जीवन
उनका जन्म 2 नवंबर 1911 को क्रीट के हेराक्लियोन में ओडिसियस अलेपुदेलिस के नाम से हुआ; वे लेस्बोस से आए एक ऐसे परिवार की सबसे छोटी संतान थे जिसने साबुन के कारोबार से धन कमाया था। परिवार 1914 में एथेंस चला गया, और एजियन सागर के द्वीप, सबसे बढ़कर लेस्बोस, उनकी गर्मियों और बाद में उनकी कविताओं का परिदृश्य बने। उन्होंने क़ानून की पढ़ाई शुरू की पर पूरी नहीं की, फ़्रांसीसी अतियथार्थवाद और चित्रकारों को खोजा, और 1935 में पत्रिका Τα Νέα Γράμματα में एलितिस उपनाम से अपनी पहली कविताएँ प्रकाशित कीं; यह नाम उन्होंने इसलिए चुना ताकि पारिवारिक कारोबार से उन्हें जोड़कर न देखा जाए।
1940–41 की सर्दियों में उन्होंने इतालवी आक्रमण के विरुद्ध अल्बानियाई मोर्चे पर सेकंड लेफ़्टिनेंट के रूप में सेवा की; इसी अनुभव से Άσμα ηρωικό και πένθιμο για τον χαμένο ανθυπολοχαγό της Αλβανίας (अल्बानिया के खोए हुए सेकंड लेफ़्टिनेंट के लिए वीर और शोक गीत, 1945) का जन्म हुआ। युद्ध के बाद वे लंबे समय तक पेरिस में रहे (1948–52 और फिर तानाशाही के दौरान 1969–71), जहाँ पिकासो, मातीस और अतियथार्थवादियों से उनकी मित्रता हुई, पर एथेंस ही उनका घर बना रहा।
1979 के नोबेल पुरस्कार ने उन्हें सार्वजनिक हस्ती बना दिया, जो उन्हें पसंद नहीं था; वे एथेंस की स्कूफ़ा स्ट्रीट के एक फ़्लैट में शांति से रहे, कोलाज बनाए, सैफ़ो और रैंबो का अनुवाद किया, और अंत तक प्रकाशित करते रहे। 18 मार्च 1996 को एथेंस में उनका निधन हुआ और उन्हें प्रथम क़ब्रिस्तान में दफ़नाया गया।
कृतियाँ
उनके पहले संग्रह, Προσανατολισμοί (दिशाएँ, 1940) और Ήλιος ο Πρώτος (सूर्य प्रथम, 1943), यौवन, समुद्र और एजियन की रोशनी के बारे में उजली, अतियथार्थवादी कविताएँ हैं। फिर, चौदह वर्षों की चुप्पी के बाद, आई Το Άξιον Εστί (यह योग्य है, 1959), तीन भागों में ऑर्थोडॉक्स पूजा-विधि के ढाँचे वाली एक लंबी कविता, जिसमें कवि का जीवन, युद्ध, जर्मन क़ब्ज़ा और गृहयुद्ध यूनानी भाषा और परिदृश्य के इतिहास के साथ घुल-मिल जाते हैं। इसकी सबसे प्रसिद्ध पंक्तियाँ, «Της δικαιοσύνης ήλιε νοητέ», «Ένα το χελιδόνι» और «Ναοί στο σχήμα τ' ουρανού», ग्रीस के सबसे जाने-माने गीत बन गईं जब मिकिस थियोडोराकिस ने 1964 में इस कविता को ऑरेटोरियो के रूप में संगीतबद्ध किया और ग्रिगोरिस बिथिकोत्सिस ने उसे गाया।
Το Μονόγραμμα (मोनोग्राम, 1972) सात भागों की एक ही प्रेम कविता है, वही जिसमें टेक है «Θα πενθώ πάντα, μ' ακούς; για σένα» (मैं हमेशा शोक मनाऊँगा, सुनती हो? तुम्हारे लिए), और शायद बीसवीं सदी की सबसे ज़्यादा उद्धृत यूनानी प्रेम कविता। Μαρία Νεφέλη (मारिया नेफ़ेली, 1978) कवि और 1970 के दशक की एक युवती के बीच संवाद है, और Ο Ήλιος ο Ηλιάτορας (सम्राट सूर्य, 1971) तथा Τα Ρω του Έρωτα (प्रेम के रो अक्षर, 1972) छोटी, गीत जैसी कविताएँ हैं जो संगीतबद्ध होने के लिए लिखी गईं। एलितिस की यूनानी भाषा ऐंद्रिक और सटीक है: समुद्र, हवा, पत्थर और रोशनी के रोज़मर्रा के शब्द बीज़ान्टिन भजनों और होमर के शब्दों के बगल में रखे जाते हैं, और नतीजा ऐसी भाषा है जो एक साथ प्राचीन और ताज़ा धुली हुई लगती है।
