साहित्यिक क्रिया-रूप: -θείς, -όμενος, το ζην
अदालतों और अख़बारों की ग्रीक ऐसे कृदंत प्रयोग करती है जो बोलचाल खो चुकी है। इन्हें पढ़ना आवश्यक है; लिखना विरले ही।

-θείς और -όμενος कृदंत
-θείς भूत कर्मवाच्य कृदंत है (ο συλληφθείς = जिसे गिरफ़्तार किया गया), -όμενος वर्तमान कर्मवाच्य (ο εξεταζόμενος)। ये रूप बदलते हैं और पूरे संबंधवाचक उपवाक्य की जगह लेते हैं।
- Ο συλληφθείς οδηγήθηκε στο αστυνομικό τμήμα.गिरफ़्तार व्यक्ति को थाने ले जाया गया।
- Οι διορισθέντες υπάλληλοι αναλαμβάνουν καθήκοντα τη Δευτέρα.नियुक्त कर्मचारी सोमवार को कार्यभार संभालेंगे।
- Ο εξεταζόμενος έχει δικαίωμα σε δεκαπέντε λεπτά προετοιμασίας.परीक्षार्थी को पंद्रह मिनट की तैयारी का अधिकार है।
| λόγιος τύπος | ισοδύναμο | χρήση |
|---|---|---|
| ο συλληφθείς | αυτός που συνελήφθη | αστυνομικό ρεπορτάζ |
| οι διορισθέντες | αυτοί που διορίστηκαν | διοικητικό |
| ο εξεταζόμενος | αυτός που εξετάζεται | εκπαίδευση, νομικά |
| τα διαλαμβανόμενα | όσα αναφέρονται | νομικά κείμενα |
| ο ενδιαφερόμενος | αυτός που ενδιαφέρεται | αιτήσεις, έντυπα |
| ο υπογράφων | αυτός που υπογράφει | επιστολές, συμβάσεις |
जीवाश्म बने इनफ़िनिटिव
आधुनिक ग्रीक में इनफ़िनिटिव नहीं है — केवल विरासती खंडों में: το ζην, το ευ ζην, το είναι। ये संज्ञा की तरह काम करते हैं और कभी रूप नहीं बदलते।
अन्य स्तरों पर वही विषय
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
समाचार रिपोर्ट में «ο συλληφθείς» का क्या अर्थ है?
अर्थ है “वह व्यक्ति जिसे गिरफ़्तार किया गया”। प्रत्यय «-θείς» विद्वत् भूत कर्मवाच्य कृदंत बनाता है: «Ο συλληφθείς οδηγήθηκε στο αστυνομικό τμήμα»। यह रूप बदलता है और पूरे संबंधवाचक उपवाक्य की जगह ले लेता है: «οι διορισθέντες υπάλληλοι» = «οι υπάλληλοι που διορίστηκαν»।
«-θείς» और «-όμενος» में क्या अंतर है?
«-θείς» भूत कर्मवाच्य कृदंत है — क्रिया हो चुकी: «ο συλληφθείς» (गिरफ़्तार किया गया व्यक्ति)। «-όμενος» वर्तमान कर्मवाच्य कृदंत है — क्रिया चल रही है: «ο εξεταζόμενος» (जिसकी जाँच या परीक्षा चल रही है)।
क्या आधुनिक यूनानी में क्रियार्थक संज्ञा रूप होता है?
नहीं: केवल जीवाश्म बने खंड बचे हैं — «το ζην» (जीना), «το ευ ζην» (सुजीवन), «το είναι» (होना), «εν τω γίγνεσθαι» (बनने की प्रक्रिया में)। ये संज्ञा की तरह काम करते हैं और कभी क्रिया रूप नहीं बदलते।