जीवन
ओल्गा वोत्सी का जन्म 1922 में पिरेयस में हुआ। वोत्सी उनका साहित्यिक उपनाम था; उनका आधिकारिक नाम ओल्गा बूकी-प्लाती था। उन्होंने एथेंस विश्वविद्यालय के दर्शन संकाय में भाषाशास्त्र पढ़ा। 1959 से उन्होंने तीन वर्ष बॉन विश्वविद्यालय में बिताए, जहाँ उन्होंने जर्मन भाषाशास्त्र और कला-इतिहास के पाठ्यक्रम किए। बारह वर्ष तक उन्होंने यूनान और साइप्रस के सरकारी और निजी स्कूलों में यूनानी भाषा और साहित्य पढ़ाया।
वे पहली बार 1943 में, जर्मन कब्ज़े के दौरान, छपीं, जब पिरेयस की पत्रिका Νεοελληνική Μούσα (आधुनिक यूनानी म्यूज़) ने उनकी कविता Προσευχή (प्रार्थना) प्रकाशित की। उनकी पहली पुस्तक, Ύμνοι (स्तोत्र), 1946 में आई। अगले दशकों में उन्होंने Νέα Εστία, Ευθύνη, Φιλολογική Πρωτοχρονιά और Πνευματική Κύπρος जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं के लिए लिखा। वे यूनानी लेखकों की राष्ट्रीय सोसाइटी और लेखिकाओं के समूह Γυναικεία Λογοτεχνική Συντροφιά (महिला साहित्यिक मंडली) की सदस्य थीं।
मान्यता लगातार मिलती रही। 1971 में उन्हें द्वितीय राजकीय कविता पुरस्कार और 1990 में प्रथम राजकीय कविता पुरस्कार मिला। 1987 में एथेंस अकादमी ने उन्हें लाम्ब्रोस पोर्फ़िरास पुरस्कार दिया, और उन्हें यूनानी ईसाई साहित्य सोसाइटी का एक पुरस्कार भी मिला। 1998 में एथेंस में उनका निधन हुआ। उनकी संकलित कविताएँ 1989 से 2002 के बीच चार खंडों में छपीं, अंतिम दो उनकी मृत्यु के बाद।
कृतियाँ

वोत्सी ने अधिकतर छोटी मुक्त छंद कविताएँ लिखीं, शांत और अंतर्मुखी स्वर में। Ερημικά (एकांत कविताएँ, 1951), Ενδόμυχα (अंतरतम, 1953) और Ύπαρξη και σιωπή (अस्तित्व और मौन, 1958) जैसे शीर्षक उनके मुख्य विषय बताते हैं: अकेलापन, मौन और रोज़मर्रा के जीवन से परे किसी चीज़ की खोज। कुछ कविताएँ बड़े अक्षर से लिखे एक दिव्य «तुम» से बात करती हैं, और आलोचक ख्रिसा स्पिरोपूलू-मार्दिकियान ने वोत्सी पर अपने एक निबंध का शीर्षक «Ένα μεταφυσικό τοπίο» (एक तत्वमीमांसीय परिदृश्य) रखा। उनकी किताबों पर जल्दी ध्यान गया: निकिफ़ोरोस व्रेत्ताकोस ने 1959 में Ύπαρξη και σιωπή की समीक्षा की, और आंद्रेयास करान्दोनिस ने 1967 में Νέα Εστία में Ο μεγάλος ήχος (महान ध्वनि) पर लिखा।
Ενδόμυχα की एक शीर्षकहीन कविता उनका तरीका दिखाती है। यह Προχωρούμε και Σ’ ανασαίνουμε (हम आगे बढ़ते हैं और तुम्हें साँस में भरते हैं) से शुरू होती है। अंधकार और पहाड़ों में खोए, सबसे कटे हुए लोगों का एक समूह एक उपस्थिति को महसूस करता है जो उन्हें रात की हवा की तरह लपेट लेती है, और कविता आश्चर्यजनक रूप से सुख में समाप्त होती है। हवा, रात, बाल, छाया और हाथ जैसी सरल संज्ञाएँ एक अमूर्त अनुभव को वहन करती हैं।
