जीवन
एली सुयुल्त्ज़ोग्लू का जन्म 1899 में आयदिन में हुआ, जो पश्चिमी एशिया माइनर का एक नगर था जहाँ बड़ा यूनानी समुदाय रहता था। उनका परिवार संपन्न था, और 1920 के दशक की शुरुआत में वे जर्मनी के ड्रेसडेन में चित्रकला और फिर फ़ोटोग्राफ़ी पढ़ने गईं, जो उस समय एक आधुनिक कला बन रही थी। जब वे विदेश में थीं, 1922 की एशिया माइनर त्रासदी ने उनके गृह क्षेत्र में यूनानी जीवन का अंत कर दिया; उनका परिवार, बहुतों की तरह, शरणार्थी बनकर यूनान आया।
1924 में वे एथेंस में बस गईं और जल्द ही अपना स्टूडियो खोला, अपने काम पर Nelly's नाम से हस्ताक्षर करते हुए – नेली, एली का दुलार भरा रूप है। वे अपना व्यवसाय चलाने वाली एक युवा महिला थीं, जो उस ज़माने में दुर्लभ था, और जल्दी ही वे एथेंस के अभिजात समाज, कलाकारों और नर्तकों की पसंदीदा फ़ोटोग्राफ़र बन गईं। उन्होंने पियानोवादक आंगेलोस सेराइदारिस से विवाह किया। 1930 के दशक में उन्होंने द्वीपों से लेकर पहाड़ी गाँवों तक पूरे यूनान की यात्रा की, और यूनानी सरकार ने पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए उनकी तस्वीरें पोस्टरों और प्रकाशनों में इस्तेमाल कीं।
1939 में वे विश्व मेले के यूनानी मंडप के लिए बड़े फ़ोटो-भित्तिचित्र तैयार करने न्यूयॉर्क गईं। द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ गया और वे अमेरिका में ही रह गईं, जहाँ उन्होंने पच्चीस से अधिक वर्षों तक फ़ोटोग्राफ़र के रूप में काम किया। वे 1966 में ही यूनान लौटीं। 1985 में उन्होंने अपना संग्रह और अपने कैमरे एथेंस के बेनाकी संग्रहालय को दान कर दिए, और 1998 में लगभग सौ वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।
कृतियाँ

नेलीज़ ने लोगों और जगहों की तस्वीरें लीं, पर उनका बड़ा विषय स्वयं यूनान था, पुराना और नया। उनकी सबसे प्रसिद्ध तस्वीरें एक्रोपोलिस की हैं। 1927 में उन्होंने नर्तकी मोना पाएवा को हल्की, लगभग पारदर्शी पोशाक में पार्थेनॉन के स्तंभों के बीच नृत्य करते हुए खींचा; ये तस्वीरें विदेश में सराही गईं और एथेंस में विवाद का कारण बनीं, जहाँ बहुतों का मानना था कि पवित्र स्मारक का ऐसा उपयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कवि आंगेलोस सिकेलियानोस और उनकी पत्नी ईवा पामर द्वारा आयोजित डेल्फ़ी उत्सवों की भी तस्वीरें लीं, जिनमें डेल्फ़ी के रंगमंच में प्राचीन वेशभूषा में अभिनेता थे।
यूनानी ग्रामीण इलाक़ों की उनकी तस्वीरें – चरवाहे, कुएँ पर स्त्रियाँ, मछुआरे, द्वीपों के गिरजाघर – बड़ी सावधानी से रची गई हैं, तेज़ रोशनी और गहरी छायाओं के साथ। कुछ प्रसिद्ध जोड़ियों में उन्होंने एक आधुनिक ग्रामीण का चेहरा एक प्राचीन मूर्ति के बगल में रखा, यह संकेत देने के लिए कि उनके समय के यूनानी प्राचीन यूनानियों के सीधे वंशज हैं। यह विचार उस समय की विचारधारा से मेल खाता था, और आज इतिहासकार इस पर आलोचनात्मक चर्चा करते हैं, पर तस्वीरें अपने आप में सुंदर बनी हुई हैं।
पर्यटन पोस्टरों और 1939 के विश्व मेले के लिए उनके काम ने उनकी तस्वीरों को दुनिया भर में प्रसिद्ध किया। इंस्टाग्राम से बहुत पहले नेलीज़ ने तय कर दिया था कि यूनान की तस्वीर कैसी दिखनी चाहिए: धूप, संगमरमर, नीला आसमान और गरिमामय लोग – एक दृष्टि जो आज भी पोस्टकार्डों और विज्ञापनों में जीवित है।
आज के यूनान में विरासत
नेलीज़ का संग्रह, हज़ारों-हज़ार नेगेटिव और प्रिंट, एथेंस के बेनाकी संग्रहालय में सुरक्षित है, जिसने उनके काम की प्रदर्शनियाँ आयोजित की हैं और उन पर पुस्तकें प्रकाशित की हैं। पार्थेनॉन की नर्तकियों और यूनानी गाँवों की उनकी तस्वीरें 1920 और 1930 के दशकों पर बनी किताबों, पत्रिकाओं और वृत्तचित्रों में बार-बार दिखाई देती हैं। जब आप नीले आसमान के सामने खड़े स्तंभों वाला यूनान का कोई क्लासिक पर्यटन पोस्टर देखते हैं, तो आप देखने का वह ढंग देख रहे होते हैं जिसे गढ़ने में उन्होंने मदद की। शिक्षार्थी इंटरनेट पर उनकी तस्वीरें खोज सकता है, एक चुनकर यूनानी में उसका वर्णन कर सकता है: तस्वीर में कौन है, वे कहाँ हैं, क्या कर रहे हैं। यह एक सरल अभ्यास है और सौ साल पहले के यूनान से मिलने का अच्छा तरीक़ा भी।
क्या आप जानते हैं?
- उनका पेशेवर नाम Nelly's, नेली से आता है, जो उनके नाम एली का दुलार भरा रूप है।
- 1927 में पार्थेनॉन पर एक नर्तकी की उनकी तस्वीरों ने कई एथेंसवासियों को चौंका दिया।
- वे 1939 के विश्व मेले के लिए न्यूयॉर्क गईं और 1966 तक यूनान नहीं लौटीं।
- वे लगभग सौ वर्ष तक जीवित रहीं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Φωτογραφείο στην Αθήνα | एथेंस में उनका अपना फ़ोटो स्टूडियो | 1920s |
| Η Μόνα Παέβα στον Παρθενώνα | पार्थेनॉन पर नर्तकी मोना पाएवा | 1927 |
| Οι Δελφικές Εορτές | डेल्फ़ी उत्सवों की तस्वीरें | 1927–1930 |
| Τουριστικές αφίσες για την Ελλάδα | यूनान के पर्यटन पोस्टर | 1930s |
| Το ελληνικό περίπτερο στην Παγκόσμια Έκθεση της Νέας Υόρκης | न्यूयॉर्क विश्व मेले के यूनानी मंडप के लिए फ़ोटो-भित्तिचित्र | 1939 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Η Μόνα Παέβα στον Παρθενώνα
I Mona Paeva ston Parthenona
पार्थेनॉन पर मोना पाएवा

























