जीवन
स्ताव्रोस कुयुम्त्ज़ीस का जन्म 1932 में थेसालोनिकी के हेप्तापिर्गियोन के पास शरणार्थी बस्ती में हुआ। परिवार एशिया माइनर से आया था। आसपास के गीतों ने यूनानी लोकप्रिय संगीत के प्रति लगाव बनाया, जबकि थेसालोनिकी के राजकीय संगीतविद्यालय में पियानो की पढ़ाई ने दूसरा संगीत-संसार खोला। शुरुआती अनुभवों ने मोहल्ले की आवाज़ों और औपचारिक प्रशिक्षण को जोड़ा।
1960 में उन्होंने Το περιστεράκι (नन्हा कबूतर) लिखा, जिसे ज़ोई कुरूक्ली ने यूनानी रेडियो गीत-महोत्सव में गाया। 1967 में एथेंस आकर Minos कंपनी के साथ काम शुरू किया। जॉर्ज दालारास के साथ लंबा संबंध उनकी रिकॉर्डिंग का प्रमुख अंग बना; हारिस अलेक्सीयू और आना विस्सी से भी सहयोग हुआ। कुछ गीतों के बोल स्वयं लिखे और कवियों तथा गीतकारों के साथ भी काम किया।
1988 में थेसालोनिकी लौटे। बाद में धार्मिक पाठों को नया संगीतमय रूप दिया: जून 1997 में एथेंस संगीत भवन के कार्यक्रमों से Ύμνοι αγγέλων σε ρυθμούς ανθρώπων (मानवीय लयों में देवदूतों के स्तोत्र) नामक एल्बम 1998 में जारी हुआ। 12 मार्च 2005 को निधन हुआ। उनकी यात्रा स्टूडियो, मंच और पीढ़ियों द्वारा गाए शब्दों को जोड़ती है।
कृतियाँ

कुयुम्त्ज़ीस ने यूनानी लोकप्रिय गीत को अंतरंग और भावपूर्ण रूप दिया। धुन बड़े नाटकीय प्रदर्शन के बिना भावना पहुँचाती है; गायक का उच्चारण किसी रोज़मर्रा के शब्द को कोमल या व्याकुल बना सकता है। संगीत-शिक्षा और लोकप्रिय गीतों का परिचय मानव आवाज़ के लिए रची कृतियों में मिलते हैं।
Να ’τανε το 21 (काश 21 होता, 1970) में उनका संगीत, दालारास की आवाज़ और सोतिया त्सोतु समेत कई लेखकों के बोल मिले। Μικρές πολιτείες (छोटी बस्तियाँ, 1974) में मानोस एलेफ्थेरियू से पहला सहयोग और आना विस्सी का गायन है। अंत का शीर्षक-संगीत वाद्य रचना है। Στα ψηλά τα παραθύρια (ऊँची खिड़कियों पर, 1975) ने साझेदारी जारी रखी। लेफ्तेरिस पापादोपुलोस ने शीर्षक-गीत के बोल लिखे; कुयुम्त्ज़ीस ने संगीत रचा और संयोजित किया।
Μικραίνει ο κόσμος (दुनिया छोटी होती है, 1982) ने दीनोस ख्रिस्तियानोपुलोस समेत कविता से संबंध बढ़ाया। बाद के मानवीय लयों में देवदूतों के स्तोत्र ने धार्मिक पाठों को गीत-रूप दिया। ये काम शब्दों और उनके संगीतमय रूप पर ध्यान दिखाते हैं। रोज़मर्रा के गीत, कविता और धार्मिक भाषा अलग श्रवण-अनुभव और यूनानी सीखने वालों के लिए अलग चुनौतियाँ लाते हैं।
आज के यूनान में विरासत
Μικρές πολιτείες और Στα ψηλά τα παραθύρια शीर्षकों से शुरू करें। यहाँ πολιτείες बस्तियों या शहरों का बोध कराता है। मोहल्ला बनाएँ और छोटी सड़क, छोटा चौक तथा छोटी खिड़की लिखें: μικρός δρόμος, μικρή πλατεία, μικρό παράθυρο। दो ऊँची खिड़कियाँ जोड़कर δύο ψηλά παράθυρα कहें। शीर्षक के παραθύρια की आम रूप παράθυρα से तुलना करें। नाम ज़ोर से पढ़ें, फिर चित्र दिखाए बिना साथी को बताएँ। वह समझी बात का चित्र बनाए। अंत में चित्र मिलाएँ और एक विवरण सुधारें। एलबम के परिचित बिंब विशेषणों के अंत सुनने और रोज़मर्रा की आधुनिक यूनानी में जगह समझाने का व्यावहारिक साधन बनते हैं।
क्या आप जानते हैं?
- उन्होंने थेसालोनिकी के राजकीय संगीतविद्यालय में पियानो पढ़ा।
- छोटी बस्तियाँ का अंतिम शीर्षक-संगीत वाद्य रचना है।
- 1998 का स्तोत्र एलबम जून 1997 के एथेंस संगीत भवन के कार्यक्रमों के बाद आया।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Να ’τανε το 21 | काश 21 होता — एलबम | 1970 |
| Μικρές πολιτείες | छोटी बस्तियाँ — एलबम | 1974 |
| Στα ψηλά τα παραθύρια | ऊँची खिड़कियों पर — एलबम | 1975 |
| Μικραίνει ο κόσμος | दुनिया छोटी होती है — एलबम | 1982 |
| Ύμνοι αγγέλων σε ρυθμούς ανθρώπων | मानवीय लयों में देवदूतों के स्तोत्र — सजीव रिकॉर्डिंग | 1998 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Ήθελα ό,τι γράψω να είναι σε φόρμα τραγουδιού.
Íthela ó,ti grápso na íne se fórma tragoudioú.
मैं चाहता था कि जो भी लिखूँ, गीत के रूप में हो।

























































































