जीवन
बेल्लू का जन्म 22 अगस्त 1921 को द्रोसिया में हुआ, जो खाल्किदा के पास एक गाँव है; खाल्किदा एविया द्वीप का वह शहर है जो एक प्रसिद्ध पुल से मुख्य भूमि से जुड़ा है। वे एक गरीब परिवार में पलीं और कम उम्र में ही एथेंस आ गईं। जर्मन कब्ज़े (1941–44) के दौरान उन्होंने प्रतिरोध आंदोलन में भाग लिया, और 1943 में एक विश्वासघात के बाद गेस्टापो ने उन्हें गिरफ़्तार कर यातनाएँ दीं; इन कठिन वर्षों ने वह दृढ़ता गढ़ी जो लोगों ने बाद में उनकी आवाज़ में सुनी।
युद्ध के बाद वे एथेंस के छोटे तावेर्नाओं में गाती थीं। लगभग 1947 में वासिलिस त्सित्सानिस ने उन्हें सुना और अपने साथ ले लिया। उनके साथ उन्होंने «Τζίμης ο Χοντρός» (मोटा जिमी) क्लब में और रिकॉर्डिंग स्टूडियो में गाया, और उनके बुज़ूकी के साथ उनकी गहरी आवाज़ युद्धोत्तर यूनानी गीत की क्लासिक ध्वनियों में से एक बन गई। 1950 और 1960 के दशकों में, जब रेबेतिको का चलन ख़त्म हुआ और हल्का लोकप्रिय संगीत हावी हो गया, उनके कठिन वर्ष रहे। 1966 से उन्होंने दियोनिसिस सावोपूलोस जैसे युवा संगीतकारों के साथ काम किया, और 1970 के दशक में सैन्य तानाशाही के पतन के बाद रेबेतिको के पुनरुत्थान ने उन्हें फिर से सितारा बना दिया: छात्र और युवा संगीतकार उन्हें सुनने के लिए हॉल भर देते थे, और उन्होंने फिर से रिकॉर्डिंग और प्रस्तुतियाँ कीं, अब एक जीवित किंवदंती के रूप में। वे बुढ़ापे तक गाती रहीं और 27 अगस्त 1997 को एथेंस में उनका निधन हुआ।
कृतियाँ

बेल्लू गीत नहीं लिखती थीं; वे गायिका-व्याख्याकार थीं, और उनकी कला उनकी आवाज़ थी। वह एक स्त्री के लिए असामान्य रूप से गहरी थी, पुरुष स्वर-क्षेत्र के क़रीब, एक सूखी, लगभग कठोर धार के साथ, और बिना दिखावटी अलंकरण के। वे स्थिर खड़ी होकर, बिना हाव-भाव के गाती थीं, और ख़ुश करने की कोशिश नहीं करती थीं। पुरुषों की दुनिया में, बुज़ूकी वादकों, तावेर्ना मालिकों, ζεϊμπέκικο नर्तकों के बीच, वे भारी गीत बराबरी से गाती थीं, और पुरुष भी उनसे बराबरी का व्यवहार करते थे।
उनका नाम सबसे बढ़कर त्सित्सानिस से जुड़ा है। 1948 में उन्होंने प्रोद्रोमोस त्साउसाकिस के साथ Συννεφιασμένη Κυριακή (बादलों भरा रविवार) की पहली रिकॉर्डिंग में गाया, वह गीत जो त्सित्सानिस ने कब्ज़े वाले थेसालोनिकी में लिखा था और जिसे कई यूनानी अपना दूसरा राष्ट्रगान कहते हैं। अगले वर्षों में उन्होंने प्रेम, विश्वासघात, गरीबी और रात के बारे में उनके दर्जनों गीत रिकॉर्ड किए, और मार्कोस वाम्वाकारिस जैसे पुराने रेबेतिको उस्तादों के गीत भी गाए। 1970 के दशक में उनके रिकॉर्डों और संगीत-समारोहों ने पुराने संग्रह से उस युवा श्रोता-वर्ग का परिचय कराया जो रॉक और थेओदोराकिस व हात्ज़िदाकिस के कला-गीतों के साथ बड़ा हुआ था। उनके लिए बेल्लू पुरानी यादें नहीं, बल्कि प्रामाणिकता थीं: गरीब मोहल्लों और बंदरगाहों से निकले संगीत की सच्ची आवाज़।
आज के यूनान में विरासत
कई यूनानियों के लिए बेल्लू आज भी रेबेतिको की आवाज़ हैं, और उनकी रिकॉर्डिंग किसी भी संगीत प्लेटफ़ॉर्म पर आसानी से मिल जाती हैं। त्साउसाकिस के साथ 1948 के 'बादलों भरा रविवार' से शुरू कीजिए, फिर 1970 के दशक की उनकी लाइव रिकॉर्डिंग सुनिए, जब उनकी आवाज़ और भी गहरी थी। उन्हें अक्सर मारिका नीनू के साथ त्सित्सानिस के स्वर्ण युग की दो महान स्त्रियों में गिना जाता है, और आज के युवा रेबेतिको गायक अब भी ख़ुद को उनसे मापते हैं। उनका जीवन किताबों और वृत्तचित्रों का विषय रहा है, और उनके गृहनगर खाल्किदा में उन्हें उसकी प्रसिद्ध संतानों में से एक के रूप में याद किया जाता है। एक अच्छा अभ्यास: उनका गाया एक गीत सुनिए और जो शब्द पहचानें उन्हें लिखिए, καρδιά, νύχτα, αγάπη।
क्या आप जानते हैं?
- दिसंबर 1944 में वे एथेंस की लड़ाई में लड़ीं और घायल हुईं।
- जर्मन कब्ज़े के दौरान वे प्रतिरोध आंदोलन में थीं और इसके लिए गिरफ़्तार हुईं।
- 1948 में 'बादलों भरा रविवार' की पहली रिकॉर्डिंग में प्रोद्रोमोस त्साउसाकिस के साथ उन्हीं की आवाज़ है।
- 1970 के दशक में उनकी वापसी का नेतृत्व उन युवाओं ने किया जो उनकी पहली रिकॉर्डिंग के समय पैदा भी नहीं हुए थे।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Στην Αντίσταση | कब्ज़े के दौरान प्रतिरोध आंदोलन में | 1941–44 |
| Η γνωριμία με τον Τσιτσάνη | वासिलिस त्सित्सानिस द्वारा खोजी गईं | 1947 |
| Συννεφιασμένη Κυριακή | बादलों भरा रविवार (पहली रिकॉर्डिंग, त्साउसाकिस के साथ) | 1948 |
| Η αναβίωση του ρεμπέτικου | रेबेतिको पुनरुत्थान के संगीत-समारोह और रिकॉर्डिंग | 1970s |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Συννεφιασμένη Κυριακή, μοιάζεις με την καρδιά μου
Synnefiasmeni Kyriaki, moiazeis me tin kardia mou
बादलों भरे रविवार, तुम मेरे दिल जैसे हो

























