साहित्यिक सर्वनाम: εαυτού, αλλήλων, ουδείς
जमा हुआ आत्मवाचक, बिना कर्ता-रूप वाला पारस्परिक, और औपचारिक ग्रीक का निरपेक्ष निषेध।

Αλλήλων: पारस्परिकता
Αλλήλων का कर्ता-रूप नहीं है — तर्कसंगत ही: “एक-दूसरे” कर्ता नहीं हो सकता। यह षष्ठी और कर्म में मिलता है, विशेषकर समासों में।
- Οι δύο πλευρές κατηγόρησαν η μία την άλλη.दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
- Η αλληλεγγύη μεταξύ των κρατών-μελών.सदस्य राज्यों के बीच एकजुटता।
Ουδείς और जमा हुआ आत्मवाचक
औपचारिक शैली में ουδείς / ουδεμία / ουδέν, κανένας की जगह लेता है। प्राचीन आत्मवाचक मुख्यतः καθ’ εαυτόν, δι’ εαυτού में बचा है।
अन्य स्तरों पर वही विषय
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
«αλλήλων» का क्या अर्थ है और इसका कर्ता कारक क्यों नहीं होता?
«Αλλήλων» पारस्परिकता बताता है, यानी “एक-दूसरे का”। इसका कर्ता कारक नहीं होता क्योंकि “एक-दूसरे” कभी कर्ता नहीं हो सकता; यह संबंध और कर्म कारक में तथा «αλληλεγγύη» (एकजुटता) जैसे समस्त शब्दों में मिलता है।
«ουδείς» का प्रयोग «κανένας» की जगह कब होता है?
«Ουδείς / ουδεμία / ουδέν» औपचारिक शैली का “कोई नहीं” है: «ουδεμία ευθύνη» (कोई ज़िम्मेदारी नहीं), «ουδέν σχόλιο» (कोई टिप्पणी नहीं)। रोज़मर्रा की भाषा में «κανένας» कहते हैं।
«καθ’ εαυτόν» का क्या अर्थ है?
यह एक जमा हुआ प्राचीन आत्मवाचक रूप है जिसका अर्थ है “अपने आप में”: «το πρόβλημα καθ’ εαυτό» (समस्या अपने आप में)। ऐसे खंड («δι’ εαυτού», «αφ’ εαυτού») ज्यों के त्यों सीखे जाते हैं, क्योंकि आधुनिक यूनानी में इनका विश्लेषण नहीं होता।