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नगर और राजनीति

क्लीस्थनीज़ के सुधार और लोकतंत्र का जन्म (508 ई.पू.)

508/7 ई.पू. में, तानाशाह हिप्पियस के पतन के दो साल बाद, अल्कमेओनिड कुल के क्लीस्थनीज़ ने एथेंस की जनता को अपने पक्ष में किया और नागरिकता का नक्शा नए सिरे से खींचा। उसके नए कबीले, डेम और पाँच सौ की परिषद हमें मुख्य रूप से हेरोडोटस और अरस्तू के नाम से प्रचलित ‘एथेंसवासियों का संविधान’ से ज्ञात हैं। यह पृष्ठ बताता है कि स्रोत क्या कहते हैं, इतिहासकार कहाँ असहमत हैं, और उसका δῆμος आज की यूनानी में कैसे जीवित है।

तानाशाही से जनता के दल तक (510–507 ई.पू.)

510 ई.पू. में पेइसिस्ट्रेटस का बेटा, तानाशाह हिप्पियस, स्पार्टा की मदद से एथेंस से निकाल दिया गया। इसके बाद दो अभिजात सत्ता के लिए भिड़े: अल्कमेओनिड कुल का क्लीस्थनीज़ और तिसांद्रोस का बेटा इसागोरस। हेरोडोटस (5.66) कहता है कि हारते हुए क्लीस्थनीज़ ने «δῆμος को अपने गुट में मिला लिया» (τὸν δῆμον προσεταιρίζεται)। ‘एथेंसवासियों का संविधान’ (Ἀθηναίων Πολιτεία 20–21) यही कहानी कहता है और सुधारों को इसागोरस के आर्कन-वर्ष, 508/7 ई.पू., में रखता है।

इसागोरस ने जवाब में स्पार्टा के राजा क्लियोमीनीज़ को बुलाया। क्लीस्थनीज़ शहर छोड़कर चला गया, और क्लियोमीनीज़ ने इसागोरस द्वारा बताए गए सात सौ एथेनियाई परिवारों को निर्वासित किया तथा परिषद को भंग करने की कोशिश की (हेरोडोटस 5.70–72)। परिषद ने इनकार किया, जनता उठ खड़ी हुई, और क्लियोमीनीज़ व इसागोरस दो दिन तक एक्रोपोलिस पर घिरे रहे; तीसरे दिन स्पार्टावासी युद्धविराम के तहत चले गए। क्लीस्थनीज़ और निर्वासितों को वापस बुलाया गया। उसके निजी उद्देश्य जो भी रहे हों, उसका कार्यक्रम उस जनता ने लागू किया जिसने अभी-अभी हथियारों से अपनी रक्षा की थी; इसीलिए कई इतिहासकार इसे ऊपर से दिए गए सुधार के बजाय जन-क्रांति कहते हैं।

कबीले, त्रित्तियाँ और डेम

क्लीस्थनीज़ ने चार पुराने आयोनियाई कबीलों की जगह दस नए कबीले (φυλαί) बनाए। हर कबीले का नाम एक नायक पर रखा गया, जो अयास को छोड़कर सभी एटिका के थे (हेरोडोटस 5.66); ‘एथेंसवासियों का संविधान’ (21.6) के अनुसार डेल्फ़ी की पाइथिया ने सौ नामों की सूची से ये दस चुने। कबीले बनाने के लिए उसने एटिका को तीन क्षेत्रों में बाँटा, नगर (ἄστυ), तट (παραλία) और भीतरी भाग (μεσόγειος), और हर क्षेत्र को दस «तिहाइयों» (τριττύες) में। हर कबीले को चिट्ठी डालकर हर क्षेत्र से एक-एक त्रित्ती मिली (21.4)। इस तरह एक कबीले में नगरवासी, तटवासी और भीतरी इलाकों के किसान मिल जाते थे, और कोई क्षेत्रीय कुल उस पर हावी नहीं हो सकता था।

मूल इकाई डेम (δῆμος) थी, यानी एक गाँव या नगर का एक मोहल्ला। बाद की परिषद-सूचियों से पुनर्निर्मित सामान्य आधुनिक गणना 139 डेम की है; प्राचीन आँकड़े अलग-अलग हैं, और हेरोडोटस (5.69) की यह बात कि क्लीस्थनीज़ ने हर कबीले को «दस डेम» दिए, आज भी विवादित है। हर डेम का एक मुखिया, δήμαρχος, होता था और वह अपने सदस्यों, δημόται, की पंजी रखता था। अब नागरिकों को आधिकारिक रूप से पिता के नाम से नहीं, बल्कि डेम के नाम से पुकारा जाने लगा, ताकि नए नागरिकों को अलग से पहचाना न जा सके (21.4): पाइआनिया डेम का कैलिक्रेटीज़, Καλλικράτης Παιανιεύς। सदस्यता वंशानुगत थी, इसलिए कोई परिवार कहीं और बस जाने के बाद भी अपना डेम बनाए रखता था।

