जीवन
यानिस मार्कोपुलोस का जन्म 18 मार्च 1939 को क्रीत के हेराक्लियोन में हुआ और वे इएरापेत्रा में बड़े हुए। उन्होंने वायलिन सीखा और स्थानीय बैंड में क्लैरिनेट बजाया। क्रीती संगीत, रेडियो का ऑर्केस्ट्रा और पूर्वी भूमध्यसागर की ध्वनियाँ शुरुआती संगीत संसार बनीं। 1956 में एथेंस संगीत विद्यालय में पढ़ने आए। सिनेमा भी कार्यक्षेत्र बना: निकोस कुंदुरोस की Μικρές Αφροδίτες (युवा अफ्रोदिताएँ) का संगीत 1963 में थेसालोनिकी में पुरस्कृत हुआ। 1967 में सैन्य तानाशाही शुरू होने पर लंदन गए, जहाँ रचना जारी रखी और एलिज़ाबेथ लुट्यन्स के साथ ज्ञान बढ़ाया।
1969 में एथेंस लौटकर उन्होंने गीत-चक्र और प्रस्तुतियाँ विकसित कीं, जो आधुनिक रचना को यूनानी वाद्यों और आवाज़ों से जोड़ती थीं। निकोस क्सिलुरिस मुख्य सहयोगी बने। Χρονικό (वृत्तांत, 1970), Ριζίτικα (क्रीती रिज़ितिका गीत, 1971) और Θητεία (सेवा, 1974) उस दौर के हैं, जब संगीत लोकतांत्रिक स्वतंत्रता की सार्वजनिक माँग भी व्यक्त करता था। काम रंगमंच, सिनेमा, ऑर्केस्ट्रा और ओरातोरियो तक फैला। नवंबर 2012 में एथेंस कॉन्सर्ट हॉल ने एकल गायकों, ऑर्केस्ट्रा और गायन-मंडली के साथ उनकी सिम्फोनिक रचनाएँ तथा Ήλιος ο Πρώτος (प्रथम सूर्य) प्रस्तुत किया। निधन 10 जून 2023 को हुआ।
कृतियाँ

मार्कोपुलोस ने अपना कलात्मक प्रस्ताव Επιστροφή στις Ρίζες (जड़ों की ओर वापसी) कहा: जीवित परंपरा से नए संगीत रूपों की कल्पना। धनुष से बजने वाली क्रीती लिरा और हथौड़ियों से बजने वाला सान्तुरी सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा के वाद्यों से मिल सकते थे। यह रचनाओं और पुराने संगीत की नई प्रस्तुतियों में सुनाई देता है। निकोस क्सिलुरिस के साथ Ριζίτικα (क्रीती रिज़ितिका गीत, 1971), पारंपरिक गीतों पर आधारित है जिन्हें उन्होंने रूपांतरित और संयोजित किया। उनकी पारंपरिक भाषा और क्षेत्रीय शब्द इस पृष्ठ की सरल आधुनिक यूनानी से अलग हैं।
कविता से दूसरा स्थायी मेल बना। Ήλιος ο Πρώτος (प्रथम सूर्य, 1969) एलितिस के 1943 के संग्रह को गायकों, बोले हुए वर्णन और गायन-मंडली से संगीत देता है। अपने हस्ताक्षरित एल्बम-लेख में मार्कोपुलोस ने एलितिस की पीढ़ी के प्रति ऋण बताया। Χρονικό (वृत्तांत, 1970) और Ιθαγένεια (मूल पहचान, 1972) में K. H. Myris के पाठ हैं; Θητεία (सेवा, 1974) में मानोस एलेफ्थेरिउ के शब्द। ये संगीतकार और लेखकों का सहयोग हैं, केवल मार्कोपुलोस की लिखी कविताएँ नहीं। शीर्षक Ήλιος ο Πρώτος से उपयोगी बात मिलती है: πρώτος का अर्थ पहला है और उसका अंत संज्ञा के अनुसार बदलता है।
आज के यूनान में विरासत
मार्कोपूलोस ने कविता और वाद्य परंपराओं को साझा सार्वजनिक संगीत अनुभव का हिस्सा बनाया। उनकी रिकॉर्डिंग विशिष्ट कवियों, गायकों और वादकों का योगदान भी सुरक्षित रखती हैं। छोटे यूनानी अभ्यास के लिए 13 नवंबर 2012 का एथेंस संगीत सभागार का कार्यक्रम खोलें और Ήλιος ο Πρώτος (प्रथम सूर्य) खोजें। केवल शीर्षक उतारें, फिर अपने तीन उदाहरण लिखें: ο πρώτος δίσκος, η πρώτη συναυλία, το πρώτο τραγούδι। कॉपी में इन्हें ο, η और το के नीचे रखें। πρώτος के बदलते प्रत्यय पर गोला लगाएँ। इन वाक्यांशों से पहले रिकॉर्ड, संगीत सभा या गीत की बात कर सकते हैं; अभ्यास लिखित कार्यक्रम पर आधारित है और एलीतिस की पूरी कविता समझना आवश्यक नहीं है।
क्या आप जानते हैं?
- इएरापेत्रा में बचपन के दौरान उन्होंने वायलिन सीखा और स्थानीय बैंड में क्लैरिनेट बजाया।
- Ριζίτικα में पारंपरिक क्रीट गीतों के उनके संयोजन हैं।
- एलीतिस ने Ήλιος ο Πρώτος 1943 में प्रकाशित किया; मार्कोपूलोस की संगीत रचना 1969 में आई।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Ήλιος ο Πρώτος | प्रथम सूर्य | 1969 |
| Χρονικό | वृत्तांत | 1970 |
| Ριζίτικα | रिज़ीतिका: पारंपरिक क्रीट गीत | 1971 |
| Ιθαγένεια | मूल पहचान | 1972 |
| Θητεία | सेवा | 1974 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Το έργο το νιώθω σαν ένα χρέος στη γενιά του Ελύτη…
To érgo to niótho san éna chréos sti geniá tou Elýti…
मैं इस रचना को एलीतिस की पीढ़ी के प्रति एक ऋण की तरह महसूस करता हूँ…

























































































