जीवन
बोत्सारिस का जन्म लगभग 1788 में सूली में हुआ, जो एपिरस के पहाड़ों में किलेबंद गाँवों का एक समूह था; वे वहाँ के एक प्रमुख कुल से थे और उनके पिता कित्सोस बोत्सारिस थे। सूलियोट, जो रूढ़िवादी ईसाई थे और यूनानी तथा अल्बानियाई दोनों भाषाएँ बोलते थे, लंबे समय से इओआन्निना के अली पाशा का विरोध करते आए थे। 1803 में आख़िरकार सूली का पतन हुआ और सूलियोट परिवारों ने अपने घर छोड़ दिए: कुछ पार्गा गए, और बहुत से, जिनमें बोत्सारिस परिवार भी था, कोर्फ़ू और दूसरे आयोनियन द्वीपों पर चले गए। वहाँ युवा मार्कोस ने बरसों तक विदेशी कमान के अधीन एक अल्बानियाई रेजिमेंट में सेवा की, और लगभग 1809 में उन्होंने सूलियोट बोली की एक छोटी यूनानी-अल्बानियाई शब्द-सूची लिखी, जो आज भी सुरक्षित है।
1820 में जब अली पाशा ने सुल्तान से नाता तोड़ा, तो सूलियोट एपिरस लौट आए और बोत्सारिस गुप्त संगठन फ़िलिकी एतेरिया में शामिल हुए। क्रांति में वे पश्चिमी यूनान में लड़े: जुलाई 1822 में पेता की लड़ाई में, जो यूनानियों की भारी हार थी, और 1822–23 की सर्दियों में मेसोलोंगी की पहली घेराबंदी में, जिसे रक्षकों ने झेल लिया। अगस्त 1823 में मुस्तफ़ा पाशा के नेतृत्व में एक बड़ी उस्मानी सेना दक्षिण की ओर बढ़ रही थी। 8 से 9 अगस्त की रात (आधुनिक पंचांग में 21 अगस्त) बोत्सारिस ने कुछ सौ सूलियोटों के साथ कार्पेनीसी के पास उसके शिविर पर अचानक हमला किया। हमला सफल रहा, लेकिन बोत्सारिस को गोली लगी और उसी रात उनकी मृत्यु हो गई। उनके साथी उनका शव मेसोलोंगी ले गए, जहाँ उन्हें दफ़नाया गया।
कृतियाँ

बोत्सारिस ने कोई किताब नहीं छोड़ी और पत्र भी बहुत कम; उन्होंने जो छोड़ा वह एक लड़ाई और एक मिसाल है। सैन्य दृष्टि से कार्पेनीसी का रात का हमला एक छोटी कार्रवाई था, और उसने उस्मानी सेना को रोका भी नहीं। लेकिन एक ऐसे कप्तान की कहानी, जिसने अपने सैनिकों के आगे सबसे ख़तरनाक जगह चुनी और जीत के क्षण में वीरगति पाई, तुरंत पूरे यूनान और यूरोप में फैल गई। सोलोमोस ने दर्ज किया, और यूनानी स्कूली किताबें आज भी बताती हैं, कि लड़ाई से पहले की शाम, जब दूसरे कप्तान सरकार द्वारा उन्हें दिए गए जनरल के नियुक्ति-पत्र से नाराज़ थे, उन्होंने यूनानियों को एकजुट रखने के लिए उसे फाड़ दिया।
विदेश में उनकी मृत्यु उन वर्षों में हुई जब यूरोप यूनानी संघर्ष के प्रति उत्साह से भरा था। 1825 में अमेरिकी कवि फ़िट्ज़-ग्रीन हैलेक ने Marco Bozzaris प्रकाशित की, एक लंबी कविता जिसे अमेरिकी स्कूली बच्चे दशकों तक कंठस्थ करते रहे, और यूनानी राष्ट्रगान के कवि दियोनिसियोस सोलोमोस ने भी उन पर पंक्तियाँ लिखीं। उनका परिवार नए यूनानी राज्य के क़रीब रहा: उनके भाई कोस्तास बोत्सारिस जनरल और सीनेटर बने, और उनकी बेटी कतेरीना, जिसे रोज़ा कहा जाता था, एथेंस में रानी अमालिया की सहचरी बनीं और अपनी सुंदरता के लिए मशहूर हुईं। यूनानियों के लिए बोत्सारिस पूरे सूली की कहानी का हिस्सा हैं: अली पाशा का प्रतिरोध, ज़ालोंगो की स्त्रियाँ, कोर्फ़ू का निर्वासन और 1821 में लड़ने के लिए वापसी।
आज के यूनान में विरासत
किसी भी यूनानी शहर में घूमिए, आपको शायद एक οδός Μάρκου Μπότσαρη, यानी मार्कोस बोत्सारिस मार्ग मिल जाएगा; स्कूल और चौक भी उनके नाम पर हैं। मेसोलोंगी में उनकी क़ब्र Κήπος των Ηρώων (नायकों का उद्यान) में है, वह पार्क जहाँ शहर घेराबंदी की और उन विदेशियों की स्मृति सँजोता है, जैसे लॉर्ड बायरन, जिन्होंने यूनानियों की मदद की। बच्चे प्राथमिक स्कूल में ही उनका नाम 1821 के नायकों में से एक के रूप में सीखते हैं, और 25 मार्च, यूनानी स्वतंत्रता दिवस पर, उनका चित्र कोलोकोत्रोनिस और बूबूलीना के चित्रों के साथ दिखता है। कार्पेनीसी के पास केफ़ालोव्रिसो में रात के हमले की जगह पर उनका एक स्मारक है। अगर आप अंग्रेज़ी पढ़ते हैं, तो हैलेक की कविता यह देखने का सबसे अच्छा तरीक़ा है कि 19वीं सदी के विदेशी पाठक उन्हें कैसे देखते थे।
क्या आप जानते हैं?
- लगभग 1809 में कोर्फ़ू में लिखी उनकी यूनानी-अल्बानियाई शब्द-सूची सूलियोट बोली के गिने-चुने लिखित अभिलेखों में से एक है।
- फ़िट्ज़-ग्रीन हैलेक की कविता «Marco Bozzaris» (1825) ने उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका में प्रसिद्ध कर दिया।
- अगस्त 1823 में कार्पेनीसी के पास, जिस रात उनका हमला सफल हुआ, उसी रात उनकी मृत्यु हुई।
- उनकी बेटी रोज़ा बोत्सारी राजा ओटो और रानी अमालिया के दरबार में सहचरी बनीं।
प्रमुख कृतियाँ
| यूनानी शीर्षक | शीर्षक | वर्ष |
|---|---|---|
| Λεξικό ελληνικό και αρβανίτικο (σουλιώτικο) | यूनानी और अल्बानियाई (सूलियोट) शब्द-सूची | c. 1809 |
| Η μάχη του Πέτα | पेता की लड़ाई | 1822 |
| Η πρώτη πολιορκία του Μεσολογγίου | मेसोलोंगी की पहली घेराबंदी | 1822–1823 |
| Η νυχτερινή επίθεση στο Κεφαλόβρυσο του Καρπενησίου | कार्पेनीसी के पास केफ़ालोव्रिसो में रात का हमला | 1823 |
कृतियों से




विकिमीडिया कॉमन्स से सार्वजनिक डोमेन की तस्वीरें।
याद रखने लायक एक पंक्ति
Έσκισε το δίπλωμα της στρατηγίας του.
Eskise to diploma tis stratigias tou.
उन्होंने अपने जनरल का नियुक्ति-पत्र फाड़ दिया।


























