जीवन
मारो वाम्वूनाकी, जिनका उपनाम Vamvounakis भी लिखा जाता है, 1948 में क्रीट के खानिया में जन्मीं और वहीं उनका आरंभिक बचपन बीता। बचपन में ही उनका परिवार एथेंस चला गया: प्रकाशक के अनुसार तब वे दस वर्ष की थीं, कुछ अन्य जीवनियों के अनुसार नौ, और 2015 के एक साक्षात्कार में उन्होंने याद किया कि वे ठीक उस समय गईं जब प्राथमिक विद्यालय की छठी कक्षा शुरू कर रही थीं। उन्होंने बताया कि एथेंस की उनकी पहली छवि भोर में पिरेअस बंदरगाह पहुँचना थी। बाद में उन्होंने क़ानून और मनोविज्ञान की पढ़ाई की।
1972 से ग्यारह वर्षों तक वे रोड्स में रहीं और नोटरी के रूप में काम किया। 2015 के उसी साक्षात्कार में उन्होंने रोड्स को अपनी चुनी हुई मातृभूमि कहा, क्योंकि वे खानिया लौट नहीं सकती थीं। 2020 में Athens Voice को दिए साक्षात्कार में उन्होंने समझाया कि लेखन कभी उनका पेशा नहीं रहा: वे कई वर्षों तक नोटरी रहीं और फिर मनोवैज्ञानिक, और उन्हीं कामों से उन्होंने अपना और अपने बेटे का गुज़ारा किया। आज वे एथेंस में रहती हैं।
उनकी पहली किताब, कहानी-संग्रह Ο Αρχάγγελος του καφενείου (कहवाघर का महादूत), 1978 में छपी। तब से उन्होंने एथेंस के कई प्रकाशकों के साथ दर्जनों किताबें प्रकाशित की हैं। आज उनके मुख्य प्रकाशक Psichogios उनकी इक्कीस कृतियाँ सूचीबद्ध करते हैं और बताते हैं कि उनकी किताबें फ़्रांस, जर्मनी, कोरिया, रूस, आर्मेनिया और नीदरलैंड्स में अनूदित होकर छपी हैं।
कृतियाँ
वाम्वूनाकी मुख्य रूप से प्रेम के बारे में लिखती हैं और इस बारे में कि वह लोगों के साथ क्या करता है: चाह, ईर्ष्या, प्रतीक्षा, अकेलापन और चोट खाने का डर। उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास Το χρονικό μιας μοιχείας (एक व्यभिचार का वृत्तांत) पहली बार 1981 में Domos प्रकाशन से निकला और आज भी Psichogios उसे पुनर्मुद्रित करता है। प्रकाशक इसे प्रश्नों की एक शृंखला से प्रस्तुत करता है: क्या हम लोगों से प्रेम करते हैं, या केवल प्रेम से? क्या हम उससे प्रेम करते हैं जो दूसरे हमें देते हैं, या उससे जिसकी हम उनसे अपेक्षा करते हैं?
उनके शुरुआती दशकों के अन्य उपन्यासों में Ντούλια (डूलिया, 1984), Η μοναξιά είναι από χώμα (अकेलापन मिट्टी से बना है, 1987) और Οι παλιές αγάπες πάνε στον παράδεισο (पुराने प्रेम स्वर्ग जाते हैं, 1990) शामिल हैं। 2016 के एक साक्षात्कार में उन्होंने Ντούλια को अपने सबसे निकट की किताब बताया, जिसे लिखना उन्हें सबसे ज़्यादा पीड़ादायक लगा। यूनानी भाषा केंद्र ने Ντούλια को खानिया पर अपनी ऑनलाइन साहित्यिक मार्गदर्शिका की किताबों में शामिल किया है।
मनोविज्ञान की पढ़ाई ने रिश्तों और अचेतन पर निबंधों और किताबों की एक शृंखला को भी आकार दिया। Η δικηγόρος (वकील, 2015) और Γυναίκες της αναμονής (प्रतीक्षा की स्त्रियाँ, 2020) जैसे बाद के उपन्यास उन्हीं प्रश्नों पर लौटते हैं। वे अपनी पद्धति को आवेगपूर्ण बताती हैं: वे किताब की योजना पहले से नहीं बनातीं, बल्कि कहानी और पात्रों को अपना मार्गदर्शन करने देती हैं।
आज के यूनान में विरासत
वाम्वूनाकी की किताबें चार दशकों से अधिक समय से यूनानी किताबों की दुकानों में हैं, और उनके कई शुरुआती उपन्यास Psichogios ने फिर से प्रकाशित किए हैं। उनका नाम यूनानी भाषा केंद्र की खानिया साहित्यिक मार्गदर्शिका में भी मारो डूका और निकोस कज़ान्त्ज़ाकिस जैसे लेखकों के साथ आता है। यूनानी अभ्यास के लिए Psichogios का Το χρονικό μιας μοιχείας वाला पृष्ठ खोलें और विवरण के प्रश्न पढ़ें। क्रियाएँ αγαπάμε (हम प्रेम करते हैं) और περιμένουμε (हम प्रतीक्षा करते हैं, अपेक्षा करते हैं) ढूँढ़ें। फिर अपने जीवन की किसी बात पर अपने दो वाक्य लिखें: Μου αρέσει… γιατί… (मुझे… पसंद है क्योंकि…) और Με φοβίζει… γιατί… (…मुझे डराता है क्योंकि…)। ध्यान दें कि μου αρέσει और με φοβίζει में महसूस करने वाला व्यक्ति कर्ता नहीं, बल्कि सर्वनाम μου या με के रूप में आता है।
क्या आप जानते हैं?
- 2009 में उन्होंने LiFO को बताया कि बचपन में वे बैले नर्तकी बनना चाहती थीं।
- वे कहती हैं कि लिखने की उनकी कोई दिनचर्या नहीं है, क्योंकि दिनचर्या उन्हें बेचैन कर देगी।
- वे बचपन से ख़ुद को σπιτόγατος (घरघुसी, शाब्दिक अर्थ “घरेलू बिल्ली”) कहती हैं।
- उनके लिए मनोविज्ञान, विशेषकर मनोविश्लेषण, अपने आप में कविता का एक महान मार्ग है।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Το χρονικό μιας μοιχείας | एक व्यभिचार का वृत्तांत | 1981 |
| Ντούλια | डूलिया | 1984 |
| Η μοναξιά είναι από χώμα | अकेलापन मिट्टी से बना है | 1987 |
| Οι παλιές αγάπες πάνε στον παράδεισο | पुराने प्रेम स्वर्ग जाते हैं | 1990 |
| Η δικηγόρος | वकील | 2015 |
| Γυναίκες της αναμονής | प्रतीक्षा की स्त्रियाँ | 2020 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Συνεχώς κάτι γράφω από παιδί, είτε εκδίδεται είτε όχι. Γράφοντας καταλαβαίνω τι μου γίνεται καλύτερα.
Synechós káti gráfo apó paidí, íte ekdídetai íte óchi. Gráfontas katalavéno ti mou gínetai kalýtera.
बचपन से मैं लगातार कुछ न कुछ लिखती हूँ, चाहे वह छपे या न छपे। लिखते हुए मैं बेहतर समझ पाती हूँ कि मेरे साथ क्या हो रहा है।





























