आज के यूनान में विरासत
एलितिस से मिलने के लिए थियोडोराकिस का Άξιον Εστί सुनिए: «Της δικαιοσύνης ήλιε νοητέ» और «Ένα το χελιδόνι» थियोडोराकिस के हर संगीत-समारोह और अनगिनत प्रदर्शनों में गाए जाते हैं, और ज़्यादातर यूनानी इन धुनों को जानते हैं पर यह याद नहीं रखते कि शब्द एक नोबेल विजेता की कविता हैं। थियोडोराकिस ने Μικρές Κυκλάδες चक्र से «Του μικρού βοριά» और «Μαρίνα» को भी संगीतबद्ध किया। Το Μονόγραμμα शादियों में ज़ोर से पढ़ी जाती है और वैलेंटाइन कार्डों पर उद्धृत की जाती है। छात्र लिसियम में एलितिस को पढ़ते हैं, ख़ासकर Άξιον Εστί और खोए हुए लेफ़्टिनेंट वाली कविता, और एथेंस, हेराक्लियोन तथा कई अन्य शहरों में Οδυσσέα Ελύτη नाम की सड़क है। उनके जन्म की शताब्दी, वर्ष 2011, को ग्रीस में एलितिस वर्ष घोषित किया गया, जिसमें उनकी कविताओं के साथ-साथ उनके कोलाज की प्रदर्शनियाँ भी लगीं।
क्या आप जानते हैं?
- उनका असली उपनाम अलेपुदेलिस था; कहा जाता है कि एलितिस नाम उनके प्रिय शब्दों, जैसे Ελλάδα, ελπίδα, ελευθερία और Ελένη, की ध्वनियों को जोड़ता है।
- उन्होंने कभी विश्वविद्यालय की डिग्री पूरी नहीं की और न ही लंबे समय तक कोई नियमित नौकरी की; वे पारिवारिक कारोबार से और बाद में अपनी किताबों से जीवनयापन करते थे।
- एलितिस एक दृश्य कलाकार भी थे: उन्होंने पत्रिकाओं की कतरनों और पुरानी नक़्क़ाशियों से सैकड़ों कोलाज बनाए, जो एथेंस और विदेशों में प्रदर्शित हुए।
- 1979 में नोबेल समिति ने उनकी कविता की इसलिए सराहना की कि वह यूनानी परंपरा की पृष्ठभूमि में आधुनिक मनुष्य के स्वतंत्रता और सृजनशीलता के संघर्ष को चित्रित करती है।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Προσανατολισμοί | दिशाएँ | 1940 |
| Ήλιος ο Πρώτος | सूर्य प्रथम | 1943 |
| Άσμα ηρωικό και πένθιμο για τον χαμένο ανθυπολοχαγό της Αλβανίας | अल्बानिया के खोए हुए सेकंड लेफ़्टिनेंट के लिए वीर और शोक गीत | 1945 |
| Το Άξιον Εστί | यह योग्य है (आक्सियोन एस्ती) | 1959 |
| Το Μονόγραμμα | मोनोग्राम | 1972 |
| Μαρία Νεφέλη | मारिया नेफ़ेली | 1978 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Της δικαιοσύνης ήλιε νοητέ / και μυρσίνη συ δοξαστική
Tis dikaiosynis ilie noite / kai myrsini sy doxastiki
न्याय के सूर्य, जिसे मन देखता है, / और तुम, महिमा की मर्टल