बाद के संग्रह, जैसे Κρύπτη και σύνορο (तहख़ाना और सीमा, 1970), Πήλινο σχήμα (मिट्टी का आकार, 1985) और Ο καιρός σε κοίταζε (समय तुम्हें देख रहा था, 1993), इसी धारा को आगे बढ़ाते हैं। उन्होंने निबंध भी लिखे, जो Πολύεδρα (बहुफलक, 1978) और Οδύνη και ευδία (पीड़ा और साफ़ मौसम, 1984) में संकलित हैं, और काफ़्का के अपने पिता को लिखे पत्र (1971) तथा गेओर्ग ट्राक्ल की गद्य-कविताओं (1974) का यूनानी में अनुवाद किया।
आज के यूनान में विरासत
वोत्सी कोई बहुत प्रसिद्ध नाम नहीं हैं, लेकिन उनकी कविता आज यूनानी स्कूली पठन का हिस्सा है। यूनान के आधिकारिक डिजिटल स्कूली पुस्तक मंच पर, उच्च माध्यमिक के दूसरे वर्ष की पाठ्यपुस्तक Κείμενα Νεοελληνικής Λογοτεχνίας (आधुनिक यूनानी साहित्य के पाठ) के डिजिटल संस्करण में Ενδόμυχα की उनकी शीर्षकहीन कविता शामिल है। उनकी कविताओं के अंग्रेज़ी अनुवाद 1989–1990 में अमेरिकी पत्रिका The Charioteer में छपे, और उनकी रचनाएँ इतालवी, फ़्रांसीसी और पोलिश में अनूदित हुई हैं। यूनानी अभ्यास के लिए पाठ्यपुस्तक का वह पृष्ठ खोलें और σαν या σα (की तरह) वाली हर तुलना ढूँढें। एक बिंब उतारें, फिर उसी ढाँचे पर अपना वाक्य लिखें: Η μουσική με τυλίγει σαν… (संगीत मुझे … की तरह लपेटता है)। अंत में एक यूनानी वाक्य में समझाएँ कि कविता सुख में क्यों समाप्त होती है।
क्या आप जानते हैं?
- वोत्सी एक उपनाम था: उनका आधिकारिक नाम ओल्गा बूकी-प्लाती था।
- उनकी पहली प्रकाशित कविता, Προσευχή (प्रार्थना), 1943 में कब्ज़े के दौरान पिरेयस की एक पत्रिका में छपी।
- उन्होंने बॉन में जर्मन भाषाशास्त्र और कला-इतिहास पढ़ा और बाद में काफ़्का और ट्राक्ल का यूनानी में अनुवाद किया।
- उनकी संकलित कविताएँ चार खंडों में हैं, जिनमें से दो उनकी मृत्यु के बाद छपे।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Ύμνοι | स्तोत्र | 1946 |
| Ενδόμυχα | अंतरतम | 1953 |
| Ύπαρξη και σιωπή | अस्तित्व और मौन | 1958 |
| Κρύπτη και σύνορο | तहख़ाना और सीमा | 1970 |
| Πήλινο σχήμα | मिट्टी का आकार | 1985 |
| Ο καιρός σε κοίταζε | समय तुम्हें देख रहा था | 1993 |
याद रखने लायक एक पंक्ति
Προχωρούμε και Σ’ ανασαίνουμε. Η παρουσία Σου μας τυλίγει σαν τον αγέρα της νύχτας·
Prochoroúme ke S’ anasénoume. I parousía Su mas tylígi san ton agéra tis nýchtas
हम आगे बढ़ते हैं और तुम्हें साँस में भरते हैं। तुम्हारी उपस्थिति हमें रात की हवा की तरह लपेट लेती है;










































