जीवन
आंद्रेआस फ़्रांगियास 1921 में एथेंस में जन्मे और वहीं बड़े हुए। अर्थशास्त्र व वाणिज्य विद्यालय में पढ़े, पर उपाधि पूरी नहीं की। 1940 में कलाकारों के साक्षात्कार से पत्रकारिता शुरू की; कब्ज़े के दौर में प्रतिरोध और भूमिगत प्रेस से जुड़े। 1947 में इकारिया निर्वासित हुए। सैन्य सेवा में माक्रोनिसोस भेजे गए, जहाँ 1950–1952 का बड़ा हिस्सा बिताया। ये अनुभव कथा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि हैं। लौटकर अख़बारों और पत्रिकाओं में काम आजीविका बना रहा।
पहला उपन्यास Άνθρωποι και σπίτια (लोग और मकान) 1955 में आया। फिर Η καγκελόπορτα (लोहे का फाटक, 1962) और Λοιμός (महामारी, 1972) आए। अंतिम पर पांदेलिस वुल्गारिस ने 1976 में Happy Day फ़िल्म बनाई। Το πλήθος (भीड़) 1985 और 1986 में दो खंडों में आया और 1987 का राज्य उपन्यास पुरस्कार मिला। वे आरिस अलेक्सांद्रु और दिमित्रिस हात्ज़िस के मित्र तथा सहयोगी थे। 2000 में समग्र कृतित्व के लिए महान राज्य साहित्य पुरस्कार मिला। निधन 6 जनवरी 2002 को हुआ। कम प्रकाशित उपन्यास सामान्य जीवन पर इतिहास और सामूहिक दबाव को अलग ढंग से परखते हैं।
कृतियाँ

Άνθρωποι και σπίτια (लोग और मकान, 1955) मुक्ति के एक वर्ष बाद एथेंस के मोहल्ले में है। टूटे घर और बेरोज़गारी संबंधों को आकार देते हैं। आर्यिरिस कुशल कामगार हैं, पर काम नहीं मिलता; येओर्यिया की सिलाई और मशीन बिकने का खतरा वस्तुओं को जीविका और गरिमा से जोड़ते हैं। स्कूल-अंश संवाद और कठिन अतीत की स्मृतियों में आता-जाता है। येओर्यिया मित्र से दोनों के लिए काम पूछती हैं। για σένα και για μένα (तुम्हारे लिए और मेरे लिए) दबाव में परस्पर देखभाल सुनाता है।
Η καγκελόπορτα (लोहे का फाटक, 1962) युद्धोत्तर शहरी जीवन की पड़ताल जारी रखता है। Λοιμός (महामारी, 1972) अनाम शिविर और व्यक्तित्व के संगठित विनाश की ओर जाता है। ऐतिहासिक अनुभव से बनी कथा दस्तावेज़ नहीं है। Το πλήθος (भीड़, 1985–1986) संकेतों, ध्वस्तीकरण, फ़िल्मों और निर्मित तमाशे से सामूहिक नियंत्रण दिखाता है। लोग बड़ी शक्तियों से लड़ते हैं। यूनानी शुरू करने के लिए सहायक संवाद लें: Ψάχνω για δουλειά (मैं काम खोज रहा हूँ), फिर Για σένα; (तुम्हारे लिए?) और Για μένα (मेरे लिए)। भूमिका बदलकर सर्वनाम का संदर्भ पहचानें।
आज के यूनान में विरासत
फ़्रांगियास की किताबें केद्रोस सूची और यूनानी स्कूल-पाठ में हैं। शिक्षा मंत्रालय का Άνθρωποι και σπίτια (लोग और मकान) अंश खोलें; येओर्यिया का दोनों साथियों के काम के बारे में पूछने वाला संवाद खोजें। फिर साथी संग नया संवाद बनाएँ: Ψάχνω για δουλειά (मैं काम खोज रहा हूँ), फिर Για σένα; (तुम्हारे लिए?) और Για μένα (मेरे लिए)। भूमिकाएँ बदलें: वही व्यक्ति दूसरे की बात में σένα और अपने बोलने पर μένα है। जोड़ें Ποια εργαλεία χρειάζεσαι; (तुम्हें कौन-से औज़ार चाहिए?)। मूल उपन्यास के कठिन सामाजिक विवरण से पहले यह छोटा बोलने का अभ्यास है।
क्या आप जानते हैं?
- Άνθρωποι και σπίτια 1947 में लिखना शुरू किया; प्रकाशन 1955 में हुआ।
- चार प्रकाशित उपन्यासों में दो-खंडीय Το πλήθος शामिल है।
- Λοιμός पर वुल्गारिस ने 1976 में Happy Day फ़िल्म बनाई।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Άνθρωποι και σπίτια | लोग और मकान | 1955 |
| Η καγκελόπορτα | लोहे का फाटक | 1962 |
| Λοιμός | महामारी | 1972 |
| Το πλήθος | भीड़ — दो खंड | 1985–1986 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Για σένα και για μένα.
Gia séna kai gia ména.
तुम्हारे लिए और मेरे लिए।

























































































