जीवन
फ़िलिप्पिदू का जन्म और पालन-पोषण थेस्सालोनिकी में हुआ। उन्होंने थेस्सालोनिकी के अरस्तू विश्वविद्यालय में जर्मन भाषाशास्त्र और शहर की राजकीय संगीतशाला (कंज़र्वेटरी) में रंगमंच की पढ़ाई की, और उसी विश्वविद्यालय में एक वर्ष नाट्य-रचना (ड्रामाटर्जी) का स्नातकोत्तर अध्ययन किया। उनका मंच-अनुभव थेस्सालोनिकी की संस्था Τέχνη (कला) की रंगमंच कार्यशाला से शुरू हुआ, जिसकी वे 1971 से 1979 तक सदस्य रहीं, और 1980 से 1985 तक उसके प्रयोगात्मक मंच पर जारी रहा। आठ वर्षों तक उन्होंने सिंदोस में घंटे के हिसाब से वेतन पाने वाली शिक्षिका के रूप में जर्मन भी पढ़ाई, और पद स्थायी होने के कुछ ही समय बाद उसे छोड़ दिया।
1985 में वे एथेंस चली गईं, जहाँ तब से वे अभिनेत्री, निर्देशक और लेखिका के रूप में काम कर रही हैं। उनका सफ़र उन्हें राष्ट्रीय रंगमंच, कारोलोस कून कला रंगमंच, किक्लादोन स्ट्रीट थिएटर “लेफ़्तेरिस वोयात्ज़िस”, एपिडॉरस के प्राचीन रंगमंच, हेरोडेस एटिकस के ओडियन और आइस्किलिया जैसे उत्सवों तक ले गया। 2000 में उन्होंने सांस्कृतिक संस्था Κρητική Εστία (क्रीटी चूल्हा) में छात्र-मंडली Ιδαίοι Δάκτυλοι (इदा के दाक्तिल) की स्थापना की और कविताओं, गद्य और नाटकों से बनी बारह प्रस्तुतियाँ कीं। 2002 से 2005 तक उन्होंने पूरे यूनान में प्रौढ़-शिक्षा संगोष्ठियों में रंगमंच और अभिनय सिखाया। 2010 से वे ग़ैर-लाभकारी संस्था τ3χνη की कलात्मक निदेशक हैं और मुख्यतः शोध, अनुवाद और निर्देशन पर काम करती हैं।
कृतियाँ
राष्ट्रीय रंगमंच का अभिलेखागार वहाँ उनकी तीन प्रस्तुतियाँ दर्ज करता है। 1997 में उन्होंने बोस्तानज़ोग्लू की 1964 की पैरोडी Φαύστα ή Η απωλεσθείς κόρη (फ़ाउस्ता, या खोई हुई बेटी) में शीर्षक भूमिका निभाई, जिसका निर्देशन निकोस हात्ज़िपापास ने नए मंच पर किया। 2011 की गर्मियों में वे स्तामातिस फ़ासूलिस के Σκηνοβάτες (मंच पर चलने वाले) में आईं — प्राचीन रंगमंच के दृश्यों से बनी यह प्रस्तुति एपिडॉरस में शुरू होकर पूरे यूनान में घूमी; उन्होंने कसांद्रा और Κλαυταιμνήστρα नाम की एक हास्य “फ़्लियाक्स” आकृति निभाई। 2015 में उन्होंने सैमुअल बेकेट के हैप्पी डेज़ का Ευτυχισμένες μέρες नाम से अनुवाद किया और रेक्स थिएटर में यॉर्गोस मानियोतिस की प्रस्तुति में विनी की भूमिका निभाई — मिट्टी के टीले में दबी वह स्त्री जो बोलना बंद नहीं करती।
अनुवाद और निर्देशन उनके काम का बड़ा हिस्सा हैं। 2018 में उन्होंने एथेंस थिएटर में जे. एम. आर. लेन्ज़ की उन्मुक्त कॉमेडी Η ιστορία του πρίγκιπα της Κούμπα Τάντι (कूबा के राजकुमार तांदी की कहानी) का अपना अनुवाद मंचित किया, और सेट, वेशभूषा और गति-संयोजन भी खुद तैयार किए। 2021 में उन्होंने कॉन्स्तांतिनोस ख्रिस्तोमानोस के दो नाटकों को एक प्रस्तुति में ढाला: Τα τρία φιλιά… Η Σταχτιά γυναίκα (तीन चुंबन… राख-रंगी स्त्री)। उन्होंने Με μια σκάλα στο φεγγάρι (चाँद तक एक सीढ़ी, 2015) भी प्रकाशित की, जिसमें उनका अख़बारी स्तंभ Η ματιά της Σοφίας (सोफ़िया की नज़र) संकलित है, और नाटक Συγγνώμη, Κύριε Μπέκετ (माफ़ कीजिए, मिस्टर बेकेट) लिखा, जो 2025 में मंचित हुआ।
