जीवन
आर्खीलोखोस पारोस के प्राचीन यूनानी कवि थे, जो ईसा पूर्व सातवीं सदी में सक्रिय थे। पारोस और थासोस कविता तथा बाद की जीवनकथाओं की भौगोलिक पृष्ठभूमि हैं। हेरोदोतुस उन्हें लीडिया के राजा गीगेस का समकालीन बताते हैं। इससे काल का अंदाज़ मिलता है, पर सही जन्म-मृत्यु वर्ष अनिश्चित हैं। कविता द्वीपों, प्रवास, युद्ध और सामाजिक प्रतिस्पर्धा की दुनिया से आती है। सजीव प्रथम पुरुष सावधानी माँगता है: अरस्तू बताते हैं कि गीगेस वाले अंश19 का वक्ता बढ़ई खारोन है। काव्य-स्वर अपने आप लेखक के जीवन की घटना सिद्ध नहीं करता।
रचनाएँ प्राचीन उद्धरणों, पांडुलिपियों और पपाइरस में बचे अंशों से मिलती हैं। आधुनिक संपादक इन्हें क्रमांक देते हैं; यहाँ वेस्ट के अंक हैं। ये प्राचीन पुस्तक-नाम या निश्चित कालक्रम नहीं हैं। पारोस ने स्मारकों और शिलालेखों से भी उन्हें याद किया। ईसा पूर्व तीसरी सदी का म्नेसीएपेस शिलालेख उनकी काव्य-प्रेरणा की कथा सुनाता है, उनके जीवन के सदियों बाद। यह बाद की स्मृति है, प्रत्यक्षदर्शी जीवनी नहीं। उनका स्थायी साहित्यिक स्थान सम्मान, धन, शोक और मानवीय सहनशक्ति पर प्रश्न उठाने वाले स्वरों में है।
कृतियाँ

अंश1 और2 सैनिक जीवन को काव्य-कौशल और रोज़ की जीविका से जोड़ते हैं। पहले में वक्ता युद्ध-देवता की सेवा करता और म्यूज़ाओं का वरदान जानता है। दूसरे में रोटी और शराब बार-बार भाले से जुड़ते हैं। संक्षिप्त बिंब अलग पहचानों को एक स्वर देते हैं। अंश5, जिसे वर्णन के लिए ढाल-कविता कहते हैं, में वक्ता खोए उपकरण से अधिक जीवित रहने को मानता है। वह दूसरी ढाल पाने की सोचता है। सैनिक सम्मान की अपेक्षा को सहज चुनौती देना इसकी तीखी बात है।
अंश19 बढ़ई खारोन के माध्यम से गीगेस के सोने और सत्ता के प्रति उदासीनता कहता है। अंश128 अपने हृदय से बोलकर सफलता और दुख में अति से बचने पर विचार करता है। ये आधुनिक क्रमांक और वर्णनात्मक नाम हैं; क्रम संख्यात्मक है, रचना-तिथियाँ अज्ञात। भाषा प्राचीन यूनानी, मुख्यतः आयोनिक और छंदबद्ध है। आधुनिक रूपांतर कठिन मूल रूपों से पहले स्थिति समझाता है। अंश5 की छोड़ी वस्तु से हमारा अलग दैनिक अभ्यास είχα (मेरे पास था), έχω (मेरे पास है) तक जाता है और पेंसिल की पिछली व वर्तमान जगह बताता है।
आज के यूनान में विरासत
यूनानी शैक्षिक संकलनों में आर्खीलोखोस का मूल, आधुनिक अनुवाद और टिप्पणियाँ साथ हैं। यूनानी भाषा केंद्र का अंश 5 West खोलकर पहले ढाल-प्रसंग का आधुनिक यूनानी अनुवाद और टिप्पणियाँ पढ़ें। फिर अपनी मेज़ पर पेंसिल पकड़ें, कॉपी के पास रखें और कहें Πριν είχα το μολύβι στο χέρι (पहले मेरे हाथ में पेंसिल थी), Τώρα το έχω στο τραπέζι (अब वह मेरी मेज़ पर है)। वस्तु हटाते समय είχα (मेरे पास था), έχω (मेरे पास है) सामने रखें। साथी दूसरी स्थिति-बदलाव बताए। यह दैनिक आधुनिक यूनानी का अभ्यास है; प्राचीन आयोनिक रूपों की अलग व्याख्या चाहिए।
क्या आप जानते हैं?
- वेस्ट के अंक आधुनिक संदर्भ हैं, प्राचीन शीर्षक नहीं।
- ढाल की चार पंक्तियाँ अंश कहलाने पर भी पूरी छोटी कविता हो सकती हैं।
- अरस्तू गीगेस-कविता का वक्ता बढ़ई खारोन बताते हैं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Απόσπασμα 1 West — πολεμιστής και Μούσες | अंश 1 — योद्धा और म्यूज़ाएँ | 7th c. BCE |
| Απόσπασμα 2 West — το δόρυ | अंश 2 — भाला | 7th c. BCE |
| Απόσπασμα 5 West — η ασπίδα | अंश 5 — ढाल | 7th c. BCE |
| Απόσπασμα 19 West — ο Γύγης | अंश 19 — गीगेस | 7th c. BCE |
| Απόσπασμα 128 West — προς την καρδιά | अंश 128 — हृदय को संबोधन | 7th c. BCE |
याद रखने लायक एक पंक्ति
αὐτὸν δ᾽ ἐξεσάωσα. τί μοι μέλει ἀσπὶς ἐκείνη;
आज की यूनानी मेंΤον εαυτό μου όμως τον έσωσα. Τι με νοιάζει εκείνη η ασπίδα;
aftón d’ exesáosa. ti mi méli aspís ekíni?
पर मैंने स्वयं को बचा लिया। उस ढाल से मुझे क्या मतलब?

























































