पाँच सौ की परिषद, सेनापति और ऑस्ट्रासिज़्म

नए कबीले राज्य का ढाँचा बन गए। चार सौ की पुरानी परिषद की जगह पाँच सौ की परिषद (βουλή) आई, जिसमें हर कबीले से पचास सदस्य थे (‘एथेंसवासियों का संविधान’ 21.3), और हर डेम एक तय संख्या में सदस्य भेजता था। परिषद सभा के लिए विषय तैयार करती थी। बाद में एक कबीले के पचास पार्षद साल के दसवें हिस्से तक उसकी स्थायी समिति, πρυτανεία, के रूप में काम करते थे, पर यह निश्चित नहीं कि यह बारी-बारी की व्यवस्था स्वयं क्लीस्थनीज़ से शुरू हुई।

इसके बाद और कदम उठाए गए। 501/0 ई.पू. में पार्षदों की शपथ शुरू हुई, और एथेंसवासी दस सेनापति (στρατηγοί) चुनने लगे, हर कबीले से एक (22.2)। ‘एथेंसवासियों का संविधान’ (22.1) ऑस्ट्रासिज़्म (ὀστρακισμός) का क़ानून भी क्लीस्थनीज़ से जोड़ता है: साल में एक बार जनता ठीकरों पर नाम लिखकर मतदान कर सकती थी और किसी व्यक्ति को दस साल के लिए दूर भेज सकती थी। इसका पहला प्रयोग 488/7 ई.पू. में ही हुआ, तानाशाहों के रिश्तेदार, खार्मोस के बेटे हिप्पार्कस के विरुद्ध (22.3–4)। बीस साल के इस अंतर और चौथी सदी के इतिहासकार एंड्रोशन के एक अंश के कारण, जो क़ानून को बाद का बताता प्रतीत होता है, कुछ इतिहासकारों को संदेह है कि इसे क्लीस्थनीज़ ने लागू किया।

इसोनोमिया या लोकतंत्र?

क्या क्लीस्थनीज़ ने लोकतंत्र की स्थापना की? लगभग दो पीढ़ियों बाद लिखने वाला हेरोडोटस उसे वह व्यक्ति कहता है «जिसने एथेंसवासियों के लिए कबीले और लोकतंत्र स्थापित किए» (6.131: τὰς φυλὰς καὶ τὴν δημοκρατίην)। लेकिन δημοκρατία शब्द क्लीस्थनीज़ के समय में प्रमाणित नहीं है, और कई इतिहासकार मानते हैं कि 508/7 ई.पू. का नारा शायद ἰσονομία था, यानी «क़ानून के सामने समानता» या «राजनीतिक व्यवस्था में बराबर हिस्सा»। यह शब्द तानाशाह-हंता हार्मोडियस और अरिस्टोजीटन पर एटिका के भोज-गीत में आता है, जिन्होंने «एथेंस को ἰσονόμους बनाया», और हेरोडोटस स्वयं एथेंस की ἰσηγορίη, यानी बोलने के समान अधिकार, की प्रशंसा करता है कि इसी से तानाशाही के बाद एथेंस शक्तिशाली बना (5.78)।

सीमाएँ भी मायने रखती हैं। केवल वयस्क पुरुष नागरिक भाग लेते थे; स्त्रियाँ, दास और बसे हुए विदेशी नहीं, और आर्कन अब भी धनी वर्गों से आते थे। फिर भी, नागरिकता को एक स्थानीय डेम की पंजी से जोड़कर क्लीस्थनीज़ ने साधारण एथेंसवासियों को एक स्थान, एक वोट और पदों में हिस्सा दिया: वही नींव जिस पर एफ़ियाल्टीज़ और पेरिक्लीज़ का लोकतंत्र खड़ा हुआ।

मुख्य तिथियाँ

  1. 510 BCतानाशाह हिप्पियस स्पार्टा की मदद से एथेंस से निकाला जाता है।
  2. 508/7 BCइसागोरस आर्कन है; स्पार्टा का क्लियोमीनीज़ हस्तक्षेप करता है और दो दिन की घेराबंदी के बाद लौटने को मजबूर होता है।
  3. 508/7 BCक्लीस्थनीज़ के सुधार: दस कबीले, तीस त्रित्तियाँ, डेम और पाँच सौ की परिषद।
  4. 501/0 BCपार्षदों की शपथ शुरू होती है; हर कबीले से एक, दस सेनापति चुने जाते हैं।
  5. 490 BCदस कबीलाई टुकड़ियों में संगठित एथेनियाई सेना मैराथन में जीतती है।
  6. 488/7 BCपहला ऑस्ट्रासिज़्म: खार्मोस का बेटा हिप्पार्कस निर्वासित होता है।
  7. 1834आधुनिक यूनानी राज्य अपनी स्थानीय सरकार को δήμοι में संगठित करता है।

आठ शब्द, तब और अब

प्राचीन यूनानीआज की यूनानीअर्थ
कबीला (आज: नस्ल, जाति)
डेम (आज: नगरपालिका)
डेम का मुखिया (आज: महापौर)
डेम सदस्य, पंजीकृत नागरिक
क़ानून के सामने समानता
परिषद (आज: संसद)
सेनापति
ऑस्ट्रासिज़्म, मतदान से निर्वासन
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