेंस में दर्शन और सांस्कृतिक मानवशास्त्र पढ़ा तथा रोम के यूनानी दूतावास में सांस्कृतिक सलाहकार का काम किया। उनका लेखन कविता, उपन्यास, लघु उपन्यास और कहानी तक फैला है; दृश्य और ठोस कविता में भी प्रयोग किए हैं। स्थानों और रूपों के बीच आवाजाही उनके कलात्मक कार्यजीवन का हिस्सा है।
1984 में उन्होंने रोम के पालात्सो वेनेत्सिया में कावाफ़िस प्रदर्शनी आयोजित की। शोध से कवि की पेरिस यात्रा के प्रश्न उठे, जिन्होंने बहुत बाद में 2015 के Τι μένει από τη νύχτα (रात से क्या शेष है) को प्रेरित किया। शोध और कल्पना से उपन्यास अपने वर्णित तीन पेरिसी दिनों से कहीं लंबे समय में विकसित हुआ। पहले का Ζιγκ ζαγκ στις νεραντζιές (कड़वे संतरे के पेड़ों में टेढ़ी राह), मूलतः 1999 में प्रकाशित, 2000 में राष्ट्रीय उपन्यास पुरस्कार और Diavazo उपन्यास पुरस्कार से सम्मानित हुआ।
अंतरराष्ट्रीय पाठक अनुवादकों के माध्यम से उनके काम तक पहुँचते हैं। करेन एमरिख के रात से क्या शेष है के अंग्रेज़ी अनुवाद को 2019 में ALTA का राष्ट्रीय गद्य अनुवाद पुरस्कार मिला। सोतिरोपूलु विभिन्न रूपों में प्रकाशित करती रही हैं; लघु उपन्यास Σενιορίτα (सेन्योरीता) अप्रैल 2026 में आया। उनकी यूनानी पुस्तकें सघन कहानी से विस्तृत उपन्यास तक विविध पाठ-लंबाइयाँ देती हैं।
कृतियाँ

Τι μένει από τη νύχτα (रात से क्या शेष है, 2015) जून 1897 में पेरिस में कावाफ़िस और उनके भाई जॉन का अनुसरण करता है। घटनाएँ तीन दिन और रातों में केंद्रित हैं, पर वर्णन कवि के कल्पित विचारों, आकांक्षाओं और संदेहों में प्रवेश करता है। ऐतिहासिक शोध ढाँचा देता है; भीतरी स्वर सोतिरोपूलु की कल्पना का है। 2016 के साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि अभिलेख के रिक्त स्थान, न कि सनसनीखेज़ खोज, पुस्तक की पहली प्रेरणा थे।
Εύα (एवा, 2009) में क्रिसमस पूर्वसंध्या के उत्सव से लौटती स्त्री रोशनियों के पीछे अपरिचित एथेंस से मिलती है। सड़कों की यात्रा व्यवस्थित जीवन में हलचल बनती है। Να νιώθεις μπλε, να ντύνεσαι κόκκινα (नीला महसूस करना, लाल पहनना, 2011) छोटी घटनाएँ उभारता है: फँसी ततैया, संयोग की उक्ति या अनपेक्षित मुलाकात दैनिक जीवन का भावनात्मक पैमाना बदल सकती है। हास्य और नाटकीयता साथ रहते हैं।
Σενιορίτα (सेन्योरीता, 2026) स्त्री को मेक्सिको सिटी के सड़क-उत्सव में रखता है। इन पुस्तकों में नगर से गुज़रना अनुभूति से गुज़रना भी है। विवरण स्पष्ट लगते दृश्य को अस्थिर कर सकता है, वाक्य बाहरी कर्म से उससे उठे विचार तक जा सकता है।
आज के यूनान में विरासत
Τι μένει από τη νύχτα के प्रकाशकीय परिचय से शुरू कर आधुनिक यूनानी में छोटा नोट लिखें: उपन्यास 1897 के पेरिस में कावाफ़िस का अनुसरण करता है। फिर यात्री की शाम के दो संभव विवरण गढ़ें, ίσως या μπορεί να से शुरू करें। उन्हें अपना कल्पित दृश्य चिह्नित करें और दिनांकित कथन से उनकी भाषा की तुलना करें। तीनों वाक्य बोलकर पढ़ें, एक निश्चित क्रिया को संभावना की अभिव्यक्ति से बदलें। ऐतिहासिक रिक्तियों पर बने उपन्यास के साथ प्रमाण और निष्कर्ष का अंतर साधेंगे। अनुकूलित B2 पाठ सहारा देता है; लंबे साहित्यिक वाक्यों के लिए कोश और उपयोगी हो तो यूनानी के साथ अनुवाद लें।
क्या आप जानते हैं?
- 1984 की कावाफ़िस प्रदर्शनी रोम के पालात्सो वेनेत्सिया में हुई।
- 2015 का उपन्यास जून 1897 के तीन पेरिसी दिनों और रातों पर केंद्रित है।
- 2019 का ALTA गद्य अनुवाद पुरस्कार करेन एमरिख के अंग्रेज़ी अनुवाद को मिला।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Ζιγκ ζαγκ στις νεραντζιές | कड़वे संतरे के पेड़ों में टेढ़ी राह | 1999 |
| Εύα | एवा | 2009 |
| Να νιώθεις μπλε, να ντύνεσαι κόκκινα | नीला महसूस करना, लाल पहनना | 2011 |
| Τι μένει από τη νύχτα | रात से क्या शेष है | 2015 |
| Μπορείς; | क्या तुम कर सकते हो? | 2017 |
| Σενιορίτα | सेन्योरीता | 2026 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Μόνο υποθέσεις μπορεί να κάνει κανείς.
Mono ypotheseis borei na kanei kaneis.
केवल अनुमान ही लगाए जा सकते हैं।



