आज के यूनान में विरासत
फ़िलिप्पिदू का हाल का काम यूनानी रंगमंच का एक और पहलू दिखाता है: छोटा, स्वतंत्र और दर्शकों के क़रीब। 2023 में उन्होंने एथेंस में अपने पूर्वाभ्यास कक्ष को मुफ़्त प्रवेश वाले 35 सीटों के थिएटर में बदल दिया और वहाँ गोम्ब्रोविच का Υβόννη, πριγκίπισσα της Βουργουνδίας (बरगंडी की राजकुमारी इवोन) मंचित किया; 2025 में वहीं बेकेट से प्रेरित उनकी अपनी कॉमेडी आई। सीखने वालों के लिए राष्ट्रीय रंगमंच का ऑनलाइन अभिलेखागार अच्छा आरंभ-बिंदु है। Ευτυχισμένες μέρες (2015) का पृष्ठ खोलिए और यूनानी में कलाकार-सूची पढ़िए। फिर बेकेट जिस मंच-दृश्य की माँग करते हैं, उसे कर्मवाच्य वाक्य में बताइए: Η Γουίννυ είναι θαμμένη ως τη μέση σε έναν λόφο από χώμα (विनी कमर तक मिट्टी के टीले में दबी है)। अंत में उनके साक्षात्कार की पंक्ति को είπε ότι (उन्होंने कहा कि) से दोहराइए। ये अभ्यास-वाक्य हमारे अपने हैं; बेकेट ने नाटक अंग्रेज़ी में लिखा था, और यूनानी मंच-पाठ उनका अनुवाद था।
क्या आप जानते हैं?
- वे बताती हैं कि बचपन में जब उनसे पूछा जाता था कि बड़ी होकर क्या बनना है, तो वे एक शब्द में जवाब देती थीं: “स्वतंत्र”।
- राष्ट्रीय रंगमंच का अभिलेखागार 2015 में उन्हें हैप्पी डेज़ की अनुवादक और विनी, दोनों के रूप में दर्ज करता है।
- उन्होंने लेन्ज़ की कॉमेडी का अनुवाद 2007 में पूरा किया, उसे मंचित करने से दस साल से भी पहले।
- 2021 की ख्रिस्तोमानोस प्रस्तुति के लिए लगभग 130 अभिनेताओं ने तीन जगहों के लिए ज़ूम पर ऑडिशन दिया।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Φαύστα ή Η απωλεσθείς κόρη | फ़ाउस्ता, या खोई हुई बेटी — शीर्षक भूमिका, राष्ट्रीय रंगमंच | 1997 |
| Σκηνοβάτες | मंच पर चलने वाले — कसांद्रा, एपिडॉरस | 2011 |
| Ευτυχισμένες μέρες | हैप्पी डेज़ — अनुवाद और विनी की भूमिका | 2015 |
| Με μια σκάλα στο φεγγάρι | चाँद तक एक सीढ़ी — अख़बारी स्तंभों का संग्रह | 2015 |
| Η ιστορία του πρίγκιπα της Κούμπα Τάντι | कूबा के राजकुमार तांदी की कहानी — अनुवाद और निर्देशन | 2018 |
| Συγγνώμη, Κύριε Μπέκετ | माफ़ कीजिए, मिस्टर बेकेट — उनका अपना नाटक | 2025 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Όταν μικρή με ρωτούσαν τι θέλω να γίνω σαν μεγαλώσω, εγώ απαντούσα «ανεξάρτητη».
Ótan mikrí me rotoúsan ti thélo na gíno san megalóso, egó apantoúsa «anexártiti».
जब मैं छोटी थी और लोग पूछते थे कि बड़ी होकर क्या बनना चाहती हो, तो मैं जवाब देती थी — “स्वतंत्र”।





























































